शेयर बाजार में डिविडेंड शेयरों का जलवा, सरकारी कंपनियों पर निवेशकों की खास नजर
भारतीय शेयर बाजार में केवल शेयरों की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव ही कमाई का जरिया नहीं है, बल्कि कंपनियों द्वारा दिया जाने वाला लाभांश यानी डिविडेंड भी निवेशकों के लिए पैसिव इनकम का एक बेहतरीन माध्यम माना जाता है। जब बात सरकारी कंपनियों यानी पीएसयू (PSU) शेयरों की आती है, तो निवेशकों का भरोसा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। सरकारी समर्थन, मजबूत वित्तीय स्थिति और लगातार आने वाले कैश फ्लो के कारण ये शेयर हमेशा चर्चा में रहते हैं।
मौजूदा समय में बाजार के जानकारों की नजर तीन बड़ी सरकारी कंपनियों पर टिकी हुई है, जिन्होंने अपने निवेशकों के लिए डिविडेंड का ऐलान किया है। इन कंपनियों में स्टील सेक्टर की दिग्गज कंपनी सेल (SAIL), गैस आपूर्ति से जुड़ी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एनएमडीसी (NMDC) शामिल हैं। इन तीनों ही कंपनियों के कॉरपोरेट एक्शन की रिकॉर्ड डेट इसी महीने के अंत और अक्टूबर की शुरुआत में आ रही है, जिससे निवेशकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
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महारत्न कंपनी SAIL का बड़ा तोहफा, जानिए कितनी मिलेगी रकम
देश की प्रमुख महारत्न और सरकारी इस्पात निर्माता कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने अपने शेयरधारकों के लिए बड़े फायदे का ऐलान किया है। कंपनी ने अपने निवेशकों को प्रति इक्विटी शेयर 2.35 रुपये का डिविडेंड देने का फैसला किया है। यह लाभांश कंपनी के 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रति शेयर का 23.5 प्रतिशत बैठता है। कंपनी की सालाना डिविडेंड यील्ड लगभग 1.72 प्रतिशत के आसपास रही है।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस वित्तीय लाभ के लिए रिकॉर्ड डेट 30 सितंबर निर्धारित की है। इसका मतलब यह हुआ कि जिन निवेशकों के डीमैट खाते में इस तारीख तक सेल के शेयर होंगे, वे इस डिविडेंड का लाभ उठाने के हकदार होंगे। पिछले कुछ समय के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इस स्टॉक ने निवेशकों को मिला-जुला रिटर्न दिया है, लेकिन लाभांश के ऐलान के बाद से बाजार में इसकी मांग में तेजी देखी जा रही है।
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के निवेशकों के लिए खुशखबरी
सार्वजनिक क्षेत्र की सिटी गैस वितरण कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने भी वित्तीय वर्ष के लिए अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देने की घोषणा कर दी है। कंपनी के बोर्ड ने 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 1.50 रुपये का फाइनल डिविडेंड तय किया है, जो कि फेस वैल्यू का पूरा 75 प्रतिशत है। इस कंपनी की सालाना डिविडेंड यील्ड करीब 2.34 प्रतिशत दर्ज की गई है।
आईजीएल ने इस वित्तीय प्रक्रिया के लिए 1 अक्टूबर को रिकॉर्ड डेट के रूप में तय किया है। हालांकि पिछले कुछ महीनों में इस स्टॉक के दाम में कुछ नरमी देखने को मिली है, लेकिन इसके मजबूत फंडामेंटल और लाभांश भुगतान के इतिहास के कारण लॉन्ग टर्म निवेशक इसमें रुचि दिखा रहे हैं। वित्तीय जानकारों का मानना है कि ऐसे शेयरों में गिरावट के समय निवेश करना भविष्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
