होम/देश/प्रशासनिक सेवा के पूर्व अफसरों पर सरकार का बड़ा भरोसा: रिटायरमेंट के बाद भी संभालेंगे अहम जांच का जिम्मा, बना नया नियम
देशपढ़ने में समय: 6 मिनट

प्रशासनिक सेवा के पूर्व अफसरों पर सरकार का बड़ा भरोसा: रिटायरमेंट के बाद भी संभालेंगे अहम जांच का जिम्मा, बना नया नियम

केंद्र सरकार ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ लंबित मामलों की विभागीय जांच के लिए सेवानिवृत्त आईएएस अफसरों का पैनल बनाने का निर्णय लिया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने राज्यों के पूर्व नौकरशाहों से इस जिम्मेदारी के लिए आवेदन मंगाए हैं।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•27 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
प्रशासनिक सेवा के पूर्व अफसरों पर सरकार का बड़ा भरोसा: रिटायरमेंट के बाद भी संभालेंगे अहम जांच का जिम्मा, बना नया नियम
📷 प्रशासनिक सेवा के पूर्व अफसरों पर सरकार का बड़ा भरोसा: रिटायरमेंट के बाद भी संभालेंगे अहम जांच का जिम्मा, बना नया नियम — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों को अब वरिष्ठ सेवारत नौकरशाहों के खिलाफ विभागीय जांच की जिम्मेदारी दी जाएगी।
  • कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने केंद्रीय स्तर पर जांच अधिकारियों का एक विशेष पैनल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
  • राज्यों में भी प्रशासनिक और नीतिगत सुधारों के लिए पूर्व नौकरशाहों के तजुर्बे का लाभ उठाने की योजना पर तेजी से अमल हो रहा है।
  • पारदर्शी और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूर्व अधिकारियों से निर्धारित प्रारूप में सीधे केंद्र को आवेदन करने को कहा गया है।

देश की प्रशासनिक व्यवस्था में नौकरशाही की भूमिका नीति निर्माण से लेकर उनके जमीनी क्रियान्वयन तक सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि, जब सेवारत वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ पद के दुरुपयोग, कार्य में लापरवाही या वित्तीय अनियमितताओं जैसी शिकायतें सामने आती हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच कराना हमेशा एक पेचीदा चुनौती रहा है। अब केंद्र सरकार ने इस प्रक्रिया को अधिक पेशेवर, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने फैसला किया है कि वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों से जुड़े विभागीय मामलों की स्वतंत्र जांच के लिए अब सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों की विशेषज्ञ सेवाएं ली जाएंगी।

इस नई व्यवस्था के तहत प्रशासनिक अनुभव से संपन्न पूर्व नौकरशाहों का एक आधिकारिक राष्ट्रीय पैनल गठित किया जा रहा है। इसके लिए देशभर के विभिन्न काडरों से रिटायर हो चुके योग्य आईएएस अधिकारियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। राज्यों के कार्मिक विभागों को भी निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने यहां के सेवानिवृत्त अफसरों को इस राष्ट्रीय प्रक्रिया की जानकारी दें, ताकि वे केंद्र के समक्ष अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर सकें।

सेवारत अफसरों की जांच में पूर्व नौकरशाहों की भूमिका क्यों अहम?

आमतौर पर जब किसी कार्यरत आईएएस, आईपीएस या अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पर कोई आरोप लगता है, तो विभागीय जांच किसी अन्य सेवारत वरिष्ठ अधिकारी को ही सौंपी जाती है। इस पारंपरिक व्यवस्था में कई व्यावहारिक अड़चनें आती रही हैं। सेवारत अधिकारियों पर अपने दैनिक प्रशासनिक कामकाज और कानून-व्यवस्था की व्यस्तताओं का भारी दबाव रहता है। इसके कारण जांच रिपोर्ट महीनों, और कई बार तो वर्षों तक अधर में लटकी रह जाती है।

इसके अलावा, सेवा में मौजूद अफसरों के बीच आपसी संबंध, बैच-सीनियरिटी और भविष्य में एक साथ काम करने की मजबूरियां भी कभी-कभी जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर देती हैं। सेवानिवृत्त अफसरों को जांच अधिकारी बनाए जाने से यह दबाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा। वे न केवल प्रशासनिक नियमों, सेवा नियमावलियों और सरकारी कार्यप्रणाली की बारीकियों को भलीभांति समझते हैं, बल्कि वर्तमान प्रशासनिक पदानुक्रम से बाहर होने के कारण पूरी निष्पक्षता से रिपोर्ट तैयार करने में सक्षम होंगे।

"प्रशासनिक मामलों की तकनीकी समझ और निष्पक्ष दृष्टिकोण का होना त्वरित न्याय के लिए आवश्यक है। अनुभवी पूर्व अफसरों का यह पैनल जांच प्रक्रिया में अनावश्यक देरी को रोकने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।" — कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विशेषज्ञ

