सलमान खान की 'मातृभूमि' को मिली बड़ी राहत, सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद थिएटर्स में दस्तक की तैयारी
बॉलीवुड के दबंग कहे जाने वाले अभिनेता सलमान खान के फैंस के लिए एक बेहद राहत भरी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। उनकी बहुप्रतीक्षित वॉर ड्रामा फिल्म 'मातृभूमि' की रिलीज का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। रक्षा मंत्रालय और सूचना-प्रसारण (I&B) मंत्रालय ने इस फिल्म के नए और संशोधित वर्जन को हरी झंडी देते हुए सिनेमाघरों में रिलीज के लिए आधिकारिक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है। पिछले काफी समय से इस फिल्म की रिलीज को लेकर संशय बना हुआ था, लेकिन अब सरकारी मंजूरी मिलने के बाद फिल्म जगत में सुगबुगाहट तेज हो गई है।
यह फिल्म साल 2020 में भारत और चीन की सेनाओं के बीच गलवान घाटी में हुए ऐतिहासिक सैन्य टकराव पर आधारित है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों और कड़े प्रशासनिक मानकों के कारण इस देशभक्ति प्रोजेक्ट को लेकर रक्षा मंत्रालय की तरफ से कुछ आपत्तियां जताई गई थीं। यही वजह थी कि फिल्म की रिलीज लगातार टलती जा रही थी और इसके मेकर्स सही समय की तलाश में थे। हालांकि, अब कूटनीतिक सुधारों और मेकर्स द्वारा किए गए जरूरी बदलावों के बाद इस पर लगी रोक हट गई है।
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गलवान टकराव पर बनी इस फिल्म के ओरिजिनल ड्राफ्ट में किए गए हैं बड़े बदलाव
विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत और चीन के बीच हाल के महीनों में सुधरे कूटनीतिक हालातों को देखते हुए रक्षा मंत्रालय और I&B मंत्रालय के अधिकारियों ने फिल्म के कंटेंट की गहराई से समीक्षा की थी। मेकर्स ने मंत्रालय की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए फिल्म के ओरिजिनल ड्राफ्ट में काफी फेरबदल किए हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि अब फिल्म में भारत और चीन के आपसी संबंधों को केवल तनाव के नजरिए से ही नहीं, बल्कि सकारात्मक पहलुओं के साथ भी प्रदर्शित किया गया है।
बताया जा रहा है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधिकारी मेकर्स द्वारा जमा किए गए इस नए और सुधरे हुए वर्जन से पूरी तरह संतुष्ट हैं। इसी संतुष्टि के आधार पर पिछले हफ्ते ही मंत्रालय ने इस वॉर ड्रामा फिल्म को अनापत्ति प्रमाण पत्र सौंप दिया। सरकारी निर्देशों के तहत किए गए इन बदलावों ने ही फिल्म के लिए सिनेमाघरों के दरवाजे खोलने में सबसे अहम भूमिका निभाई है, जिससे मेकर्स और फैंस दोनों ने राहत की सांस ली है।
दिवाली के बाद 13 नवंबर को आ सकती है फिल्म, भाईजान की टीम बना रही है खास योजना
एनओसी मिलने के बाद से ही सलमान खान ने अपनी इस महत्वकांक्षी फिल्म की रिलीज डेट को लेकर प्लानिंग शुरू कर दी है। फिल्म इंडस्ट्री के गलियारों से आ रही खबरों की मानें तो सलमान खान इस साल दिवाली के तुरंत बाद यानी 13 नवंबर की तारीख पर गंभीर रूप से विचार कर रहे हैं। उनका मानना है कि त्योहार के ठीक बाद का माहौल और लोगों का जश्न का मूड इस तरह की देशभक्ति और एक्शन से भरपूर वॉर ड्रामा फिल्म के लिए सबसे अनुकूल साबित होगा।
सब कुछ अगर तय योजनाओं के मुताबिक चलता रहा, तो अगले दस दिनों के भीतर मेकर्स की तरफ से फिल्म की रिलीज को लेकर एक बड़ी और आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। सलमान खान की स्टार पावर और इस विषय की संवेदनशीलता को देखते हुए ट्रेड एनालिस्ट्स का भी यही मानना है कि यह त्यौहारी स्लॉट फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर शानदार ओपनिंग दिला सकता है।
सेंसर बोर्ड (CBFC) की मुहर का इंतजार, जल्द थिएटर्स में उतरेगी स्टार कास्ट
सरकारी मंत्रालयों से हरी झंडी मिलने के बाद अब फिल्म की रिलीज के रास्ते में केवल एक ही प्रशासनिक पड़ाव बाकी है, और वह है सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) यानी सेंसर बोर्ड का अप्रूवल। मेकर्स बहुत जल्द इस फिल्म को सेंसर बोर्ड के पास आधिकारिक प्रमाणन के लिए जमा करने जा रहे हैं। यदि इसी महीने सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिल जाती है, तो तय समय सीमा के भीतर फिल्म बड़े पर्दे पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगी।
अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सलमान खान के साथ बॉलीवुड की खूबसूरत अदाकारा चित्रांगदा सिंह भी मुख्य भूमिका में दिखाई देंगी। इस फिल्म का नाम पहले 'बैटल ऑफ गलवान' तय किया गया था, जिसे बाद में बदलकर 'मातृभूमि' कर दिया गया। लंबे वक्त से अटकी इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता है।
"सलमान खान अब 13 नवंबर की तारीख पर गहरी नजर बनाए हुए हैं। उनका मानना है कि दिवाली के बाद का समय, जब लोग उत्सव के माहौल में होंगे, इस फ़िल्म की रिलीज़ के लिए सबसे सटीक रहेगा। सेंसर की प्रक्रिया पूरी होते ही फिल्म की रिलीज पर मुहर लग जाएगी।" — फिल्म यूनिट से जुड़े करीबी सूत्र
निष्कर्ष और आगे की उम्मीदें
सलमान खान की फिल्मों का उनके चाहने वाले हमेशा से बेसब्री से इंतजार करते आए हैं, और 'मातृभूमि' जैसे गंभीर विषय पर बनी वॉर ड्रामा फिल्म का क्रेज तो वैसे ही सातवें आसमान पर है। रक्षा और सूचना-प्रसारण मंत्रालय से एनओसी मिलना इस प्रोजेक्ट के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है। अब निगाहें पूरी तरह से सेंसर बोर्ड के फैसले और मेकर्स के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो इस नवंबर दर्शकों को सिनेमाघरों में एक बेहतरीन देशभक्ति का अनुभव मिलने जा रहा है।








