कॉरपोरेट नौकरी करने वाले अक्सर सोचते हैं कि 'मुझसे अब नौकरी नहीं होगी...'। काम का दबाव, सख्त बॉस और वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी हर कर्मचारी के जीवन का हिस्सा बन चुकी है। हालांकि, हर महीने आने वाली सैलरी और जिम्मेदारियों के कारण नौकरी छोड़ना इतना आसान नहीं होता। ऐसे में दिल्ली में जेन ज़ी (Gen Z) के युवाओं के लिए एक अनोखी पार्टी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां लोगों ने बिना नौकरी छोड़े ही 'आई क्विट' (I Quit) का जश्न मनाया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे युवा अपनी कॉरपोरेट जिंदगी के दबे हुए गुस्से और फ्रस्ट्रेशन को बाहर निकाल रहे हैं। पार्टी में रिजाइनेशन लेटर, डार्ट्स और कॉरपोरेट जेल जैसे फोटो बूथ लगाए गए थे। एक पंचिंग बैग पर खास तौर पर लिखा था- 'इमैजिन योर बॉसेज फेस हियर', यानी अपने बॉस का चेहरा सोचकर यहां गुस्सा निकालिए।
कॉरपोरेट फ्रस्ट्रेशन और 'ट्रॉमा बॉन्डिंग'
इस पार्टी में शामिल होने वाले अधिकतर युवाओं ने हालांकि अपनी नौकरी नहीं छोड़ी थी, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह सिर्फ एक मजाक नहीं था। वीडियो में एक महिला ने बताया कि उन्होंने अपनी मानसिक सेहत के लिए वास्तव में अपनी नौकरी को अलविदा कह दिया है। वहीं, एक अन्य महिला ने साझा किया कि उनका बॉस छोटी-छोटी बातों पर सैलरी काट लेता था। ऐसे अनुभवों ने इस इवेंट को एक तरह का 'ट्रॉमा बॉन्डिंग' प्लेटफॉर्म बना दिया, जहां सभी ने एक-दूसरे के साथ अपने दर्द और परेशानियों को साझा किया।
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पार्टी खत्म, अगली सुबह फिर वही ऑफिस
इस पूरी घटना का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि एक रात बॉस और ऑफिस के खिलाफ खुलकर भड़ास निकालने के बाद, अगले ही दिन इन कर्मचारियों को वापस अपनी डेस्क पर लौटना था। वीडियो में जब एक महिला से पूछा गया कि क्या वह कल ऑफिस जाएंगी, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि उन्हें वापस काम पर जाना ही होगा। यह स्थिति भारत में बढ़ते वर्क-लाइफ बैलेंस के संकट को भी उजागर करती है, जहां रिमोट के ग्लोबल लाइफ-वर्क बैलेंस इंडेक्स 2025 में भारत 60 देशों की सूची में 42वें स्थान पर रहा था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल / क्रिएटर।






