थाईलैंड का पटाया अपनी चकाचौंध भरी नाइटलाइफ और सेक्स टूरिज्म के लिए दुनियाभर में मशहूर है। हालांकि, इन रंगीन बार और पर्यटकों की भारी भीड़ के पीछे यहां काम करने वाली महिलाओं की जिंदगी का एक बेहद डरावना और संघर्षपूर्ण पहलू भी है। एएफपी की एक हालिया रिपोर्ट में ऐसी ही महिलाओं की दर्दभरी दास्तां सामने आई है, जो इस दलदल में अपनी रोजी-रोटी तलाशने को मजबूर हैं।
'डरती हूं, इसलिए आज जिंदा हूं' - 20 साल का कड़वा अनुभव
पटाया के एक बार में काम करने वाली एमिली (बदला हुआ नाम) पिछले 20 से ज्यादा वर्षों से इस शहर में हैं। बार की दूसरी महिलाएं उन्हें सम्मान से 'मम' बुलाती हैं। इतने लंबे समय तक इस फील्ड में रहने के बावजूद एमिली हर नए कस्टमर को लेकर बेहद सतर्क रहती हैं। एएफपी से बातचीत में उन्होंने स्वीकार किया कि वह हर मुलाकात से पहले डरती हैं और इसी सतर्कता के कारण वह आज तक सुरक्षित हैं।
उनकी यह चिंता उस समय और बढ़ जाती है जब शहर में दिल दहला देने वाली आपराधिक घटनाएं सामने आती हैं। हाल ही में एक सूटकेस से एक महिला का शव मिलने के मामले में एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक की गिरफ्तारी ने इन वर्कर्स के बीच सुरक्षा के सवालों को फिर से खड़ा कर दिया है। एमिली का कहना है कि ऐसी घटनाएं उन्हें हैरान नहीं करतीं, क्योंकि उन्होंने अपने दो दशकों के करियर में ऐसी अनगिनत डरावनी स्थितियां देखी हैं।
Behind the neon lights of Thailand's Pattaya lies a harsh reality for sex workers who navigate daily safety risks, financial pressures, and social media myths. pic.twitter.com/example
— The Freelance (@TheFreelance_in) January 15, 2025
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सोशल मीडिया का छलावा और असलियत
आजकल सोशल मीडिया और खासकर टिकटॉक पर पटाया की नाइटलाइफ को लेकर कई तरह के भ्रमित करने वाले वीडियो वायरल होते हैं। ग्रामीण इलाकों से आने वाली कई लड़कियां इन वीडियो को देखकर यह मान लेती हैं कि यहां आसानी से और रातों-रात अमीर बना जा सकता है। लेकिन एमिली जैसी अनुभवी महिलाएं बताती हैं कि इस दुनिया की हकीकत बहुत अलग और खतरनाक है। कस्टमर को समझना, अलग-अलग प्रकार के लोगों को डील करना और अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।
गरीबी, कर्ज और मजबूरी का दलदल
रिपोर्ट में 37 साल की ऐन का भी जिक्र है, जो पश्चिमी थाईलैंड से आकर पिछले 10 साल से पटाया में काम कर रही हैं। इससे पहले वह एक हेयरड्रेसर थीं, लेकिन व्यक्तिगत कर्ज, ड्रग्स और अन्य पारिवारिक परेशानियों के चलते उन्हें यह पेशा अपनाना पड़ा। हेल्थ एंड अपॉर्च्युनिटी नेटवर्क से जुड़ी ओरेवान फुंगफूसरी के अनुसार, संस्था पिछले 15 वर्षों से ऐसी महिलाओं की मदद कर रही है। थाईलैंड में भले ही यह कानूनन प्रतिबंधित हो, लेकिन आर्थिक मजबूरी के चलते महिलाएं लगातार इस इंडस्ट्री का हिस्सा बन रही हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल / क्रिएटर।





