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जन्नत की बंपर सफलता के बाद कहां गायब हो गईं सोनल चौहान? खुद खोला करियर की सबसे बड़ी भूल का राज

फिल्म 'जन्नत' से रातों-रात शोहरत हासिल करने वाली अभिनेत्री सोनल चौहान ने अपने फिल्मी करियर के शुरुआती दिनों के संघर्षों पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि कैसे कम उम्र और अनुभवहीनता के कारण उनसे कुछ ऐसी गलतियां हुईं, जिनका खामियाजा उन्हें लंबे समय तक भुगतना पड़ा।
The Freelance ब्यूरो
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26 सितंबर 2026 • अपडेटेड
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जन्नत की बंपर सफलता के बाद कहां गायब हो गईं सोनल चौहान? खुद खोला करियर की सबसे बड़ी भूल का राज
📷 जन्नत की बंपर सफलता के बाद कहां गायब हो गईं सोनल चौहान? खुद खोला करियर की सबसे बड़ी भूल का राज — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • सोनल चौहान ने माना कि 'जन्नत' की सफलता के बाद उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना और नए काम के लिए प्रयास करना बंद कर दिया था, जो उनके करियर की बड़ी भूल थी।
  • अभिनेत्री ने हिंदी सिनेमा में पक्षपात और खेमेबंदी पर खुलकर बोलते हुए कहा कि इस वजह से उनके हाथ से कई बेहतरीन प्रोजेक्ट निकल गए।
  • लंबे संघर्ष के बाद अब 'मिर्जापुर द मूवी' जैसे बड़े प्रोजेक्ट से उनके करियर को एक नया मोड़ और पहचान मिली है।

सिनेमाई पर्दे पर धमाकेदार आगाज और रातों-रात मिली शोहरत

मनोरंजन जगत में कई ऐसे कलाकार आते हैं जो अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ देते हैं। कुछ ऐसा ही सफर अभिनेत्री सोनल चौहान का भी रहा था। साल 2008 में जब उनकी पहली मुख्यधारा की फिल्म सिनेमाघरों में उतरी, तो उनकी सादगी और अदाकारी ने हर किसी का ध्यान खींच लिया। यह वो दौर था जब युवा दिलों पर इस अभिनेत्री का जादू सिर चढ़कर बोल रहा था। हालांकि, किसी भी मुकाम पर पहुंचने के बाद वहां टिके रहना और अपने सफर को लगातार आगे बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती होती है।

सोनल चौहान ने हाल ही में अपने शुरुआती करियर के पन्नों को पलटते हुए इस बात को स्वीकार किया है किशोरावस्था जैसी कच्ची उम्र में मिली इस अपार सफलता को वह ठीक से संभाल नहीं पाई थीं। उन्हें इस बात का मलाल है कि उस वक्त उनके पास इंडस्ट्री की चाल-ढाल को समझने का पर्याप्त अनुभव नहीं था। एक यंग आर्टिस्ट के तौर पर उन्हें यह मालूम ही नहीं था कि सफलता की इस सीढ़ी पर पैर जमाने के बाद आगे के कदम कैसे बढ़ाए जाते हैं।

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करियर की सबसे बड़ी चूक: सफलता के बाद खुद को इंडस्ट्री से दूर करना

किसी भी अभिनेता या अभिनेत्री के लिए हिट फिल्म के बाद का समय सबसे ज्यादा अहम होता है। इस दौरान नए निर्देशक, बड़े बैनर और तमाम निर्माता कलाकारों की तलाश में रहते हैं। लेकिन सोनल चौहान के साथ इसके विपरीत स्थिति बन गई थी। उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया कि फिल्म की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद उन्हें मेकर्स से मिलना चाहिए था, लगातार नेटवर्किंग करनी चाहिए थी और अपनी दृश्यता बनाए रखनी चाहिए थी, जो उन्होंने नहीं किया।