संबंधित खबरें

भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर का ग्लोबल डंका: एक्सपोर्ट में 450% की ऐतिहासिक उछाल, विदेशी बाजारों में मची धूम

भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर का ग्लोबल डंका: एक्सपोर्ट में 450% की ऐतिहासिक उछाल, विदेशी बाजारों में मची धूम

वैश्विक ऑटो बाजार में छाएगा भारत: सुजुकी के मेगा प्लान से हर साल बनेंगी 40 लाख कारें

वैश्विक ऑटो बाजार में छाएगा भारत: सुजुकी के मेगा प्लान से हर साल बनेंगी 40 लाख कारें

सोते समय अचानक गिरने का अहसास क्यों होता है? जानिए इसके पीछे का हैरान करने वाला विज्ञान

सोते समय अचानक गिरने का अहसास क्यों होता है? जानिए इसके पीछे का हैरान करने वाला विज्ञान

बैंकों में 3 दिन की देशव्यापी हड़ताल: शाखाओं में कामकाज ठप, चेक और नकदी लेन-देन पर पड़ेगा बड़ा असर

बैंकों में 3 दिन की देशव्यापी हड़ताल: शाखाओं में कामकाज ठप, चेक और नकदी लेन-देन पर पड़ेगा बड़ा असर

त्योहारी सीजन में रेलवे का बड़ा तोहफा: यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए चलाई जा रही विशेष ट्रेन, जानिए पूरा शेड्यूल

त्योहारी सीजन में रेलवे का बड़ा तोहफा: यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए चलाई जा रही विशेष ट्रेन, जानिए पूरा शेड्यूल

लैपटॉप के लिए पावर बैंक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान, सिर्फ mAh देखकर न खाएं धोखा

लैपटॉप के लिए पावर बैंक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान, सिर्फ mAh देखकर न खाएं धोखा

रूस से तेल आयात रोकने पर वित्त मंत्री का दो टूक जवाब: बोले- 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि

रूस से तेल आयात रोकने पर वित्त मंत्री का दो टूक जवाब: बोले- 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि

रेल यात्रियों के लिए जरूरी अलर्ट: दिसंबर में रद्द रहेंगी कई लंबी दूरी की ट्रेनें, घर से निकलने से पहले चेक करें नया शेड्यूल

रेल यात्रियों के लिए जरूरी अलर्ट: दिसंबर में रद्द रहेंगी कई लंबी दूरी की ट्रेनें, घर से निकलने से पहले चेक करें नया शेड्यूल

राज्यों को भेजा गया परिपत्र, तय प्रारूप में सीधे मांगे गए आवेदन

डीओपीटी की इस पहल के बाद राज्य सरकारों ने भी अपने स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। कई राज्यों के कार्मिक विभागों ने हाल ही में सेवानिवृत्त हुए प्रशासनिक अधिकारियों को औपचारिक पत्र जारी किए हैं। इन पत्रों के माध्यम से उन्हें केंद्रीय पैनल में शामिल होने की पात्रता शर्तों, मानदेय नियमों और आवेदन प्रक्रिया से अवगत कराया गया है।

केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इच्छुक पूर्व अधिकारियों को निर्धारित प्रोफार्मा भरकर सीधे संबंधित केंद्रीय मंत्रालय और डीओपीटी को भेजना होगा। चयन प्रक्रिया में अधिकारी के सेवाकाल के बेदाग रिकॉर्ड, उनके पूर्व अनुभव और जांच संबंधी दक्षता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। आवेदन जमा करने की एक निश्चित समय-सीमा तय की गई है, जिसके बाद योग्य नामों की जांच कर अंतिम पैनल की सूची जारी की जाएगी।

रिटायरमेंट के बाद भी तजुर्बे का इस्तेमाल: नीति या नई परिपाटी?

भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में रिटायरमेंट के बाद अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपने की परंपरा काफी समय से चर्चा का विषय रही है। हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि चाहे केंद्र सरकार हो या विभिन्न राज्य सरकारें, वे महत्वपूर्ण आयोगों, ट्रिब्यूनल्स, नीतिगत सलाहकार परिषदों और जांच समितियों में पूर्व नौकरशाहों को प्रमुखता दे रही हैं। पूर्व अधिकारियों के लंबे कार्यकाल, कानून की समझ और संकट प्रबंधन की क्षमता को शासन तंत्र एक अमूल्य संसाधन के रूप में देखता है।

