होम/देश/पश्चिम बंगाल में फिर गरमाई सियासत: टीएमसी विधायक कुणाल घोष के काफिले पर हमला, टूटे गाड़ियों के शीशे
देशपढ़ने में समय: 6 मिनट

पश्चिम बंगाल में फिर गरमाई सियासत: टीएमसी विधायक कुणाल घोष के काफिले पर हमला, टूटे गाड़ियों के शीशे

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक कुणाल घोष की कार पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान काले झंडे दिखाने के साथ ही गाड़ी पर अंडे और पत्थर भी फेंके गए, जिससे पीछे का शीशा टूट गया। घटना के बाद राज्य में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है और टीएमसी व बीजेपी आमने-सामने आ गए हैं।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
26 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
पश्चिम बंगाल में फिर गरमाई सियासत: टीएमसी विधायक कुणाल घोष के काफिले पर हमला, टूटे गाड़ियों के शीशे
📷 पश्चिम बंगाल में फिर गरमाई सियासत: टीएमसी विधायक कुणाल घोष के काफिले पर हमला, टूटे गाड़ियों के शीशे — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • हुगली के उत्तरपाड़ा इलाके में टीएमसी विधायक कुणाल घोष की गाड़ी को घेरकर किया गया पथराव।
  • हमले के दौरान गाड़ी पर फेंके गए अंडे और काले झंडे दिखाए गए, पीछे का शीशा पूरी तरह टूटा।
  • टीएमसी ने इस घटना के पीछे बीजेपी का हाथ होने का गंभीर आरोप लगाया, जबकि बीजेपी ने इसे जनता का आक्रोश बताया।
  • घटना से नाराज कुणाल घोष ने इसे जंगलराज करार देते हुए कोलकाता लौटकर पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराने की बात कही।
प्रायोजित • SPONSOREDVoterAction Campaign Suite
VoterAction - कागज़ पर नहीं, ऐप पर लड़े जाते हैं चुनाव | अभियान की पूरी कमान

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का एक और दौर, टीएमसी विधायक पर हमला

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए दिन होने वाली उठापटक के बीच हुगली जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रमुख प्रवक्ता और विधायक कुणाल घोष की कार को निशाना बनाया गया। यह सनसनीखेज घटना उस वक्त घटी जब श्री घोष श्रीरामपुर में आयोजित पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की एक विशाल जनसभा में हिस्सा लेने के लिए अपनी गाड़ी से जा रहे थे। रास्ते में अचानक कुछ उपद्रवियों ने उनकी कार को चारों तरफ से घेर लिया और जमकर हंगामा शुरू कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस हिंसक झड़प और विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। गाड़ी को घेरने वाले लोगों के हाथों में काले झंडे थे और वे लगातार नारेबाजी कर रहे थे। स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ में शामिल कुछ उग्र लोगों ने कार के बोनट और शीशों पर हाथ पीटने शुरू कर दिए। देखते ही देखते हालात इतने बेकाबू हो गए कि गाड़ी पर अंडे और पत्थरों की बरसात कर दी गई, जिसके चलते कुणाल घोष की कार का पिछला शीशा चकनाचूर हो गया।

इस अप्रत्याशित हमले के बाद से राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। हालांकि गनीमत यह रही कि इस पूरी घटना में विधायक कुणाल घोष को किसी प्रकार की शारीरिक चोट नहीं आई है और वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं। लेकिन इस घटना ने बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई: चुनाव से पहले विरोधी दलों पर तीखा हमला, सियासी बयानबाजी तेज

उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई: चुनाव से पहले विरोधी दलों पर तीखा हमला, सियासी बयानबाजी तेज

देश के युवाओं को किस बात का सता रहा है डर? पिछले एक दशक में दोगुनी हुई छात्र आत्महत्याएं

देश के युवाओं को किस बात का सता रहा है डर? पिछले एक दशक में दोगुनी हुई छात्र आत्महत्याएं

सावधान! LPG सिलेंडर सब्सिडी पर बड़ा बदलाव: घर बैठे नहीं कराया यह सत्यापन तो कटेगी जेब, जानिए नए नियम

सावधान! LPG सिलेंडर सब्सिडी पर बड़ा बदलाव: घर बैठे नहीं कराया यह सत्यापन तो कटेगी जेब, जानिए नए नियम

नारी शक्ति की नई उड़ान: शिक्षा से लेकर कारोबार तक बदल रही महिलाओं की तकदीर, जानिए बड़े आंकड़े

