नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के खेल मैदानों और सड़क मार्गों से आज दो बड़ी और अहम खबरें सामने आ रही हैं। रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सत्र में मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बीच खेले जा रहे दूसरे क्वार्टर फाइनल मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस महत्वपूर्ण नॉकआउट मैच में रेड बॉल क्रिकेट में वापसी कर रहे रोहित शर्मा ने अपनी घातक गेंदबाजी से तहलका मचा दिया। उन्होंने शानदार लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करते हुए मात्र 36 रन देकर पांच महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। रोहित के इस बेहतरीन प्रदर्शन के आगे मध्य प्रदेश के बल्लेबाज टिक नहीं सके और पूरी टीम पहली पारी में महज 196 रन पर ही ढेर हो गई।
रोहित शर्मा का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने दो साल के लंबे अंतराल के बाद रेड बॉल क्रिकेट में वापसी की है। साल 2015 में अपना डेब्यू करने वाले इस गेंदबाज ने अब तक अपने करियर में कुल 22 मैच खेले हैं। मध्य प्रदेश के खिलाफ मैच के दौरान उनकी गेंदबाजी ने विरोधी टीम की कमर पूरी तरह तोड़ दी। मैच के पहले दिन से ही जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया था, लेकिन रोहित शर्मा का पांच विकेट हॉल इस मुकाबले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। मध्य प्रदेश के शीर्ष क्रम से लेकर मध्य क्रम तक का कोई भी बल्लेबाज उनकी फिरकी या स्विंग का असरदार जवाब नहीं दे पाया।
रणजी ट्रॉफी में मध्य प्रदेश की पारी का पतन
क्रिकेट के मैदान पर चल रहे इस कड़े संघर्ष के बीच मध्य प्रदेश की टीम के लिए यह स्कोर बेहद कम साबित हो सकता है। पिच से गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिल रही थी जिसका पूरा फायदा जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों ने उठाया। मध्य प्रदेश के कप्तान और कोच ने बड़ी पारियों की उम्मीद की थी, लेकिन अनुशासित गेंदबाजी के आगे पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। स्कोरबोर्ड पर मात्र 196 रन ही जुड़ पाए और पूरी टीम पवेलियन लौट गई। अब जम्मू-कश्मीर की टीम के पास इस स्कोर के जवाब में एक मजबूत बढ़त हासिल करने का सुनहरा मौका है।
इस बीच, खेल जगत से हटकर मध्य प्रदेश से जुड़ी एक और दुखद खबर सामने आई है जो प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के करीब 40 अमरनाथ यात्रियों से भरी एक बस बालटाल के पास एक गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण सड़क हादसे में कई श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। हादसे के तुरंत बाद घायल श्रद्धालुओं की सूची जारी की गई ताकि उनके परिजनों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके।
बालटाल सड़क हादसे में घायल यात्रियों की स्थिति
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बस में सवार ज्यादातर यात्री मध्य प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न जिलों से ताल्लुक रखते थे। वे पवित्र अमरनाथ यात्रा के दर्शन के बाद वापस लौट रहे थे तभी बालटाल के पास यह अनहोनी घट गई। पहाड़ी रास्ता संकरा होने और वाहन पर से नियंत्रण छूटने के कारण बस खाई में जा गिरी। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस हादसे का संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन से संपर्क साधा है और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
एक तरफ जहां खेल के मैदान पर मध्य प्रदेश की टीम जम्मू-कश्मीर के खिलाफ संघर्ष कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सड़क हादसे ने कई परिवारों को चिंता में डाल दिया है। द फ्रीलान्स की टीम दोनों ही मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है। रणजी ट्रॉफी के इस रोमांचक क्वार्टर फाइनल मैच के अगले सत्र में क्या नया मोड़ आएगा और बालटाल हादसे के पीड़ितों को किस तरह की राहत मिलेगी, इस पर हमारी पैनी नजर है। पाठकों को हर अपडेट से सबसे पहले रूबरू कराया जाएगा।
मैदान से लेकर सड़क तक सुरक्षा और तैयारी
खेल के मैदान पर खिलाड़ियों का अनुशासन और फिटनेस जहां जीत की गारंटी बनते हैं, वहीं सड़क यात्राओं के दौरान सुरक्षा के मानक जीवन की रक्षा करते हैं। रणजी ट्रॉफी के इस अहम मुकाबले में जम्मू-कश्मीर की टीम ने अपनी रणनीति से मध्य प्रदेश को दबाव में ला दिया है। वहीं बालटाल हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर चलने वाले वाहनों की फिटनेस और चालकों की सावधानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय पुलिस और यातायात विभाग अब इस दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।





