होम/देश/सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा की मिसाल: पेंशन के पैसों से बेटियों को पढ़ा रहे हैं चंद्र प्रकाश वर्मा
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा की मिसाल: पेंशन के पैसों से बेटियों को पढ़ा रहे हैं चंद्र प्रकाश वर्मा

खादी ग्रामोद्योग आयोग से रिटायर होने के बाद चंद्र प्रकाश वर्मा अपनी पेंशन के पैसों से समाज सेवा की अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं। उन्होंने दो गांवों की 65 छात्राओं की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने के साथ ही 80 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•2 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•30
🌐Read in English →
शेयर करें:
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा की मिसाल: पेंशन के पैसों से बेटियों को पढ़ा रहे हैं चंद्र प्रकाश वर्मा
📷 सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा की मिसाल: पेंशन के पैसों से बेटियों को पढ़ा रहे हैं चंद्र प्रकाश वर्मा — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • खादी ग्रामोद्योग आयोग के पूर्व विकास अधिकारी चंद्र प्रकाश वर्मा अपनी पेंशन से कर रहे हैं अनूठा सामाजिक कार्य
  • मंजीठा और नानमऊ गांव की 65 बेटियों को गोद लेकर उनकी बुनियादी शिक्षा और साइकिल की व्यवस्था की
  • नानमऊ गांव में रोजगार केंद्र स्थापित कर 80 महिलाओं को स्टोल बनाने के काम से जोड़ा और आत्मनिर्भर बनाया

समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपनी सेवानिवृत्ति के बाद केवल अपने निजी जीवन और विश्राम तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज के प्रति अपनी जवाबदेही को और अधिक गहराई से निभाते हैं। ऐसे ही प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं चंद्र प्रकाश वर्मा, जिन्होंने सरकारी सेवा से निवृत्त होने के बाद अपनी जीवनशैली को पूरी तरह से जनहित और सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है। खादी ग्रामोद्योग आयोग के विकास अधिकारी पद से वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने एक गैर-लाभकारी संगठन की नींव रखी और अपने पेंशन के पैसों से ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और रोजगार की एक नई अलख जगाई है। उनका यह प्रयास आज दर्जनों परिवारों के लिए उम्मीद की एक बड़ी किरण बन चुका है।

पेंशन के पैसों से संवार रहे हैं मंजीठा और नानमऊ की बेटियों का भविष्य

सेवानिवृत्ति के बाद चंद्र प्रकाश वर्मा ने चुपचाप बैठने के बजाय ग्रामीण परिवेश की उन बच्चियों पर अपना ध्यान केंद्रित किया, जो आर्थिक तंगी के कारण आगे की पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ थीं। उन्होंने मंजीठा और नानमऊ गांव की कुल 65 छात्राओं की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने की अनूठी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई। इन बेटियों के लिए एक विशेष शिक्षण केंद्र का संचालन किया जा रहा है, जहां वे नियमित रूप से अपनी पढ़ाई पूरी करती हैं। शिक्षा के इस सफर में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए उन्होंने इन छात्राओं को स्कूल आने-जाने के वास्ते साइकिलें भी उपलब्ध कराई हैं ताकि दूर-दराज के रास्तों की वजह से किसी की पढ़ाई न छूटे।

शिक्षा के प्रति उनका समर्पण केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे खुद इन केंद्रों पर जाकर छात्राओं की प्रगति का जायजा लेते हैं। ग्रामीण अंचल में रहने वाली ये बेटियां अब बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी प्राथमिक शिक्षा को पूरा कर पा रही हैं। उनके इस कदम से न केवल छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि उनके माता-पिता के मन में भी अपनी बेटियों को पढ़ाने की एक नई प्रेरणा जागी है। समाज के इस वर्ग में शिक्षा की महत्ता को स्थापित करने के लिए यह पहल अपने आप में एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करती है।

संबंधित खबरें

खादी ग्रामोद्योग में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका: 40 हजार तक सैलरी, बिना परीक्षा ऐसे करें आवेदन

खादी ग्रामोद्योग में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका: 40 हजार तक सैलरी, बिना परीक्षा ऐसे करें आवेदन

