शेयर बाजार में रूपा स्क्रीन की दमदार एंट्री, निवेशकों की बल्ले-बल्ले
भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में रोटरी निकेल स्क्रीन का निर्माण करने वाली प्रमुख कंपनी रूपा स्क्रीन ने दलाल स्ट्रीट पर धमाकेदार अंदाज में दस्तक दी है। कंपनी के शेयरों ने बाजार में कदम रखते ही धूम मचा दी और निवेशकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरते हुए बंपर रिटर्न दिया। जानकारों का मानना है कि इस तरह की मजबूत लिस्टिंग छोटे और मझोले निवेशकों का मनोबल काफी बढ़ाती है।
कंपनी द्वारा निर्धारित किए गए प्राइस बैंड के अनुसार, इस आईपीओ के शेयर 60 रुपये से 64 रुपये के बीच जारी किए गए थे। हालांकि, जब गुरुवार को इन शेयरों की आधिकारिक लिस्टिंग हुई, तो बाजार के जानकारों के अनुमान सही साबित हुए। शेयर अपने ऊपरी मूल्य यानी 64 रुपये के मुकाबले करीब 90 प्रतिशत की भारी-भरकम बढ़त के साथ 121.60 रुपये के भाव पर खुले। इस शानदार शुरुआत ने निवेशकों के चेहरे पर खुशी ला दी और शुरुआती मिनटों में ही बाजार का माहौल गरमा गया।
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निवेशकों को मिला तगड़ा मुनाफा, चंद मिनटों में दोगुनी हुई रकम
किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने वाले निवेशकों का मुख्य उद्देश्य लिस्टिंग के दिन ही अच्छा मुनाफा कमाना होता है। रूपा स्क्रीन के मामले में यह सपना बिल्कुल सच साबित हुआ। जिन भाग्यशाली निवेशकों को यह आईपीओ अलॉट हुआ था, उन्हें प्रति शेयर 57.60 रुपये का सीधा फायदा मिला। कंपनी की ओर से इस आईपीओ के लिए 2,000 शेयरों का एक लॉट साइज तय किया गया था, जबकि खुदरा निवेशकों को कम से कम दो लॉट यानी कुल 4,000 शेयरों के लिए आवेदन करना अनिवार्य किया गया था।
नियमों के मुताबिक, प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर यानी 64 रुपये के हिसाब से निवेशकों को न्यूनतम 2,56,000 रुपये का निवेश करना पड़ा था। जैसे ही शेयर 121.60 रुपये पर लिस्ट हुए, निवेशकों की लगाई गई पूंजी की वैल्यू बढ़कर सीधे 4,86,400 रुपये के आसपास पहुंच गई। इस प्रकार, केवल लिस्टिंग के समय ही निवेशकों को प्रति लॉट और कुल मिलाकर 2,30,400 रुपये से अधिक का शुद्ध मुनाफा हाथ लग गया। इसके बाद कारोबार के दौरान शेयर में और तेजी आई और यह 127.68 रुपये के उच्च स्तर तक चला गया।
जानें क्या है रूपा स्क्रीन का कारोबार और इसका उत्पाद पोर्टफोलियो
किसी भी कंपनी के शेयरों में निवेश करने से पहले उसके बिजनेस मॉडल को समझना बेहद जरूरी होता है। साल 2013 में स्थापित हुई रूपा स्क्रीन मुख्य रूप से फैब्रिक प्रिंटिंग उद्योग से जुड़ी हुई है। यह कंपनी कपड़ा छपाई में इस्तेमाल होने वाली रोटरी स्क्रीन-प्रिंटिंग मशीनों के लिए रोटरी निकेल स्क्रीन का निर्माण करती है। आसान शब्दों में समझें तो ये रोटरी निकेल स्क्रीन स्टेंसिल की तरह कार्य करती हैं, जिनके जरिए प्रिंटिंग पेस्ट निकलकर कपड़ों पर आकर्षक और सटीक डिजाइन व पैटर्न उकेरता है।
केवल रोटरी निकेल स्क्रीन ही नहीं, बल्कि यह कंपनी निकेल कैथोड का व्यापार भी करती है। निकेल कैथोड वह कच्चा माल है जिसका उपयोग निकेल स्क्रीन बनाने की विनिर्माण प्रक्रिया में मुख्य रूप से किया जाता है। कंपनी के व्यापक उत्पाद पोर्टफोलियो में डेल्टा स्क्रीन, पेंटा स्क्रीन, स्टैंडर्ड स्क्रीन और नोवा स्क्रीन जैसे कई बेहतरीन विकल्प शामिल हैं, जिनकी मांग कपड़ा बाजार में लगातार बनी रहती है। कंपनी अपनी इस तकनीक और उत्पादों के बल पर देश के टेक्सटाइल हब में अपनी मजबूत पैठ बना चुकी है।
कंपनी की वित्तीय सेहत और मजबूत ग्राहक आधार
कारोबारी मोर्चे पर भी रूपा स्क्रीन का प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति को काफी मजबूत किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में 45.63 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया था, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 51.32 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह, मुनाफे के मोर्चे पर भी अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 4.69 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 6.48 करोड़ रुपये हो गया।
"हमारी कंपनी का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के साथ अपने ग्राहकों को संतुष्ट करना और निरंतर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना है। बाजार से जुटाई गई पूंजी का उपयोग कारोबार के विस्तार में किया जाएगा।" — प्रबंधन, रूपा स्क्रीन लिमिटेड
कंपनी के ग्राहक आधार की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 के दौरान रूपा स्क्रीन ने देश भर के 200 से अधिक प्रतिष्ठित ग्राहकों को अपने उत्पाद सप्लाई किए। इन ग्राहकों में गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और तमिलनाडु जैसे बड़े औद्योगिक राज्य प्रमुख रूप से शामिल हैं। कंपनी का अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट गुजरात के अहमदाबाद जिले के साणंद तालुका में स्थित है, जहां से देश भर में उत्पादों की आपूर्ति की जाती है।
आईपीओ के आंकड़े और आगे की संभावनाएं
रूपा स्क्रीन के इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ को निवेशकों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। बाजार में यह आईपीओ 24 सितंबर को खुला था और 28 सितंबर को सफलतापर्वक बंद हुआ था। इस इश्यू में विभिन्न श्रेणियों के निवेशकों के लिए कोटा निर्धारित किया गया था, जिसमें रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत, योग्य संस्थागत खरीदारों यानी QIB के लिए 50 प्रतिशत और गैर-संस्थागत निवेशकों यानी HNI के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रखा गया था।
कंपनी ने इस आईपीओ के माध्यम से शेयर बाजार से लगभग 19.20 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने का लक्ष्य रखा था, जिसे पूरी सफलता के साथ पूरा कर लिया गया। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी के मजबूत फंडामेंटल और कपड़ा उद्योग में इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए लंबी अवधि में यह निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि, शेयर बाजार की चाल हमेशा अनिश्चित होती है, इसलिए निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लेनी चाहिए।








