एंटीलिया बम केस में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की जमानत रद्द करने की एनआईए की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सख्त रुख देखने को मिला है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान अदालत में जब सचिन वाजे द्वारा इस्तेमाल की जा रही महंगी और लग्जरी गाड़ियों का ब्योरा सामने आया, तो जजों की बेंच भी हैरान रह गई। मामला सिर्फ गाड़ियों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वाजे के आलीशान रहन-सहन और खर्चों को लेकर भी अदालत ने कई तीखे सवाल उठाए।
मर्सिडीज और लैंड क्रूजर का काफिला
मामले की सुनवाई जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की बेंच कर रही थी। एनआईए की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह कोर्ट के सामने जांच के दौरान दर्ज किए गए गवाहों के बयान पढ़ रहे थे। सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने वाजे द्वारा इस्तेमाल की गई पांच गाड़ियों की लिस्ट रखी गई। इसमें सफेद BMW, काली Volvo, सफेद Mercedes, सफेद Toyota Land Cruiser Prado और काली Mercedes शामिल हैं।
लिस्ट देखने के बाद कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा, 'इसके पास 5 कारें हैं!' अनिल सिंह ने बताया कि जांच के दौरान उन कार डीलरों के बयान भी दर्ज किए गए थे, जिन्होंने वाजे को ये गाड़ियां बेची थीं।
'कमिश्नर के पास भी शायद न हो ऐसी गाड़ी'
सुनवाई के दौरान एक गवाह के हवाले से बताया गया कि वाजे अपनी काली मर्सिडीज से पुलिस कमिश्नर के ऑफिस और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 'वर्षा' भी जाता था। इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या गाड़ी का रजिस्ट्रेशन वाजे के नाम पर था? बेंच ने कहा कि आमतौर पर असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को मर्सिडीज चलाते हुए देखना आम नहीं है।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हो सकता है कि किसी इंस्पेक्टर जनरल या कमिश्नर के पास भी ऐसी गाड़ियां न हों। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस कमिश्नर को भी ऐसी बातों पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, वाजे के दक्षिण मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में करीब 100 दिनों तक रहने और उसकी महीने की सैलरी (करीब 90 हजार रुपये) को लेकर भी सवाल उठाए गए।
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