मानसून के बाद स्वास्थ्य संकट: देश के कई जिलों में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप तेज, प्रशासन अलर्ट

मानसून के बाद स्वास्थ्य संकट: देश के कई जिलों में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप तेज, प्रशासन अलर्ट

पुर्तगाल के नॉकआउट सफर और वैश्विक फुटबॉल रैंकिंग में मची उथल-पुथल की ग्राउंड रिपोर्ट

पुर्तगाल के नॉकआउट सफर और वैश्विक फुटबॉल रैंकिंग में मची उथल-पुथल की ग्राउंड रिपोर्ट

कर्नाटक वेटरिनरी पेपर लीक कांड: KPSC परीक्षा में धांधली और 22 लाख के हीरे के हार पर गरमाई राजनीति

कर्नाटक वेटरिनरी पेपर लीक कांड: KPSC परीक्षा में धांधली और 22 लाख के हीरे के हार पर गरमाई राजनीति

बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा ऐलान: बोले- राज्यसभा नहीं जाऊंगा, सीधे 2029 में लड़ूंगा लोकसभा चुनाव

बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा ऐलान: बोले- राज्यसभा नहीं जाऊंगा, सीधे 2029 में लड़ूंगा लोकसभा चुनाव

बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले सियासत तेज: आठवां वेतनमान देने के ऐलान पर गरमाया चुनावी माहौल

बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले सियासत तेज: आठवां वेतनमान देने के ऐलान पर गरमाया चुनावी माहौल

हिमाचल की सुक्खू सरकार पर बढ़ा वित्तीय बोझ: त्योहारी सीजन से पहले 600 करोड़ का नया कर्ज, राज्य का कुल ऋण एक लाख करोड़ के पार

हिमाचल की सुक्खू सरकार पर बढ़ा वित्तीय बोझ: त्योहारी सीजन से पहले 600 करोड़ का नया कर्ज, राज्य का कुल ऋण एक लाख करोड़ के पार

करियर की नई राह: पारंपरिक डिग्रियों से आगे बढ़कर व्यावसायिक प्रशिक्षण चुन रहे युवा, मिल रहे रोजगार के बेहतर अवसर

करियर की नई राह: पारंपरिक डिग्रियों से आगे बढ़कर व्यावसायिक प्रशिक्षण चुन रहे युवा, मिल रहे रोजगार के बेहतर अवसर

नानमऊ गांव में रोजगार केंद्र के जरिए महिलाओं को बना रहे हैं आत्मनिर्भर

शिक्षा के प्रसार के साथ-साथ चंद्र प्रकाश वर्मा ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर भी विशेष जोर दिया है। इसी सोच के तहत उन्होंने नानमऊ गांव में एक विशेष रोजगार केंद्र की स्थापना की है। वर्तमान में इस केंद्र के माध्यम से लगभग 80 महिलाओं को जोड़ा गया है, जो अपनी दैनिक आजीविका चलाने के लिए हुनरमंद बन रही हैं। इस केंद्र में महिलाओं को स्टोल में गांठ लगाने और उससे जुड़े अन्य फिनिशिंग कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके एवज में उन्हें नियमित कमाई होती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बहुत सीमित होते हैं, जिससे वे अक्सर आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर रहती हैं। लेकिन इस पहल ने इन महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का बेहतरीन मंच प्रदान किया है। महिलाएं अपने घर की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ इस केंद्र में काम करके अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार तो आया ही है, साथ ही समाज में महिलाओं की स्थिति भी सुदृढ़ हुई है।

"सेवानिवृत्ति का मतलब केवल काम से मुक्ति पाना नहीं है, बल्कि यह वह समय होता है जब आप अपने अनुभवों और संसाधनों का उपयोग समाज की भलाई के लिए कर सकते हैं। जब मैं इन बेटियों को पढ़ते और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनते देखता हूं, तो मुझे जो आत्मिक संतुष्टि मिलती है, वह किसी अन्य चीज से तुलना नहीं की जा सकती।" — चंद्र प्रकाश वर्मा, पूर्व विकास अधिकारी, खादी ग्रामोद्योग आयोग