नारी शक्ति की नई उड़ान: शिक्षा से लेकर कारोबार तक बदल रही महिलाओं की तकदीर, जानिए बड़े आंकड़े

रेलवे का नया नियम: ट्रेन छूटने पर क्या वापस मिलता है रिफंड? जानिए टिकट कैंसिलेशन के काम के नियम

रेलवे का नया नियम: ट्रेन छूटने पर क्या वापस मिलता है रिफंड? जानिए टिकट कैंसिलेशन के काम के नियम

रेलवे क्रॉसिंग पर भारी लापरवाही: बंद होते गेट के नीचे से निकाली थार, ट्रैक पर फंसने के बाद मची अफरा-तफरी

रेलवे क्रॉसिंग पर भारी लापरवाही: बंद होते गेट के नीचे से निकाली थार, ट्रैक पर फंसने के बाद मची अफरा-तफरी

यूपी में मौसम का तांडव: 52 जिलों में रेड अलर्ट घोषित, मूसलाधार बारिश और बाढ़ के संकट से जनजीवन अस्त-व्यस्त

यूपी में मौसम का तांडव: 52 जिलों में रेड अलर्ट घोषित, मूसलाधार बारिश और बाढ़ के संकट से जनजीवन अस्त-व्यस्त

बिना बैंक जाए घर बैठे बदलें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर: जानिए ऑनलाइन अपडेट करने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका

बिना बैंक जाए घर बैठे बदलें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर: जानिए ऑनलाइन अपडेट करने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका

वायरल वीडियो और कुणाल घोष का तीखा हमला

घटनास्थल से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे एक उग्र भीड़ ने विधायक की गाड़ी को पूरी तरह से घेर रखा है। वीडियो में लोग गाड़ी के ऊपर हमला करते हुए और काले झंडे लहराते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और अधिक बढ़ गई है, और पुलिस प्रशासन पर भी त्वरित कार्रवाई का दबाव बन गया है.

अपनी कार पर हुए इस हमले के तुरंत बाद कुणाल घोष ने बेहद कड़े शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस पूरी घटना को पश्चिम बंगाल में 'जंगलराज' की वापसी करार दिया। उनका आरोप था कि हमलावरों ने न सिर्फ उनकी गाड़ी पर पथराव किया और अंडे फेंके, बल्कि सुनियोजित तरीके से सड़क को भी जाम कर दिया था। घोष ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि जिस वक्त यह सब हो रहा था, वहां आसपास सुरक्षा के लिए कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था, जो प्रशासनिक लापरवाही को साफ दर्शाता है।

घटना के तुरंत बाद अपना दौरा बीच में ही रद्द करते हुए कुणाल घोष ने वापस कोलकाता लौटने का फैसला किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे सीधे लाल बाजार या भवानी भवन जाकर इस मामले की औपचारिक और कड़ी शिकायत दर्ज कराएंगे। उनका साफ कहना था कि इस तरह की गुंडागर्दी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों की शिनाख्त कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

टीएमसी और बीजेपी के बीच छिड़ा जुबानी जंग का दौर

इस हाई-प्रोफाइल घटना के सामने आते ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में हमेशा की तरह आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने इस हमले के पीछे सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का हाथ होने का गंभीर आरोप लगाया है। स्थानीय टीएमसी नेता असित मजूमदार का दावा है कि यह किसी आम जनता का स्वतःस्फूर्त विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि बीजेपी की ओर से पहले से रची गई एक गहरी साजिश और पूर्व नियोजित हमला था।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने टीएमसी के इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उत्तरपाड़ा से बीजेपी विधायक दीपनजन चक्रवर्ती ने इस पूरी घटना पर अपना पक्ष रखते हुए इसे आम जनता का स्वाभाविक आक्रोश बताया। बीजेपी का कहना है कि राज्य की मौजूदा सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त हो चुकी है, और नेताओं के खिलाफ जनता का यह गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। इसके लिए विपक्षी पार्टी पर झूठे आरोप लगाना टीएमसी की पुरानी आदत बन चुकी है।

फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर पुलिस प्रशासन गहनता से छानबीन कर रहा है। वीडियो फुटेज के आधार पर उन लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है जो इस हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ में सीधे तौर पर शामिल थे। हालांकि, किसी भी आधिकारिक एजेंसी की ओर से हमलावरों की पहचान को लेकर अभी तक कोई ठोस खुलासा नहीं किया गया है।

