नई दिल्ली से 'द फ्रीलान्स' की ग्राउंड रिपोर्ट। भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट का दौर चल रहा था। निवेशक डरे हुए थे और बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ था। लेकिन आज अचानक तस्वीर पूरी तरह बदल गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1100 अंकों से ज्यादा की छलांग लगा गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी रॉकेट की तरह ऊपर चढ़ गया। इस अचानक आई तूफानी तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस अचानक आई तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे बड़ा कारण वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का वह बयान है जिसमें उन्होंने टैक्स नियमों को लेकर स्थिति साफ की है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन यानी एलटीसीजी और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी एसटीटी को लेकर बाजार में जो डर का माहौल था, वह अब कम हो गया है। इस स्पष्टता के बाद विदेशी और घरेलू निवेशकों ने खुलकर खरीदारी शुरू कर दी। देखते ही देखते बाजार का मूड पूरी तरह बदल गया और बिकवाली की जगह चौतरफा लिवाली शुरू हो गई।
आईटी सेक्टर और एआई शेयरों में जबरदस्त उछाल
इस पूरी तेजी में सबसे आगे आईटी सेक्टर के शेयर रहे। पिछले कई महीनों से सुस्त चल रहे टेक शेयरों में आज जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों ने कोफोर्ज, पर्सिस्टेंट और साइिएंट जैसी कंपनियों पर जमकर दांव लगाया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की दौड़ में इन कंपनियों को सबसे मजबूत माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर कंपनियों का कारोबार और तेजी से बढ़ेगा। यही वजह है कि आज आईटी शेयरों ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर खींचने में सबसे बड़ा योगदान दिया।
सिर्फ आईटी ही नहीं, बल्कि रेलवे और डिफेंस से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी निवेशक खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। उदाहरण के लिए कवच सुरक्षा प्रणाली से जुड़ी तकनीकों पर काम करने वाली कंपनियों ने पिछले कुछ सालों में निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया है। आज के इस कारोबारी सत्र में भी चुनिंदा इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे शेयरों में अच्छी खासी तेजी दर्ज की गई। जानकारों का कहना है कि सरकार का जोर देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है, जिसका सीधा फायदा इन कंपनियों को मिल रहा है।
लगातार गिरावट के बाद निवेशकों को मिली राहत
पिछले कुछ हफ्तों से बाजार में लगातार हो रहे नुकसान से छोटे निवेशक बहुत परेशान थे। महंगाई और वैश्विक तनाव के कारण बाजार गोता लगा रहा था। लेकिन आज की इस बड़ी तेजी ने यह साबित कर दिया कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद अभी भी बहुत मजबूत है। जब भी बाजार में कोई बड़ी अनिश्चितता खत्म होती है, तो घरेलू पैसा शेयर बाजार की तरफ रुख करता है। आज भी म्यूचुअल फंड्स और आम खुदरा निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे बाजार को नीचे गिरने का कोई मौका नहीं मिला।
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि निवेशकों को जोश में आकर बिना सोचे-समझे पैसा नहीं लगाना चाहिए। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है। इसलिए निवेश करने से पहले कंपनियों के वित्तीय नतीजों और उनकी भविष्य की योजनाओं को अच्छी तरह परख लेना चाहिए। फिलहाल बाजार का रुख सकारात्मक है और यदि वैश्विक संकेत ठीक रहे, तो यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। 'द फ्रीलान्स' की टीम बाजार की हर एक चाल पर लगातार नजर बनाए रखेगी।