सामूहिक प्रयासों से ग्रामीण समाज में आ रहा सकारात्मक बदलाव

चंद्र प्रकाश वर्मा जैसे लोग इस बात का जीता-जागता प्रमाण हैं कि बड़ा बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़े सरकारी बजट या विशाल संगठनों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि सच्ची नीयत और दृढ़ संकल्प ही काफी होते हैं। अपनी पेंशन के एक बड़े हिस्से को सामाजिक कार्यों में लगाकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि व्यक्तिगत स्तर पर भी समाज की दिशा और दशा बदली जा सकती है। उनके द्वारा संचालित शिक्षण और रोजगार केंद्र आज ग्रामीण विकास के मॉडल के रूप में उभर रहे हैं।

आसपास के इलाकों के लोग भी अब इस मुहिम से प्रेरणा ले रहे हैं और अपनी तरफ से सकारात्मक योगदान देने के लिए आगे आ रहे हैं। शिक्षा और रोजगार का यह संगम ग्रामीण परिवारों के लिए एक नया सवेरा लेकर आया है। जहां एक ओर बेटियां शिक्षित होकर अपने भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर अपने परिवार का संबल बन रही हैं। चंद्र प्रकाश वर्मा का यह सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाता रहेगा।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

खादी ग्रामोद्योग में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका: 40 हजार तक सैलरी, बिना परीक्षा ऐसे करें आवेदनEDUCATION

खादी ग्रामोद्योग में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका: 40 हजार तक सैलरी, बिना परीक्षा ऐसे करें आवेदन

21 सित॰239
मानसून के बाद स्वास्थ्य संकट: देश के कई जिलों में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप तेज, प्रशासन अलर्टNATIONAL

मानसून के बाद स्वास्थ्य संकट: देश के कई जिलों में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप तेज, प्रशासन अलर्ट

2 अक्टू॰49
पुर्तगाल के नॉकआउट सफर और वैश्विक फुटबॉल रैंकिंग में मची उथल-पुथल की ग्राउंड रिपोर्टNATIONAL

पुर्तगाल के नॉकआउट सफर और वैश्विक फुटबॉल रैंकिंग में मची उथल-पुथल की ग्राउंड रिपोर्ट

2 अक्टू॰40
कर्नाटक वेटरिनरी पेपर लीक कांड: KPSC परीक्षा में धांधली और 22 लाख के हीरे के हार पर गरमाई राजनीतिNATIONAL

कर्नाटक वेटरिनरी पेपर लीक कांड: KPSC परीक्षा में धांधली और 22 लाख के हीरे के हार पर गरमाई राजनीति

2 अक्टू॰41
बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा ऐलान: बोले- राज्यसभा नहीं जाऊंगा, सीधे 2029 में लड़ूंगा लोकसभा चुनावNATIONAL

बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा ऐलान: बोले- राज्यसभा नहीं जाऊंगा, सीधे 2029 में लड़ूंगा लोकसभा चुनाव

2 अक्टू॰49
बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले सियासत तेज: आठवां वेतनमान देने के ऐलान पर गरमाया चुनावी माहौलNATIONAL

बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले सियासत तेज: आठवां वेतनमान देने के ऐलान पर गरमाया चुनावी माहौल

2 अक्टू॰28
हिमाचल की सुक्खू सरकार पर बढ़ा वित्तीय बोझ: त्योहारी सीजन से पहले 600 करोड़ का नया कर्ज, राज्य का कुल ऋण एक लाख करोड़ के पारNATIONAL

हिमाचल की सुक्खू सरकार पर बढ़ा वित्तीय बोझ: त्योहारी सीजन से पहले 600 करोड़ का नया कर्ज, राज्य का कुल ऋण एक लाख करोड़ के पार

2 अक्टू॰37
करियर की नई राह: पारंपरिक डिग्रियों से आगे बढ़कर व्यावसायिक प्रशिक्षण चुन रहे युवा, मिल रहे रोजगार के बेहतर अवसरNATIONAL

करियर की नई राह: पारंपरिक डिग्रियों से आगे बढ़कर व्यावसायिक प्रशिक्षण चुन रहे युवा, मिल रहे रोजगार के बेहतर अवसर

2 अक्टू॰43