नई दिल्ली से 'द फ्रीलान्स' की विशेष ऑन-द-ग्राउंड रिपोर्ट। देश की राजधानी में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच विपक्षी गठबंधन (INDIA ब्लॉक) की हालिया बैठक ने भारतीय राजनीति के पारे को एक बार फिर से गर्मा दिया है। बैठक के दौरान बंद कमरों में हुई चर्चाओं से जो कड़ियां छनकर बाहर आ रही हैं, वे बेहद गंभीर हैं। वरिष्ठ पत्रकार होने के नाते हमारी जमीनी पड़ताल बताती है कि इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु चुनावी प्रक्रिया और प्रशासनिक नियुक्तियों से जुड़े कानूनी प्रावधान रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार की कानूनी छूट पर राहुल गांधी का तीखा तेवर
विपक्षी गठबंधन की इस उच्चस्तरीय बैठक में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बेहद आक्रामक मुद्रा में नजर आए। सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को मिलने वाली आजीवन कानूनी छूट के मुद्दे पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के प्रावधानों से जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया कमजोर होती है। राहुल गांधी ने बैठक में दो टूक कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता और भविष्य में अनियमितता के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उन्हें सजा जरूर दिलाई जाएगी।
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एक तरफ जहां कानूनी और प्रशासनिक फैसलों पर विपक्ष लामबंद हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर भी गठबंधन के भीतर सुगबुगाहट तेज हो गई है। बैठक के दौरान और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की संस्थापक अध्यक्ष का एक बड़ा बयान सामने आया है। जब उनसे यह पूछा गया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा—राहुल गांधी या ममता बनर्जी—तो उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा, 'आप होंगे, आप'। इस बयान को राजनीतिक गलियारों में विपक्षी खेमे के भीतर नेतृत्व के समीकरणों को साधने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से राहत: एसिड अटैक पीड़ितों और अरुंधती रॉय का मामला
राजनीतिक उठापटक के बीच न्यायपालिका के कुछ अहम फैसलों ने भी पिछले कुछ घंटों में सुर्खियां बटोरी हैं। सुप्रीम कोर्ट के लगातार सख्त और संवेदनशील रुख के बाद अब रेलवे प्रशासन एसिड अटैक पीड़ितों को ट्रेन यात्रा के दौरान विशेष रियायत देने की तैयारी कर रहा है। इसे मानवाधिकार के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही, देश की सर्वोच्च अदालत ने लेखिका अरुंधती रॉय के खिलाफ चल रही अवमानना की कार्यवाही पर रोक लगा दी है, जिसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्षधरों द्वारा राहत के रूप में देखा जा रहा है।
कूटनीतिक मोर्चे पर हलचल: इजराइल से वतन वापसी
इन तमाम घरेलू और राजनीतिक उठापटक के बीच विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मोर्चे से भी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालातों के मद्देनजर एक भारतीय परिवार को इजराइल से सुरक्षित वापस भारत भेजा जा रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय के लगातार प्रयासों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इन सभी घटनाओं का एक साथ सामने आना यह बताता है कि आने वाले दिनों में देश का राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य बेहद दिलचस्प और संघर्षपूर्ण रहने वाला है।








