होम/देश/शेयर बाजार में बड़ा एक्शन: नियमों की हेराफेरी पर सेबी सख्त, लिस्टेड रियल एस्टेट कंपनी पर लगा बैन
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

शेयर बाजार में बड़ा एक्शन: नियमों की हेराफेरी पर सेबी सख्त, लिस्टेड रियल एस्टेट कंपनी पर लगा बैन

बाजार नियामक सेबी ने न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी के नियमों में गड़बड़ी करने वाली रियल एस्टेट कंपनी ओमेक्स और उसके प्रमोटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी और उससे जुड़ी इकाइयों पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही शेयर बाजार में कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
26 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
शेयर बाजार में बड़ा एक्शन: नियमों की हेराफेरी पर सेबी सख्त, लिस्टेड रियल एस्टेट कंपनी पर लगा बैन
📷 शेयर बाजार में बड़ा एक्शन: नियमों की हेराफेरी पर सेबी सख्त, लिस्टेड रियल एस्टेट कंपनी पर लगा बैन — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • सेबी ने नियमों की अनदेखी और कृत्रिम शेयरहोल्डिंग दिखाने के मामले में ओमेक्स और अन्य इकाइयों पर प्रतिबंध लगाया है।
  • मुख्य कंपनी ओमेक्स पर तीन महीने और प्रमोटरों तथा समूह की अन्य कंपनियों पर एक साल का बैन लगाया गया है।
  • नियामक ने कुल 1.92 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना भी इन सभी संस्थाओं पर लगाया है।

शेयर बाजार में नियमों की अनदेखी पर सेबी का बड़ा हंटर

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शेयर बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। बाजार नियामक ने न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी (Minimum Public Shareholding) के नियमों का उल्लंघन करने वाली प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी ओमेक्स लिमिटेड और उससे जुड़ी कई संस्थाओं के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। इस कार्रवाई के तहत कंपनी के साथ-साथ उसके शीर्ष अधिकारियों और प्रमोटरों को भी शेयर बाजार में कारोबार करने से रोक दिया गया है।

नियामक की ओर से यह पूरी कार्रवाई उस समय की गई जब जांच में यह पाया गया कि कंपनी ने नियमों को कागजों पर पूरा दिखाने के लिए वित्तीय हेराफेरी का रास्ता अपनाया था। सेबी के इस फैसले से शेयर बाजार के गलियारों में और खासतौर पर रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मच गया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के कड़े फैसलों से निवेशकों का सिस्टम में भरोसा और अधिक मजबूत होगा।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

कर्ज के बोझ से पूरी तरह मुक्त हुई दिग्गज ज्वैलरी कंपनी, 14 बैंकों का चुकाया पूरा बकाया

कर्ज के बोझ से पूरी तरह मुक्त हुई दिग्गज ज्वैलरी कंपनी, 14 बैंकों का चुकाया पूरा बकाया

पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर बड़ा अपडेट: कच्चा तेल सस्ता होने के बाद भी क्यों राहत नहीं दे रही सरकार?

पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर बड़ा अपडेट: कच्चा तेल सस्ता होने के बाद भी क्यों राहत नहीं दे रही सरकार?

जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों को मिलेगी राहत: इनपुट टैक्स क्रेडिट और रजिस्ट्रेशन नियमों में होगा बड़ा बदलाव

जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों को मिलेगी राहत: इनपुट टैक्स क्रेडिट और रजिस्ट्रेशन नियमों में होगा बड़ा बदलाव

सस्ता हुआ सोना: लगातार पांच दिनों में भारी गिरावट, जानिए अब क्या रह गए हैं नए दाम

सस्ता हुआ सोना: लगातार पांच दिनों में भारी गिरावट, जानिए अब क्या रह गए हैं नए दाम

बैंक में कैश जमा करना पड़ा भारी: इनकम टैक्स के नोटिस से ऐसे मिली राहत, जानें क्या है पूरा मामला

बैंक में कैश जमा करना पड़ा भारी: इनकम टैक्स के नोटिस से ऐसे मिली राहत, जानें क्या है पूरा मामला