उन्होंने माना कि यह उनकी एक बहुत बड़ी नादानी थी। उस वक्त वह इस बात से बिल्कुल अनजान थीं कि केवल एक हिट फिल्म के भरोसे लंबा सफर तय नहीं किया जा सकता। काम पाने के लिए लगातार कोशिश करते रहना और खुद को सक्रिय रखना जरूरी होता है। इस एक भूल की वजह से उन्हें लंबे समय तक वो मुकाम हासिल करने में दिक्कतें आईं, जिसकी वह असल में हकदार थीं।

ऑडिशन के बाद भी हाथ से निकल जाते थे बड़े प्रोजेक्ट्स

संघर्ष का दौर हर कलाकार के जीवन में आता है, और सोनल चौहान भी इससे अछूती नहीं रहीं। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि कई बार ऐसा हुआ जब उन्होंने तमाम ऑडिशन दिए और उन्हें मेकर्स की तरफ से फोन पर यह खुशखबरी भी मिली कि उनका चयन हो चुका है। निर्देशक को उनका काम बेहद पसंद आया है और वह इस किरदार के लिए बिल्कुल फिट बैठती हैं।

लेकिन इसके बावजूद अंतिम समय में चीजें बदल जाती थीं और वह प्रोजेक्ट उनके हाथ से निकल जाता था। ऐसे पलों में एक कलाकार का मनोबल टूटना स्वाभाविक है। सोनल ने उस दर्द को बयां करते हुए कहा कि कई बार उन्हें यह मलाल होता था कि काश मेकर्स उन पर थोड़ा भरोसा जताते और उन्हें खुद को साबित करने का पूरा मौका देते।

"हर कलाकार मेरी इस बात से पूरी तरह सहमत होगा कि इस इंडस्ट्री में फेवरेटिज्म यानी पक्षपात बहुत बड़े पैमाने पर होता है। इसी खेमेबंदी और पक्षपात के कारण मुझे अपने करियर में कई बेहतरीन प्रोजेक्ट्स से हाथ धोना पड़ा। जब आपको मौका ही नहीं मिलेगा, तो आप अपनी काबिलियत कैसे साबित करेंगे?" — सोनल चौहान, अभिनेत्री

इंडस्ट्री में भाई-भतीजावाद और पक्षपात का कड़वा सच

सिनेमा जगत में इन दिनों नेपोटिज्म और फेवरिटिज़्म को लेकर लगातार बहस छिड़ी रहती है। सोनल चौहान ने भी इस विषय पर बेबाकी से अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि बाहरी कलाकारों के लिए यहां रास्ता कभी भी आसान नहीं होता। कई बार टैलेंट होने के बावजूद आपको केवल इसलिए नजरअंदाज कर दिया जाता है क्योंकि आप किसी खास ग्रुप का हिस्सा नहीं हैं।

उन्होंने बताया कि इस पक्षपातपूर्ण रवैये का असर उनके करियर की रफ्तार पर भी पड़ा। कई बार अच्छे ऑफर्स उनके पास आते-आते रुक गए। इसके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगातार अपनी कला को मांजती रहीं। उनका यह संघर्ष उन तमाम युवाओं के लिए एक सीख है जो ग्लैमर वर्ल्ड में बिना किसी गॉडफादर के अपनी पहचान बनाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

'मिर्जापुर द मूवी' ने बदला लोगों का नजरिया और दिया नया आत्मविश्वास

वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता। लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद सोनल चौहान के जीवन में एक ऐसा पड़ाव आया जिसने उनके करियर की दिशा ही बदल दी। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से कुछ अलग और लीक से हटकर किरदार निभाना चाहती थीं, लेकिन लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री ने उन पर उस तरह का भरोसा नहीं दिखाया।

हालांकि, बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट 'मिर्जापुर द मूवी' की टीम ने जब उन पर विश्वास जताया, तो उनका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस प्रोजेक्ट की सफलता और उसमें उनके काम को मिले सराहे जाने के बाद अब इंडस्ट्री के लोगों का उनकी तरफ देखने का नजरिया पूरी तरह से बदल चुका है। आज सोनल एक बार फिर नए जोश के साथ अपने करियर को एक नई ऊंचाई देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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