दूसरी ओर, नीति विश्लेषकों का मानना है कि इस व्यवस्था के दो पहलू हैं। एक तरफ जहां सरकार को बिना किसी अतिरिक्त स्थायी वित्तीय बोझ के सिद्धहस्त जांचकर्ता मिल जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ यह सवाल भी उठता है कि क्या इससे व्यवस्था में नए विचारों और कानूनी विशेषज्ञों की भागीदारी सीमित तो नहीं हो रही? हालांकि, विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाहियों के मामले में चूंकि सेवा नियमों का पालन अनिवार्य होता है, इसलिए पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों को ही इसके लिए सबसे मुफीद माना जाता है।

समयबद्ध जांच से पारदर्शी शासन की उम्मीद

सरकारी दफ्तरों में अक्सर यह देखा जाता है कि भ्रष्टाचार या कदाचार के आरोपों में घिरे अधिकारी विभागीय जांच की लंबी प्रक्रिया का फायदा उठाकर निलंबन भत्ते लेते रहते हैं या फिर मामले को अदालत में घसीट देते हैं। समय पर साक्ष्य दर्ज न होने और गवाहों के तबादलों के कारण कई बार गंभीर मामलों में भी दोषी अफसर बच निकलते हैं।

डीओपीटी का मानना है कि स्वतंत्र जांच अधिकारियों का यह नया समर्पित पैनल बनने के बाद जांच की अवधि को सीमित किया जा सकेगा। जांच अधिकारी पर किसी अन्य विभाग का कार्यभार न होने के कारण वे तय समय-सीमा के भीतर दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी करके अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप सकेंगे। इससे न केवल निर्दोष अधिकारियों को जल्द आरोपमुक्त होने का मौका मिलेगा, बल्कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

सुशासन के रोडमैप में अहम कदम

प्रशासनिक सुधारों की दिशा में उठाए गए इस कदम को सुशासन के व्यापक ढांचे से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार की स्पष्ट मंशा है कि अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में किसी भी प्रकार का भाई-भतीजावाद या विभागीय नरमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले समय में जब यह पैनल पूरी तरह से काम करना शुरू करेगा, तब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वर्षों से अटकी विभागीय जांचों के निपटारे में कितनी तेजी आती है और यह मॉडल राज्य स्तर पर प्रशासनिक शुचिता को कितना मजबूत कर पाता है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर का ग्लोबल डंका: एक्सपोर्ट में 450% की ऐतिहासिक उछाल, विदेशी बाजारों में मची धूमNATIONAL

भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर का ग्लोबल डंका: एक्सपोर्ट में 450% की ऐतिहासिक उछाल, विदेशी बाजारों में मची धूम

27 सित॰
वैश्विक ऑटो बाजार में छाएगा भारत: सुजुकी के मेगा प्लान से हर साल बनेंगी 40 लाख कारेंNATIONAL

वैश्विक ऑटो बाजार में छाएगा भारत: सुजुकी के मेगा प्लान से हर साल बनेंगी 40 लाख कारें

27 सित॰
सोते समय अचानक गिरने का अहसास क्यों होता है? जानिए इसके पीछे का हैरान करने वाला विज्ञानNATIONAL

सोते समय अचानक गिरने का अहसास क्यों होता है? जानिए इसके पीछे का हैरान करने वाला विज्ञान

27 सित॰
बैंकों में 3 दिन की देशव्यापी हड़ताल: शाखाओं में कामकाज ठप, चेक और नकदी लेन-देन पर पड़ेगा बड़ा असरNATIONAL

बैंकों में 3 दिन की देशव्यापी हड़ताल: शाखाओं में कामकाज ठप, चेक और नकदी लेन-देन पर पड़ेगा बड़ा असर

27 सित॰
त्योहारी सीजन में रेलवे का बड़ा तोहफा: यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए चलाई जा रही विशेष ट्रेन, जानिए पूरा शेड्यूलNATIONAL

त्योहारी सीजन में रेलवे का बड़ा तोहफा: यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए चलाई जा रही विशेष ट्रेन, जानिए पूरा शेड्यूल

27 सित॰
लैपटॉप के लिए पावर बैंक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान, सिर्फ mAh देखकर न खाएं धोखाNATIONAL

लैपटॉप के लिए पावर बैंक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान, सिर्फ mAh देखकर न खाएं धोखा

27 सित॰
रूस से तेल आयात रोकने पर वित्त मंत्री का दो टूक जवाब: बोले- 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरिNATIONAL

रूस से तेल आयात रोकने पर वित्त मंत्री का दो टूक जवाब: बोले- 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि

27 सित॰
रेल यात्रियों के लिए जरूरी अलर्ट: दिसंबर में रद्द रहेंगी कई लंबी दूरी की ट्रेनें, घर से निकलने से पहले चेक करें नया शेड्यूलNATIONAL

रेल यात्रियों के लिए जरूरी अलर्ट: दिसंबर में रद्द रहेंगी कई लंबी दूरी की ट्रेनें, घर से निकलने से पहले चेक करें नया शेड्यूल

27 सित॰