आईपीओ बाजार में बंपर कमाई का मौका: इस कंपनी के शेयरों पर टूट पड़े निवेशक, ग्रे मार्केट में मिला जोरदार प्रीमियम

आईपीओ बाजार में बंपर कमाई का मौका: इस कंपनी के शेयरों पर टूट पड़े निवेशक, ग्रे मार्केट में मिला जोरदार प्रीमियम

वैश्विक उथल-पुथल के बीच देश की अर्थव्यवस्था मजबूत: आरबीआई ने गिनाई देश की पांच बड़ी ताकतें

वैश्विक उथल-पुथल के बीच देश की अर्थव्यवस्था मजबूत: आरबीआई ने गिनाई देश की पांच बड़ी ताकतें

जेब भरने का मौका: SAIL, IGL और NMDC समेत इन तीन सरकारी कंपनियों का बड़ा ऐलान, रिकॉर्ड डेट इसी महीने

जेब भरने का मौका: SAIL, IGL और NMDC समेत इन तीन सरकारी कंपनियों का बड़ा ऐलान, रिकॉर्ड डेट इसी महीने

कृत्रिम तरीकों से जनता के बीच हिस्सेदारी दिखाने का खेल

सेबी की विस्तृत जांच में यह बात सामने आई कि ओमेक्स लिमिटेड निर्धारित 25 प्रतिशत न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी के नियम को प्राकृतिक रूप से हासिल करने में पूरी तरह नाकाम रही थी। इस कमी को छिपाने के लिए एक अनोखा और जटिल तरीका निकाला गया। कंपनी और उसकी समूह इकाइयों ने कुछ चुनिंदा संस्थाओं को भारी मात्रा में धन मुहैया कराया और बाद में उन्हीं पैसों से बाजार में कंपनी के शेयर खरीदे गए।

कागजों पर इन संस्थाओं को स्वतंत्र सार्वजनिक शेयरधारक के रूप में पेश किया गया, ताकि ऐसा लगे कि कंपनी ने नियामकीय मानकों का पूरी तरह पालन कर लिया है। लेकिन बाजार नियामक की पैनी नजरों से यह खेल छिप नहीं सका। सेबी ने अपनी जांच में स्पष्ट किया कि ये सभी लेनदेन पूरी तरह से सुनियोजित थे और इनका एकमात्र उद्देश्य नियमों को चकमा देना था।

फंड ट्रांसफर का जाल और ऑफर फॉर सेल की सच्चाई

नियामक के आदेश के अनुसार, ओमेक्स और उसकी सहयोगी कंपनियों ने कई अन्य फर्मों जैसे कि डीवीएम रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, गर्व बिल्डटेक और जीत बिल्डर्स के माध्यम से लगभग 46.50 करोड़ रुपये की बड़ी रकम इधर-उधर ट्रांसफर की थी। इस धन का इस्तेमाल मुख्य रूप से साल 2013 में लाई गई ऑफर फॉर सेल (OFS) प्रक्रिया के दौरान कंपनी के अपने ही शेयरों को खरीदने के लिए किया गया।

सेबी ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया है कि यदि इन संदिग्ध लेनदेन और कंपनी के अपने फंड से खरीदी गई हिस्सेदारी को हटा दिया जाए, तो कंपनी की वास्तविक सार्वजनिक हिस्सेदारी कागजी दावों से काफी कम बैठती है। उदाहरण के लिए, जून 2013 के ओएफएस के बाद जहां सार्वजनिक हिस्सेदारी 16.21 प्रतिशत बताई गई थी, वह वास्तव में घटकर महज 14.57 प्रतिशत रह जाती।

किस पर कितना और क्या प्रतिबंध लगा

नियामक की सख्ती का असर कंपनी के प्रबंधन पर साफ दिखाई दे रहा है। सेबी ने मुख्य कंपनी ओमेक्स लिमिटेड को तीन महीने के लिए सिक्योरिटी मार्केट में किसी भी तरह के नए कारोबार से प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं, कंपनी के प्रमोटर रोहतास गोयल और जय भगवान गोयल के साथ-साथ समूह की दो अन्य कंपनियों—ड्रीम होम डेवलपर्स और गिल्ड बिल्डर्स को एक पूरे साल के लिए बाजार से बाहर कर दिया गया है।

इसके अतिरिक्त, ओमेक्स के पूर्व संयुक्त प्रबंध निदेशक सुनील गोयल पर भी नियमों की इस अनदेखी में संलिप्तता के चलते एक साल का प्रतिबंध लगाया गया है। इन सभी पर व्यक्तिगत और संस्थागत रूप से कुल 1.92 करोड़ रुपये का आर्थिक जुर्माना भी ठोंका गया है, जिसे तय समय सीमा के भीतर जमा कराना होगा.

