नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन में 25 साल पूरे हो गए हैं। इस खास मुकाम पर देश और दुनिया के तमाम बड़े नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि कैसे एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर देश के शीर्ष पद तक का सफर तय किया गया है। पिछले ढाई दशकों में देश की राजनीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इस सियासी सफर के पूरे होने पर सोशल मीडिया से लेकर कूटनीतिक स्तर तक शुभकामनाओं का तांता लगा हुआ है।
अपनी इस राजनीतिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने कई अहम फैसले लिए और संगठन से लेकर सरकार तक मजबूत पकड़ बनाई। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ने अपने राजनीतिक गुरु और देश के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें दोनों नेताओं के बीच पुराना और गहरा जुड़ाव साफ नजर आता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात केवल शिष्टाचार नहीं बल्कि वैचारिक यात्रा के ढाई दशक पूरे होने का एक भावुक पल भी है।
दुनियाभर से मिली बधाइयां और विदेशी नेताओं के संदेश
प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के इस सफर पर दुनिया के कई बड़े नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने संदेश भेजकर उनके नेतृत्व क्षमता की सराहना की है। कुछ अंतरराष्ट्रीय मंचों और नेताओं ने तो उन्हें भारतीय राजनीति का सबसे प्रभावशाली और दूरदर्शी नेता बताया है। सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति ने भी बयान जारी कर पीएम मोदी की तारीफ की है और दावा किया है कि वैश्विक मंच पर उनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण उन्हें कमजोर करने की कोशिशें भी की जाती हैं, लेकिन वे हर चुनौती से पार पा रहे हैं।
इन अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं से साफ है कि भारत की विदेश नीति और वैश्विक कूटनीति में पिछले दस सालों में जो बदलाव आए हैं, उसने दुनिया भर के नेताओं का ध्यान खींचा है। यूरोपीय देशों से लेकर एशियाई और अफ्रीकी देशों तक से बधाई संदेश आने का सिलसिला जारी है। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं बल्कि भारत की बढ़ती आर्थिक और सामरिक ताकत का भी प्रतीक है, जिसे दुनिया अब एक नए रूप में देख रही है।
वाराणसी से लेकर देश भर में सेवा संकल्प यात्रा के जरिए जश्न
एक तरफ जहां कूटनीतिक स्तर पर बधाइयां मिल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक कार्यक्रम भी चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सेवा संकल्प यात्रा के समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हिस्सा लिया और जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने इन 25 सालों की उपलब्धियों को जनता के बीच रखा और भविष्य के विकास कार्यों का खाका खींचा।
देश के विभिन्न राज्यों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सेवा कार्यों और जनहित योजनाओं के जरिए इस milestone को सेलिब्रेट किया। राजनीतिक दलों के जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में इन आयصनों के जरिए पार्टी अपने कैडर को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री के इन 25 वर्षों के सफर को विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के एजेंडे के साथ जोड़ा जा रहा है, जो आने वाले चुनावी मैदान में भी एक बड़ा मुद्दा बनने वाला है।
भיविष्य की चुनौतियां और राजनीतिक सफर का अगला पड़ाव
इन 25 वर्षों के लंबे सफर में कई उतार-चढ़ाव भी आए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लंबा कार्यकाल संभालने के बाद साल 2014 से वे देश की कमान संभाल रहे हैं। विपक्ष लगातार उनकी नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाता रहा है, लेकिन सत्ता पक्ष इसे देश की दशा और दिशा बदलने वाला दौर बताता है। आने वाले दिनों में देश के सामने कई आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए सरकार की नीतियां तय हो रही हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि आम जनता के बीच इन 25 सालों को लेकर ब बंटी हुई प्रतिक्रियाएं हैं। एक वर्ग जहां इसे ऐतिहासिक सफलता मानता है, वहीं दूसरा वर्ग महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर जवाब मांगता है। बहरहाल, प्रधानमंत्री मोदी का यह सियासी सफर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक बेहद अहम और बड़ा अध्याय बन चुका है, जिस पर आने वाले कई सालों तक बहस होती रहेगी।









