नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में गांधी जयंती के अवसर पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पीटीआई (PTI News) द्वारा साझा किए गए एक वीडियो ने राजनीतिक गलियारों और आम नागरिकों के बीच खासी चर्चा बटोरी है। इस वीडियो में आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रमुख और वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज नजर आ रहे हैं, जो जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक पाबंदियों के बीच पैदल पहुंचे।
वीडियो में सौरभ भारद्वाज को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे अपने घर से बिना किसी कार, स्कूटर या अन्य वाहन के जंतर-मंतर तक पहुंचे हैं। उनके अनुसार, आसपास के मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं, लेकिन जो स्टेशन खुले हैं, वहां उतरकर पैदल सफर तय किया जा सकता है। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न आयोजनों और प्रदर्शनों के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और कई रास्तों तथा मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही सीमित की गई है।
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पृष्ठभूमि और अन्य घटनाक्रम
इंटरनेट पर उपलब्ध प्राथमिक जानकारियों और रिपोर्ट्स के अनुसार, गांधी जयंती के दिन जंतर-मंतर पर केवल सौरभ भारद्वाज का बयान ही चर्चा में नहीं रहा, बल्कि अन्य राजनीतिक हलचलें भी देखने को मिलीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा को भी जंतर-मंतर के पास पुलिस द्वारा रोके जाने और हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। पुलिस हिरासत वाली वैन से मनोज झा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 'आज गांधी जयंती है, शर्म आनी चाहिए।' इन तमाम घटनाओं ने राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक प्रदर्शनों और पुलिस प्रशासन के बीच की खींचतान को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रियाएं
इस वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ लोग पाबंदियों के बीच नेताओं के इस तरह पहुंचने और विरोध दर्ज कराने को लेकर अपनी राजनीतिक राय रख रहे हैं, वहीं आम जनता जाम, मेट्रो बंद होने और रोजमर्रा की आवाजाही में होने वाली असुविधाओं को लेकर भी अपनी चिंताएं व्यक्त कर रही है। बहरहाल, प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर उठाए गए इन कदमों और नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर बहस जारी है।