बंगाल में राजनीतिक हिंसा का इतिहास और सुरक्षा पर उठते सवाल

पश्चिम बंगाल का राजनीतिक इतिहास हमेशा से ही टकराव, विरोध प्रदर्शनों और हिंसक वारदातों से जुड़ा रहा है। चुनाव का समय हो या सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम, सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच तनाव की खबरें आए दिन सुर्खियों में बनी रहती हैं। जनप्रतिनिधियों पर इस तरह के हमले होना इस बात का प्रमाण है कि राज्य में राजनीतिक सहनशीलता लगातार कम होती जा रही है और वैचारिक मतभेद अब खुली हिंसा का रूप लेते जा रहे हैं।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं राज्य के आम नागरिकों में भी असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। जब एक सत्तारूढ़ दल के विधायक और प्रमुख प्रवक्ता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। पुलिस और खुफिया तंत्र को इस तरह की घटनाओं से सबक लेते हुए राजनीतिक रैलियों और दौरों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने की आवश्यकता है।

"यह पूरी तरह से जंगलराज का नमूना है। मेरी कार पर सुनियोजित तरीके से पथराव किया गया और अंडे फेंके गए, लेकिन मौके पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। मैं इसके खिलाफ कड़ा कदम उठाऊंगा।" — कुणाल घोष, टीएमसी विधायक एवं प्रवक्ता

निष्कर्ष: प्रशासन के सामने कड़ी चुनौती

कुणाल घोष की कार पर हुआ यह हमला एक बार फिर बंगाल की संवेदनशील राजनीतिक स्थिति को उजागर करता है। आगामी दिनों में इस मुद्दे पर सियासी पारा और अधिक चढ़ने की पूरी संभावना है। एक तरफ जहां टीएमसी इस मामले को तूल देकर बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी भी इसे जनभावना का उभार बताकर पल्ला झाड़ रही है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करता है और दोषियों को कब तक कानून के शिकंजे में लाया जाता है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई: चुनाव से पहले विरोधी दलों पर तीखा हमला, सियासी बयानबाजी तेजNATIONAL

उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई: चुनाव से पहले विरोधी दलों पर तीखा हमला, सियासी बयानबाजी तेज

26 सित॰
देश के युवाओं को किस बात का सता रहा है डर? पिछले एक दशक में दोगुनी हुई छात्र आत्महत्याएंNATIONAL

देश के युवाओं को किस बात का सता रहा है डर? पिछले एक दशक में दोगुनी हुई छात्र आत्महत्याएं

26 सित॰
सावधान! LPG सिलेंडर सब्सिडी पर बड़ा बदलाव: घर बैठे नहीं कराया यह सत्यापन तो कटेगी जेब, जानिए नए नियमNATIONAL

सावधान! LPG सिलेंडर सब्सिडी पर बड़ा बदलाव: घर बैठे नहीं कराया यह सत्यापन तो कटेगी जेब, जानिए नए नियम

26 सित॰
नारी शक्ति की नई उड़ान: शिक्षा से लेकर कारोबार तक बदल रही महिलाओं की तकदीर, जानिए बड़े आंकड़ेNATIONAL

नारी शक्ति की नई उड़ान: शिक्षा से लेकर कारोबार तक बदल रही महिलाओं की तकदीर, जानिए बड़े आंकड़े

26 सित॰
रेलवे का नया नियम: ट्रेन छूटने पर क्या वापस मिलता है रिफंड? जानिए टिकट कैंसिलेशन के काम के नियमNATIONAL

रेलवे का नया नियम: ट्रेन छूटने पर क्या वापस मिलता है रिफंड? जानिए टिकट कैंसिलेशन के काम के नियम

26 सित॰
रेलवे क्रॉसिंग पर भारी लापरवाही: बंद होते गेट के नीचे से निकाली थार, ट्रैक पर फंसने के बाद मची अफरा-तफरीNATIONAL

रेलवे क्रॉसिंग पर भारी लापरवाही: बंद होते गेट के नीचे से निकाली थार, ट्रैक पर फंसने के बाद मची अफरा-तफरी

26 सित॰
यूपी में मौसम का तांडव: 52 जिलों में रेड अलर्ट घोषित, मूसलाधार बारिश और बाढ़ के संकट से जनजीवन अस्त-व्यस्तNATIONAL

यूपी में मौसम का तांडव: 52 जिलों में रेड अलर्ट घोषित, मूसलाधार बारिश और बाढ़ के संकट से जनजीवन अस्त-व्यस्त

26 सित॰
बिना बैंक जाए घर बैठे बदलें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर: जानिए ऑनलाइन अपडेट करने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीकाNATIONAL

बिना बैंक जाए घर बैठे बदलें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर: जानिए ऑनलाइन अपडेट करने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका

26 सित॰