भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में शुमार नितेश तिवारी की 'रामायण' को लेकर दर्शकों का उत्साह चरम पर है। इस महाकाव्य पर आधारित फिल्म की चर्चा लंबे समय से गलियारों में चल रही थी, लेकिन अब फिल्म की टीम ने इसके औपचारिक प्रचार की दिशा में पहला बड़ा कदम बढ़ा दिया है। फिल्म के भव्य प्रमोशनल कार्यक्रम में भगवान राम का किरदार निभा रहे अभिनेता रणबीर कपूर, माता सीता की भूमिका में नजर आने वाली अभिनेत्री साई पल्लवी और लक्ष्मण का रोल निभा रहे अभिनेता रवि दुबे एक साथ मंच पर दिखाई दिए। इस कार्यक्रम में भारतीय परंपरा, आधुनिक सिनेमाई भव्यता और अंतरराष्ट्रीय आकर्षण का अनोखा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का आगाज बेहद आध्यात्मिक और पारंपरिक अंदाज में हुआ। फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट और निर्माता नमित मल्होत्रा ने सबसे पहले हनुमान पूजा संपन्न की और फिल्म के सफल भविष्य के लिए प्रार्थना की। पूजा-अर्चना के बाद जैसे ही मुख्य सितारों ने मंच संभाला, वहां मौजूद प्रशंसकों और मीडिया कर्मियों का उत्साह देखने लायक था। इस दौरान धार्मिक श्रद्धा और सिनेमाई आकर्षण का ऐसा माहौल बना जिसने इंटरनेट पर आते ही तहलका मचा दिया।
मंच पर गूंजे 'जय श्री राम' के नारे, रणबीर कपूर ने उठाया शिव धनुष
समारोह का सबसे भावुक और यादगार क्षण वह था जब अभिनेता रणबीर कपूर मंच पर स्थापित शिव धनुष के समीप पहुंचे। रणबीर ने पहले अत्यंत श्रद्धा के साथ हाथ जोड़कर धनुष को नमन किया। इसके बाद उन्होंने दोनों हाथों से उस भारी-भरकम धनुष को उठाया और कुछ पलों के लिए मौन रहकर ध्यान लगाया। जैसे ही उन्होंने धनुष को वापस उसके स्थान पर रखा, पूरा हॉल 'जय श्री राम' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
इस पूरे दृश्य ने वहां मौजूद हर शख्स को रामायण के उस अमर प्रसंग की याद दिला दी, जब मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने माता सीता के स्वयंवर में भगवान शिव के पिनाक धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई थी। रणबीर कपूर के चेहरे पर इस दौरान एक अलग ही शांति और भक्ति का भाव साफ नजर आ रहा था, जिसे देखकर उपस्थित लोग काफी प्रभावित हुए। इस क्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही कुछ ही मिनटों में वायरल हो गया।
"यह केवल एक किरदार निभाने का अवसर नहीं है, बल्कि हमारे संस्कारों, आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पूरी दुनिया के सामने अत्यंत गरिमा के साथ प्रस्तुत करने का एक पावन संकल्प है।"
— कार्यक्रम के दौरान फिल्म टीम से जुड़े सूत्र
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दुनिया के सबसे बड़े यूट्यूबर मिस्टर बीस्ट की हैरान करने वाली एंट्री
इस कार्यक्रम का दूसरा सबसे बड़ा आकर्षण रहे दुनिया के सबसे लोकप्रिय और अमीर यूट्यूबर मिस्टर बीस्ट (जिमी डोनाल्डसन)। हॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल जगत के इस महारथी को भारतीय पौराणिक महाकाव्य के कार्यक्रम में देखना सभी के लिए बेहद अप्रत्याशित और चौंकाने वाला रहा। मिस्टर बीस्ट कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि फिल्म के निर्माता इसे सिर्फ भारतीय दर्शकों तक सीमित न रखकर वैश्विक स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
मिस्टर बीस्ट की उपस्थिति में मंच पर पवनपुत्र भगवान हनुमान की एक भव्य और कलात्मक प्रतिमा का अनावरण किया गया। विदेशी मेहमान ने भी भारतीय संस्कृति का सम्मान करते हुए पूरी श्रद्धा के साथ इस रस्म में भाग लिया। मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि भारतीय पौराणिक गाथाओं का जादू अब पश्चिमी दुनिया और नई पीढ़ी के डिजिटल क्रिएटर्स को भी अपनी ओर मजबूती से आकर्षित कर रहा है।
