नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सियासी सफर को 25 साल पूरे हो गए हैं। इस लंबी राजनीतिक यात्रा में उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक का लंबा सफर तय किया है। इस खास मौके पर दुनिया भर के कई बड़े नेताओं ने उन्हें बधाई दी है और उनके काम की तारीफ की है। सोशल मीडिया से लेकर कूटनीतिक मंचों तक हर जगह उनके इस राजनीतिक मील के पत्थर की चर्चा हो रही है।
इन शुभकामनाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात बेहद खास रही जहां पुरानी यादें ताजा हुईं और राजनीतिक सफर के अनुभवों पर चर्चा हुई। देश की राजनीति में इस जोड़ी का योगदान बहुत बड़ा माना जाता है और इस मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं।
दुनियाभर के नेताओं ने दी बधाई और की खुलकर तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के कार्यकाल पूरा होने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने एक बयान में कहा कि भारत को स्वर्ग की ऊंचाइयों तक पहुंचाने में पीएम मोदी का बहुत बड़ा योगदान है। सर्बिया के पूर्व नेता ने यह भी दावा किया कि कुछ ताकतें उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उनका विजन देश को आगे ले जा रहा है।
वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत होने के कारण दुनिया भर के नेता पीएम मोदी के नेतृत्व क्षमता की सराहना कर रहे हैं। अमरीका, यूरोप और पड़ोसी देशों के कई दिग्गजों ने भी संदेश भेजकर उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई दी है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी इस बात की चर्चा हो रही है कि कैसे पिछले ढाई दशकों में पीएम मोदी ने अपनी एक अलग राजनीतिक पहचान बनाई है और देश की दिशा बदल दी है।
लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात और सियासी सफर के पुराने पन्ने
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह 25 साल का सफर संघर्ष और सफलता की एक बड़ी कहानी है। जब उन्होंने सरकार और संगठन में काम करना शुरू किया था, तब से लेकर आज तक कई बदलाव आए हैं। लालकृष्ण आडवाणी के साथ उनकी यह मुलाकात उसी पुराने दौर की याद दिलाती है जब पार्टी को जमीन पर खड़ा करने के लिए बड़े नेताओं ने कड़ी मेहनत की थी। आज भी देश की राजनीति में इस पुराने अनुभव और नए विजन का मेल साफ दिखाई देता है।
आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस बात को लेकर काफी उत्साह है। देश के अलग-अलग हिस्सों में भाजपा कार्यकर्ता इस 25 साल के सफर को जश्न के रूप में मना रहे हैं। विपक्ष भले ही सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता हो, लेकिन इस राजनीतिक उपलब्धि और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही तारीफ को एक बड़ा कूटनीतिक और व्यक्तिगत मुकाम माना जा रहा है।
आगे की राह और राजनीतिक विश्लेषकों की राय
आने वाले समय में राजनीतिक दलों के लिए यह एक बड़ा संदेश है कि कैसे लंबे समय तक जनता के बीच रहकर काम किया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी के सामने अभी कई बड़े लक्ष्य हैं जिन्हें वे देश के विकास के लिए पूरा करना चाहते हैं। दुनिया भर से मिल रही बधाइयां यह साबित करती हैं कि भारत की विदेश नीति और आंतरिक विकास के मॉडल को वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया जा रहा है। द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक पारा और चढ़ेगा क्योंकि कई बड़े चुनाव भी नजदीक आ रहे हैं।