"बाजार में पारदर्शिता और निवेशकों का विश्वास सर्वोपरि है। नियमों के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी इकाई को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो।" — बाजार विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ वित्तीय विश्लेषक

कार्रवाई का आम निवेशकों और बाजार पर प्रभाव

इस प्रकार की सख्त नियामक कार्रवाइयां यह संदेश देती हैं कि भारतीय शेयर बाजार में किसी भी तरह की हेराफेरी या नियमों की अनदेखी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, इस तरह के प्रतिबंधों से शॉर्ट टर्म में कंपनी के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से यह कदम बाजार को अधिक स्वच्छ और पारदर्शी बनाएगा। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी वित्तीय सेहत और कंप्लायंस रिकॉर्ड की पूरी जांच जरूर कर लें।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

कर्ज के बोझ से पूरी तरह मुक्त हुई दिग्गज ज्वैलरी कंपनी, 14 बैंकों का चुकाया पूरा बकायाNATIONAL

कर्ज के बोझ से पूरी तरह मुक्त हुई दिग्गज ज्वैलरी कंपनी, 14 बैंकों का चुकाया पूरा बकाया

26 सित॰
पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर बड़ा अपडेट: कच्चा तेल सस्ता होने के बाद भी क्यों राहत नहीं दे रही सरकार?NATIONAL

पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर बड़ा अपडेट: कच्चा तेल सस्ता होने के बाद भी क्यों राहत नहीं दे रही सरकार?

26 सित॰
जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों को मिलेगी राहत: इनपुट टैक्स क्रेडिट और रजिस्ट्रेशन नियमों में होगा बड़ा बदलावNATIONAL

जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों को मिलेगी राहत: इनपुट टैक्स क्रेडिट और रजिस्ट्रेशन नियमों में होगा बड़ा बदलाव

26 सित॰
सस्ता हुआ सोना: लगातार पांच दिनों में भारी गिरावट, जानिए अब क्या रह गए हैं नए दामNATIONAL

सस्ता हुआ सोना: लगातार पांच दिनों में भारी गिरावट, जानिए अब क्या रह गए हैं नए दाम

26 सित॰
बैंक में कैश जमा करना पड़ा भारी: इनकम टैक्स के नोटिस से ऐसे मिली राहत, जानें क्या है पूरा मामलाNATIONAL

बैंक में कैश जमा करना पड़ा भारी: इनकम टैक्स के नोटिस से ऐसे मिली राहत, जानें क्या है पूरा मामला

26 सित॰
आईपीओ बाजार में बंपर कमाई का मौका: इस कंपनी के शेयरों पर टूट पड़े निवेशक, ग्रे मार्केट में मिला जोरदार प्रीमियमNATIONAL

आईपीओ बाजार में बंपर कमाई का मौका: इस कंपनी के शेयरों पर टूट पड़े निवेशक, ग्रे मार्केट में मिला जोरदार प्रीमियम

26 सित॰
वैश्विक उथल-पुथल के बीच देश की अर्थव्यवस्था मजबूत: आरबीआई ने गिनाई देश की पांच बड़ी ताकतेंNATIONAL

वैश्विक उथल-पुथल के बीच देश की अर्थव्यवस्था मजबूत: आरबीआई ने गिनाई देश की पांच बड़ी ताकतें

26 सित॰
जेब भरने का मौका: SAIL, IGL और NMDC समेत इन तीन सरकारी कंपनियों का बड़ा ऐलान, रिकॉर्ड डेट इसी महीनेNATIONAL

जेब भरने का मौका: SAIL, IGL और NMDC समेत इन तीन सरकारी कंपनियों का बड़ा ऐलान, रिकॉर्ड डेट इसी महीने

26 सित॰