उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में आसमान से बरस रही आफत ने आम जनजीवन को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। पिछले कई घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। सड़कों पर जलभराव, उफनती नदियां और कच्चे मकानों के धराशायी होने की घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। मौसम के इस विकराल रूप के चलते कई जगहों पर दर्दनाक हादसे भी सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे परिवारों को सदमे में डाल दिया है। शासन और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं, लेकिन कुदरत के इस प्रकोप के सामने हालात पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
कच्चे मकानों पर बरसी आफत, कई जगहों पर मलबे में दबकर लोगों की मौत
राज्य के अलग-अलग ग्रामीण और शहरी इलाकों में लगातार हो रही बरसात के कारण पुराने और कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। आगरा के पिनाहट थाना क्षेत्र के कप्तानपुर गांव में एक शोक कार्यक्रम में शामिल होने आए रिश्तेदारों से भरा मकान अचानक भरभरा कर ढह गया, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में घर के अंदर मौजूद कई लोग मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय पुलिस ने फौरन अस्पताल पहुंचाया। वहीं कानपुर देहात के शिवली इलाके में मूसलाधार बारिश के दौरान सोते वक्त एक कमरे की छत गिरने से मां और बेटी की दर्दनाक मौत हो गई।
इसी प्रकार की दुखद घटनाएं शाहजहांपुर, प्रतापगढ़, महोबा और महराजगंज जिलों से भी सामने आई हैं, जहां लगातार पानी बरसने से कच्ची दीवारें और मकान ढह गए। कई जगहों पर मासूम बच्चों और बुजुर्गों की भी जान चली गई। प्रशासन की टीमें इन क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के साथ-साथ हुए नुकसान का तेजी से आकलन करने में जुटी हैं ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सरकारी सहायता मुहैया कराई जा सके।
संबंधित खबरें
कुशीनगर में उफनती नदियां और बाढ़ का खतरा, गांवों में घुसा पानी
पूर्वांचल के कुशीनगर जिले में नारायणी नदी का जलस्तर लगातार खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में हड़कंप मच गया है। गंडक बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद खड्डा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर चुके हैं। रिहायशी इलाकों और घरों के भीतर तक पानी घुस जाने के कारण लोगों को मजबूरन अपनी जान बचाने के लिए छतों पर शरण लेनी पड़ी है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है और प्रभावितों तक भोजन पहुंचाने के लिए कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं।
राहत और बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम देने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), पीएसी (PAC) और एसडीआरएफ (SDRF) की विशेष टीमों को मैदान में उतार दिया गया है। अधिकारी लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके। नदी के बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है और वे सुरक्षित ठिकानों की तलाश करने को मजबूर हैं।
शाहजहांपुर में फसलों की बर्बादी देख भावुक हुए डीएम, सर्वे के दिए आदेश
लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। शाहजहांपुर में धान और गन्ने की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी ने खुद खन्नौत और गर्रा नदी के निचले इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। खेतों में लहलहाती फसल की जगह पानी भरा देखकर वह भावुक हो गए और पीड़ित किसानों को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया।
"प्राकृतिक आपदा की इस मुश्किल घड़ी में सरकार पूरी तरह से किसानों के साथ खड़ी है। फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व टीमों को तुरंत मैदान में उतार दिया गया है और तय समयसीमा के भीतर मुआवजा राशि सीधे प्रभावितों के खातों तक पहुंचाई जाएगी।" — धर्मेंद्र प्रताप सिंह, जिला मजिस्ट्रेट, शाहजहांपुर
जिला प्रशासन द्वारा गठित डेढ़ सौ से अधिक राजस्व टीमें खेतों में जाकर नुकसान का जायजा ले रही हैं। सरकार का यह प्रयास है कि इस आपदा से जूझ रहे अन्नदाताओं को जल्द से जल्द संबल प्रदान किया जाए ताकि वे इस आर्थिक नुकसान से उबर सकें।
राजधानी लखनऊ में टूटा रिकॉर्ड, मौसम विभाग का आगामी अनुमान
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत राज्य के कई अन्य जिलों में सितंबर महीने की बारिश ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, लगातार बादलों के बरसने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। लखनऊ के कई प्रमुख चौराहों और सड़कों पर पानी भर जाने के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ है।
हालांकि, मौसम विभाग का यह भी कहना है कि आने वाले कुछ घंटों के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। सोमवार से मानसून के थमने और मौसम के पूरी तरह साफ होने के आसार जताए जा रहे हैं, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिल सकती है। तब तक प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक आवश्यकता पड़ने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और सतर्कता बरतें।








