टेलीविजन के सबसे लंबे समय तक चलने वाले और बेहद लोकप्रिय क्राइम शो 'सीआईडी' (CID) में दया का किरदार निभाकर देश के हर कोने में छा जाने वाले अभिनेता दयानंद शेट्टी (Dayanand Shetty) इन दिनों अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। सिर्फ टीवी ही नहीं, बल्कि बड़े पर्दे पर भी रोहित शेट्टी की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सिंघम' और नेटफ्लिक्स की लोकप्रिय वेब सीरीज 'सिंगल पापा' जैसे प्रोजेक्ट्स में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाले दया ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के अंदरूनी सच से पर्दा उठाया है। उन्होंने बॉलीवुड के वीआईपी कल्चर और सितारों के भारी-भरकम 'एंटूराज' (लव-लश्कर और टीम) पर खुलकर बातचीत की है।
एक इंटरव्यू के दौरान दयानंद शेट्टी ने फिल्म इंडस्ट्री के उन अनसुने पहलुओं पर रोशनी डाली, जिन्हें आम दर्शक कभी पर्दे के पीछे नहीं देख पाते। उन्होंने बताया कि कैसे सेट पर काम करने वाले बड़े-बड़े अभिनेता अपनी सहूलियत और शानो-शौकत के लिए दर्जनों लोगों की फौज लेकर चलते हैं। इस दौरान उन्होंने जो सबसे चौंकाने वाली बात बताई, वह थी बॉलीवुड सितारों के पालतू कुत्तों की शाही जिंदगी। दया के मुताबिक, इन दिनों फिल्मों के सेट पर सिर्फ सितारे ही नहीं, बल्कि उनके लाडले पेट्स भी किसी वीआईपी मेहमान से कम मान-सम्मान नहीं पाते हैं।
शूटिंग सेट पर पालतू कुत्तों के लिए रखा जाता है खास स्टाफ
दयानंद शेट्टी ने बॉलीवुड सितारों की दिनचर्या और शूटिंग के दौरान उनके अजीबोगरीब तौर-तरीकों का जिक्र करते हुए बताया कि कई कलाकार अपने साथ अपने पालतू कुत्तों को भी सेट पर उठा लाते हैं। इन कुत्तों की खातिरदारी के लिए बकायदा एक अलग इंसान यानी 'नैनी' तैनात की जाती है, जिसका काम सिर्फ उस कुत्ते को घुमाना, उसे समय पर खाना खिलाना और उसकी देखभाल करना होता है।
दयानंद ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, 'अब ऐसा माहौल बन चुका है क्योंकि ये सितारे इसी परिवेश में बड़े हुए हैं। अगर कोई बड़ा एक्टर है, तो उसे अपनी स्टारडम दिखाने के लिए यह सब करना पड़ता है। पानी पिलाने से लेकर बैग संभालने तक, हर काम के लिए अलग लोग होते हैं। हद तो तब हो जाती है जब लोग अपने पालतू कुत्तों को भी वैनिटी वैन और शूटिंग लोकेशन पर साथ ले आते हैं।'
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कुत्तों के महंगे शौक और मेकअप का हैरान करने वाला सच
बात यहीं खत्म नहीं होती, दया ने आगे खुलासा किया कि इन स्टार्स के पेट्स किसी राजकुमार से कम नहीं जीते हैं। शूटिंग के बीच में जब भी कलाकारों को फुर्सत मिलती है, वे अपने कुत्ते को अपने पास मंगवाते हैं और उसके साथ समय बिताते हैं। इन कुत्तों के पहनावे और स्टाइल पर भी लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं।
"शूटिंग के बीच में वो कहते हैं कि उनके कुत्ते को उनके पास लाया जाए और फिर वो कुछ समय उसके साथ खेलते हैं। कुत्ते की देखभाल के लिए उसकी एक नैनी भी होती है, जो उसे घुमाने और खाना खिलाने का काम करती है। कुत्ते को अच्छे कपड़े पहनाए जाते हैं, वो सनग्लासेस भी लगाता है। इतना ही नहीं, कुछ लोग कुत्ते का मेकअप भी करवाते हैं और उसे अपने साथ लेकर आते हैं।" — दयानंद शेट्टी, अभिनेता
दयानंद ने मजाकिया अंदाज में यह भी जोड़ा कि ऐसे पलों में उन्हें उन पालतू जानवरों की किस्मत पर रश्क आता है। उन्होंने कहा कि जब वो इन चीजों के बारे में ज्यादा सोचते हैं, तो उन्हें अजीब सा दुख होता है, लेकिन जब वो इन बातों पर ध्यान देना बंद कर देते हैं, तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इंडस्ट्री के इस नए और महंगे कल्चर पर केवल दया ने ही सवाल नहीं उठाए हैं, बल्कि कई जाने-माने फिल्ममेकर्स और प्रोड्यूसर्स भी पहले इस तरह की स्टार्स की मांगों पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।
बॉलीवुड में लंबे समय से चल रही है एंटूराज कल्चर पर बहस
फिल्म जगत में पिछले कुछ समय से यह चर्चा का एक बड़ा विषय बना हुआ है कि सितारों के साथ आने वाली बड़ी टीम और उनकी फिजूलखर्ची फिल्मों के बजट को बेतहाशा बढ़ा रही है। मेकर्स का मानना है कि कई बार कलाकारों की इन अजीबोगरीब और भारी-भरकम मांगों के कारण निर्माताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। हालांकि, स्टार्स के लिए यह उनकी जिद और स्टेटस सिंबल का हिस्सा बन चुका है।
दयानंद शेट्टी जैसे जमीनी और लंबे अनुभव वाले कलाकार जब इस तरह की अंदरूनी कहानियों को सार्वजनिक करते हैं, तो आम जनता को भी यह समझने का मौका मिलता है कि चकाचौंध से भरी इस दुनिया के पीछे किस तरह की वास्तविकता छिपी हुई है। एक तरफ जहां देश में आम लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी की जद्दोजहद में लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ मनोरंजन जगत में पालतू जानवरों पर लाखों रुपये लुटाने का यह चलन लगातार बहस का मुद्दा बना हुआ है। बहरहाल, दया का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोग इस पर अपनी तीखी और मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।