'रावण' यश की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय, प्रशंसकों ने उठाए सवाल
जहाँ एक तरफ रणबीर कपूर, साई पल्लवी, रवि दुबे और निर्माता नमित मल्होत्रा मंच पर फिल्म का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, वहीं 'केजीएफ' फेम सुपरस्टार यश की गैरमौजूदगी ने सभी को हैरान कर दिया। फिल्म में यश लंकापति रावण की बेहद ताकतवर और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इतना ही नहीं, वह इस फिल्म के सह-निर्माताओं में भी शामिल हैं। ऐसे में इतने बड़े और पहले सार्वजनिक कार्यक्रम से उनका दूर रहना प्रशंसकों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर प्रशंसक लगातार यह सवाल पूछते नजर आए कि आखिर रावण के किरदार में जान फूंकने वाले यश इस आयोजन में क्यों नहीं पहुंचे। हालांकि, कार्यक्रम के आयोजकों या यश की निजी टीम की ओर से उनकी अनुपस्थिति को लेकर कोई औपचारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि निर्माताओं की रणनीति यश के लुक और उनकी एंट्री को पूरी तरह से गुप्त रखने की हो सकती है, ताकि आगे चलकर जब रावण का पहला लुक सामने आए तो दर्शकों में जबरदस्त रोमांच पैदा हो सके।
तीन घंटे की देरी और महज 19 मिनट का कार्यक्रम, प्रशंसकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
भव्य सितारों और अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति के बावजूद इस कार्यक्रम का संचालन पूरी तरह से सुगम नहीं रहा। तय समय से करीब तीन घंटे की भारी देरी के बाद यह समारोह शुरू हो सका। मीडिया प्रतिनिधि और प्रशंसक लंबे समय तक सितारों की एक झलक पाने के लिए इंतजार करते रहे। इसके बाद जब कार्यक्रम शुरू हुआ, तो वह केवल 19 मिनट के भीतर ही समाप्त कर दिया गया, जिससे कई लोग हैरान रह गए।
इतने संक्षिप्त कार्यक्रम को लेकर उपस्थित दर्शकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने इस बात पर निराशा जताई कि इतने बड़े कलाकारों को एक साथ लाकर उनसे विस्तृत बातचीत का मौका नहीं दिया गया। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना था कि यह सिर्फ एक शुरुआती सांकेतिक शुरुआत थी और असली प्रचार अभियान आने वाले महीनों में और अधिक व्यापक रूप में देखने को मिलेगा।
भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट: बजट, तैयारी और रिलीज की तारीख
फिल्म 'रामायण' को दो भागों में रिलीज करने की योजना बनाई गई है। इसके पहले भाग यानी 'रामायण: पार्ट 1' को साल 2026 में दिवाली के पावन अवसर पर यानी 6 नवंबर के आसपास सिनेमाघरों में उतारने की तैयारी है। फिल्म का निर्देशन 'दंगल' और 'छिछोरे' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में बना चुके राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक नितेश तिवारी कर रहे हैं। विजुअल इफेक्ट्स और तकनीक के मामले में इस फिल्म को हॉलीवुड की 'अवतार' और 'लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' के स्तर का बनाने का दावा किया जा रहा है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की वीएफएक्स कंपनी डीएनईजी (DNEG) दिन-रात काम कर रही है।
कुल मिलाकर, मुंबई में हुआ यह आयोजन भले ही कम समय का रहा हो, लेकिन इसने सिनेमा प्रेमियों के भीतर फिल्म को लेकर उत्सुकता की एक नई लहर पैदा कर दी है। रणबीर कपूर की राम के रूप में सौम्यता, साई पल्लवी की सादगी और मिस्टर बीस्ट के जुड़ाव ने यह साबित कर दिया है कि नितेश तिवारी की यह रचना भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने की पूरी क्षमता रखती है।