खनन दिग्गज NMDC दे रही है बंपर लाभांश, चेक करें तारीख
देश की प्रमुख नवरत्न कंपनी एनएमडीसी (NMDC) लिमिटेड ने भी अपने शेयरधारकों को मालामाल करने की पूरी तैयारी कर ली है। कंपनी चालू वित्त वर्ष के लिए हर एक इक्विटी शेयर पर 1 रुपये का डिविडेंड दे रही है, जो कि शेयर की 1 रुपये की फेस वैल्यू का पूरा 100 प्रतिशत है। इस स्टॉक की सालाना डिविडेंड यील्ड बेहद आकर्षक यानी करीब 4.38 प्रतिशत रही है, जो निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
नवरत्न पीएसयू ने इस पेमेंट के लिए निवेशकों की पात्रता तय करने हेतु 5 अक्टूबर को आधिकारिक रिकॉर्ड डेट घोषित किया है। इस कॉर्पोरेट एक्शन का हिस्सा बनने के लिए जरूरी है कि निवेशक तय समय सीमा से पहले अपने पोर्टफोलियो में इस शेयर को शामिल कर लें। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी काफी मजबूत रहा है, जो इसकी वित्तीय सेहत को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर खरीदना क्यों है जरूरी? नियम और शर्तें
शेयर बाजार के नियमों के मुताबिक, किसी भी कंपनी द्वारा घोषित डिविडेंड का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को कुछ तकनीकी प्रक्रियाओं को समझना बेहद जरूरी होता है। जब कोई कंपनी डिविडेंड का ऐलान करती है, तो वह एक 'रिकॉर्ड डेट' तय करती है। इसका सीधा मतलब यह है कि उस विशेष तिथि पर कंपनी के रिकॉर्ड में जिन निवेशकों के नाम बतौर शेयरधारक दर्ज होंगे, केवल उन्हीं को डिविडेंड की राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
स्टॉक एक्सचेंज के सेटलमेंट साइकिल (T+1 नियम) को ध्यान में रखते हुए, निवेशकों को रिकॉर्ड डेट से कम से कम एक दिन पहले शेयर खरीद लेने चाहिए, ताकि वे कंपनी के शेयरधारकों की आधिकारिक सूची में शामिल हो सकें। यदि कोई निवेशक रिकॉर्ड डेट के दिन या उसके बाद शेयर खरीदता है, तो वह उस विशेष डिविडेंड का पात्र नहीं माना जाएगा। इसलिए बाजार विशेषज्ञों की सलाह होती है कि रिकॉर्ड डेट की घोषणा होते ही समय रहते शेयरों की खरीद-फरोख्त पूरी कर ली जाए।
डिविडेंड यील्ड और निवेश की रणनीति पर विशेषज्ञों की राय
वित्तीय बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी कंपनियों (PSUs) में निवेश करना हमेशा से एक सुरक्षित विकल्प रहा है, खासकर तब जब वे नियमित रूप से लाभांश देती हों। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए डिविडेंड यील्ड बहुत मायने रखती है। जब शेयर की कीमत कम होती है और कंपनी अच्छा डिविडेंड देती है, तो यील्ड प्रतिशत बढ़ जाता है, जो निवेशकों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया बनता है।
"सरकारी कंपनियों की ओर से मिलने वाला यह नियमित लाभांश निवेशकों के पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है। हालांकि, केवल डिविडेंड को देखकर ही किसी शेयर में निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए, बल्कि कंपनी के पिछले प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं का भी पूरा आंकलन करना आवश्यक है।" — वरिष्ठ बाजार विश्लेषक
अंततः, यदि आप भी अपने निवेश पोर्टफोलियो से नियमित आय प्राप्त करना चाहते हैं, तो सेल, आईजीएल और एनएमडीसी जैसी कंपनियों के शेयरों में इन तय तारीखों से पहले निवेश करने का यह बेहतरीन अवसर हो सकता है। बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच सही समय पर उठाया गया कदम आपको शानदार रिटर्न दिला सकता है।





