नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में देश का पक्ष मजबूती से रखा है। उन्होंने दुनिया को संबोधित करते हुए कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है। इस बड़े मंच पर पीएम मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीक के बदलते स्वरूप पर खुलकर बात की। उन्होंने दुनिया के सामने विकास का नया रास्ता दिखाया और कहा कि तकनीक का असली मकसद आम आदमी की जिंदगी आसान बनाना है।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने डिजिटल पेमेंट और इन्क्लूसिव टेक्नोलॉजी यानी सबको साथ लेकर चलने वाली तकनीक की ताकत पर खास जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे भारत ने तकनीक का इस्तेमाल करके समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक फायदा पहुंचाया है। आज देश के छोटे शहरों और गांवों में भी डिजिटल लेनदेन बहुत आम हो गया है। सरकार की कोशिश यही है कि तकनीक का लाभ देश के हर नागरिक तक पहुंचे।
लोकतंत्र और शक्ति संतुलन का महत्व
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि मौजूदा दौर में शक्ति का संतुलन बहुत जरूरी है। दुनिया को स्थिर रखने के लिए आपसी सहयोग और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना होगा। भारत हमेशा से शांति और लोकतंत्र का पक्षधर रहा है। उन्होंने वैश्विक मंच से यह संदेश दिया कि लोकतंत्र ही वह ताकत है जो विभिन्नता में एकता बनाए रखती है और सबको साथ लेकर चलती है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया और विशेषज्ञों ने भी पीएम मोदी के इस भाषण को काफी सराहा है। फोरम में चर्चा की गई कि कैसे भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक मंदी और चुनौतियों के बीच भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। भारत का डिजिटल मॉडल आज दूसरे देशों के लिए भी एक मिसाल बन गया है। सरकार की नीतियां ऐसी हैं जिनसे कारोबार करना आसान हुआ है और तकनीक के क्षेत्र में नए रास्ते खुले हैं.
डिजिटल पेमेंट और तकनीक का विस्तार
प्रधानमंत्री ने डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में भारत की सफलता का विशेष रूप से जिक्र किया। आज देश में सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी वाले से लेकर बड़े मॉल तक डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल हो रहा है। यह इस बात का सबूत है कि भारत के आम लोग नई तकनीक को कितनी तेजी से अपनाते हैं। इस तकनीक ने भ्रष्टाचार को कम किया है और पैसों के लेन-देन को पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि सरकार आने वाले दिनों में तकनीक के दायरे को और बढ़ाने पर काम कर रही है। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने और डिजिटल साक्षरता को मजबूत करने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब पूरी दुनिया आर्थिक अनिश्चितताओं से जूझ रही है और भारत के पास दुनिया को देने के लिए एक मजबूत डिजिटल और लोकतांत्रिक मॉडल मौजूद है।
भविष्य की नीतियां और वैश्विक संदेश
ब्लूमबर्ग फोरम में दिए गए इस संदेश का असर वैश्विक बाजारों और कूटनीतिक हलकों में साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत आने वाले समय में दुनिया की आर्थिक प्रगति का मुख्य इंजन बनेगा। देश में हो रहे तकनीकी बदलाव और पारदर्शी नीतियां विदेशी निवेशकों को भी आकर्षित कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के इन बयानों ने वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और अधिक मजबूत कर दिया है।






