चंडीगढ़/ग्राउंड ब्यूरो — देश की राजनीति में एक बार फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई की हलचल तेज हो गई है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबी सहयोगियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के आरोपों की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। अदालत के इस कड़े रुख के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कामकाज और उनके ओएसडी राजवीर घुम्मन पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है।
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब जांच एजेंसियों के हाथ कुछ ऐसे दस्तावेज लगे, जिनसे कथित वित्तीय गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के संकेत मिले। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों ने अपनी पड़ताल का दायरा बढ़ाते हुए सीएम कार्यालय के अहम लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। पंजाब सीएम के ओएसडी राजवीर घुम्मन को सीबीआई ने पूछताछ के लिए औपचारिक समन जारी कर तलब किया है। इस कार्रवाई के बाद से राज्य सचिवालय से लेकर आम आदमी पार्टी के दफ्तर तक हलचल काफी बढ़ गई है।
सीबीआई जांच के आदेश और हाईकोर्ट की सख्ती
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी निष्पक्षता और तेजी के साथ की जानी चाहिए। अदालत ने सीबीआई को आदेश दिया है कि वह पूरे मामले की थाह ले और महिला के लापता होने या अन्य वित्तीय अनियमितताओं के तमाम पहलुओं की गहराई से जांच करे। इतना ही नहीं, अदालत ने जांच एजेंसी को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि अगले दो महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की जाए। हाईकोर्ट के इस सख्त आदेश से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
दूसरी तरफ, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में सीबीआई को पिछले दो साल से अधिक समय से लापता एक महिला का पता लगाने का निर्देश दिया है। इन दोनों बड़े फैसलों से साफ है कि देश की अदालतें अब गंभीर मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसी की मदद लेने से पीछे नहीं हट रही हैं। पंजाब वाले मामले में ओएसडी राजवीर घुम्मन से होने वाली पूछताछ के बाद कई और बड़े नाम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है।
संबंधित खबरें
आम आदमी पार्टी का कड़ा विरोध और राजनीतिक बयानबाजी
अदालत के आदेश और सीबीआई की इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। केजरीवाल का कहना है कि पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय पर सीबीआई की यह रेड और ओएसडी को समन भेजना केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी की झुंझलाहट का नतीजा है। पार्टी का आरोप है कि पंजाब में सरकार के अच्छे कामों से घबराकर केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
हालांकि, विपक्षी दलों और याचिकाकर्ताओं का पक्ष है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी जांच से छूट नहीं मिलनी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में एक बड़ा दंगल बन सकता है। एक तरफ जहां जांच एजेंसियां सबूत जुटाने और पूछताछ में जुटी हैं, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक साजिश बताकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल
द फ्रीलान्स की टीम ने जब चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में जमीनी स्थिति का जायजा लिया, तो यह बात सामने आई कि प्रशासनिक तंत्र में इस वक्त भारी तनाव का माहौल है। आम जनता के बीच भी इस बात की चर्चा है कि क्या वाकई यह जांच दूध का दूध और पानी का पानी कर पाएगी या यह सिर्फ सियासी बयानों का एक और दौर बनकर रह जाएगी। आने वाले दो महीनों में जब सीबीआई अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपेगी, तभी यह साफ हो पाएगा कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में असली सच्चाई क्या है और कानून किस दिशा में आगे बढ़ता है।



