क्रिकेट के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का शानदार दांव, निवेशकों की नजरें आजाद इंजीनियरिंग पर
भारतीय शेयर बाजार में हर दिन नए रिकॉर्ड बनते और बिगड़ते हैं, लेकिन कुछ चुनिंदा निवेश ऐसे होते हैं जो इतिहास रच देते हैं। क्रिकेट की दुनिया में अपने अनगिनत रिकॉर्ड्स से इतिहास रचने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने बिजनेस की दुनिया में भी एक ऐसा ही बेहतरीन दांव खेला है। हैदराबाद स्थित प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी आजाद इंजीनियरिंग लिमिटेड (Azad Engineering Limited) के शेयरों में पिछले कुछ महीनों से जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। इस कंपनी में सचिन तेंदुलकर द्वारा किया गया शुरुआती निवेश अब कई गुना बढ़कर आसमान छू रहा है, जिससे शेयर बाजार के जानकारों और आम निवेशकों का ध्यान इस स्टॉक की ओर खींचा है।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, सचिन तेंदुलकर ने 6 मार्च 2023 को आजाद इंजीनियरिंग में करीब 5 करोड़ रुपये का दांव लगाया था। उन्होंने ये प्री-IPO शेयर औसतन 114.10 रुपये प्रति शेयर की दर से खरीदे थे। कंपनी की शानदार ग्रोथ और शेयर बाजार में इसके धमाकेदार प्रदर्शन के चलते सचिन तेंदुलकर का यह 5 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश अब बढ़कर लगभग 120 से 130 करोड़ रुपये के भारी-भरकम स्तर पर पहुंच चुका है। इस अद्भुत रिटर्न ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सही समय पर मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी में किया गया निवेश कितना बड़ा फायदा दे सकता है।
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ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज का बड़ा ऐलान, ₹3200 तक जा सकता है शेयर का भाव
आजाद इंजीनियरिंग लिमिटेड के शेयरों में जारी शानदार तेजी को देखते हुए देश की प्रमुख घरेलू ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज ने इस स्टॉक पर अपनी सकारात्मक राय यानी 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने इस शेयर के लिए अपने टारगेट प्राइस में बड़ा इजाफा करते हुए इसे पहले के 1900 रुपये से बढ़ाकर सीधे 3,200 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की विकास योजनाओं को देखते हुए यह शेयर आने वाले समय में निवेशकों को और भी बंपर मुनाफा दे सकता है।
ब्रोकरेज ने अपनी वैल्यूएशन को वित्त वर्ष 2029 तक आगे बढ़ाया है और अनुमानित अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के 55 गुना का टारगेट मल्टीपल तय किया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, ग्लोबल दिग्गजों के साथ मजबूत होते कारोबारी रिश्ते और ऑर्डर बुक की बेहतर विजिबिलिटी इस शेयर को लंबी अवधि में एक मजबूत निवेश विकल्प बनाती है। पिछले छह महीनों के दौरान इस शेयर में 100 प्रतिशत से अधिक की शानदार तेजी दर्ज की गई है, जिसने शॉर्ट-टर्म निवेशकों को भी मालामाल कर दिया है।
हैदराबाद में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का उद्घाटन, GE वर्नोवा के साथ और गहरा हुआ रिश्ता
आजाद इंजीनियरिंग के शेयरों में हालिया उछाल के पीछे कंपनी का लगातार हो रहा विस्तार और नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। कंपनी ने हाल ही में हैदराबाद स्थित अपने 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एंड इनोवेशन सेंटर' में वैश्विक ऊर्जा दिग्गज GE वर्नोवा के गैस पावर बिजनेस के लिए दो अत्याधुनिक 'लीन मैन्युफैक्चरिंग' इकाइयों का उद्घाटन किया है। लगभग 15,200 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैली ये नई यूनिट्स कंपनी के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी क्षमता विस्तार को दर्शाती हैं।
इन नई इकाइयों के शुरू होने के बाद GE वर्नोवा के लिए कंपनी की खास यूनिट्स की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। कंपनी की योजना के तहत उसकी कुल सात खास यूनिट्स में से अब छह पूरी तरह से चालू हो चुकी हैं, साथ ही एक आधुनिक फोर्जिंग यूनिट का संचालन भी शुरू हो चुका है। इस तरह के बड़े औद्योगिक विस्तार से ग्लोबल मार्केट में कंपनी की साख और पकड़ दोनों मजबूत हुई हैं, जिसका सीधा फायदा इसके शेयरों की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।
शानदार वित्तीय नतीजे और एयरोस्पेस-डिफेंस सेक्टर में बढ़ती पकड़
किसी भी कंपनी के शेयर की असल ताकत उसके वित्तीय प्रदर्शन में छिपी होती है और आजाद इंजीनियरिंग इस मोर्चे पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। हाल ही में समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 20.2 प्रतिशत की छलांग लगाकर 35.7 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा, ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के 137 करोड़ रुपये से 26 प्रतिशत बढ़कर 172.5 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी का एबिटा (EBITDA) भी 31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 64.3 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि एबिटा मार्जिन सुधरकर 37.3 प्रतिशत हो गया है।
"आजाद इंजीनियरिंग की लगातार बढ़ती ऑर्डर बुक, वैश्विक स्तर पर मजबूत होती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और एयरोस्पेस व डिफेंस सेक्टर में इसकी तकनीकी विशेषज्ञता इसे बाजार में सबसे अलग खड़ा करती है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह पोर्टफोलियो का एक मजबूत हिस्सा बन सकता है।" — मार्केट एक्सपर्ट और ब्रोकरेज रिपोर्ट्स
यह कंपनी केवल ऊर्जा और पावर जनरेशन सेक्टर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एयरोस्पेस, डिफेंस और ऑयल एंड गैस इंडस्ट्रीज के लिए बेहद जटिल और उच्च सटीकता वाले यानी प्रिसिजन-इंजीनियर्ड कंपोनेंट्स का निर्माण करती है। कंपनी के प्रोडक्ट्स की मांग भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी, सऊदी अरब, सिंगापुर और मिडिल ईस्ट जैसे दुनिया के तमाम विकसित बाजारों में है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की व्यापक पहुंच ही इस कंपनी को बाजार में एक लंबी रेस का घोड़ा बनाती है।
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के लिए क्या है आगे की रणनीति?
बाजार के जानकारों का मानना है कि हालिया ऑल-टाइम हाई छूने के बाद शेयरों में मामूली मुनाफावसूली या करेक्शन देखने को मिल सकता है, जो कि एक स्वस्थ बाजार का हिस्सा है। पिछले सत्र में BSE पर इस शेयर ने 3,126 रुपये के नए उच्च स्तर को छुआ था, जिसके बाद कुछ बिकवाली के चलते यह 2,860 रुपये के आसपास बंद हुआ। हालांकि, तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि चार्ट पर यह शेयर 'हायर हाई और हायर लो' का मजबूत पैटर्न बना रहा है, जो इसकी आने वाली चाल को सकारात्मक संकेत देता है। निवेशकों को किसी भी शॉर्ट-टर्म गिरावट का उपयोग चुनिंदा स्तरों पर खरीदारी के लिए करना चाहिए, बशर्ते वे अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें।








