विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/दिवाली तक टला UPI पर 0.4% चार्ज का फैसला, दो हजार से ज्यादा के पेमेंट पर मिली राहत
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

दिवाली तक टला UPI पर 0.4% चार्ज का फैसला, दो हजार से ज्यादा के पेमेंट पर मिली राहत

भारत में डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। दो हजार रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाले 0.4 प्रतिशत चार्ज का फैसला अब दिवाली तक टाल दिया गया है। यह नया नियम 15 अक्टूबर से लागू होना था, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे फिलहाल रोक दिया गया है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•14 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•35
🌐Read in English →
शेयर करें:
दिवाली तक टला UPI पर 0.4% चार्ज का फैसला, दो हजार से ज्यादा के पेमेंट पर मिली राहत
📷 दिवाली तक टला UPI पर 0.4% चार्ज का फैसला, दो हजार से ज्यादा के पेमेंट पर मिली राहत — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • भारत में डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। दो हजार रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाले 0.4 प्रतिशत चार्ज का फैसला अब दिवाली तक टाल दिया गया है। यह नया नियम 15 अक्टूबर से लागू होना था, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए इसे फिलहाल रोक दिया गया है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली से ग्राउंड रिपोर्ट — भारत के डिजिटल पेमेंट बाजार में इन दिनों एक बड़ा बदलाव टलता हुआ नजर आ रहा है। देश में फोन पे, गूगल पे और पेटीएम जैसे ऐप्स के जरिए पैसे भेजने वाले आम आदमी के लिए राहत की बात है। दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर लगने वाला मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर चार्ज अब दिवाली तक नहीं वसूला जाएगा। यह नियम पंद्रह अक्टूबर से देश भर में लागू होने वाला था। सरकार और वित्तीय नियामकों ने त्योहारी सीजन की खरीदारी को बढ़ावा देने के लिए इस प्रस्ताव पर रोक लगा दी है।

दुकानदारों और छोटे व्यापारियों के लिए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा था। जब भी कोई ग्राहक दो हजार रुपये से ज्यादा का भुगतान दुकान पर करता है, तो बैंक और पेमेंट कंपनियां उस पर शुल्क काटती हैं। इस शुल्क को लेकर पिछले कई महीनों से फिनटेक कंपनियों और सरकार के बीच चर्चा चल रही थी। पंद्रह अक्टूबर की समय सीमा नजदीक आते ही बाजार में यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या अब ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। लेकिन ऐन मौके पर इस फैसले को टाल दिए जाने से आम जनता ने चैन की सांस ली है।

त्योहारी सीजन में डिजिटल खरीदारी को बढ़ावा देने की तैयारी

इस समय देश भर में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है। धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर बाजारों में करोड़ों रुपये का लेन-देन होता है। लोग कपड़े, गहने, इलेक्ट्रॉनिक सामान और गाड़ियों की जमकर खरीदारी करते हैं। ऐसे में यदि यूपीआई पेमेंट पर अतिरिक्त चार्ज लग जाता, तो डिजिटल भुगतान की रफ्तार धीमी हो सकती थी। व्यापारी वर्ग भी इस बात से चिंतित था कि ज्यादा चार्ज लगने से ग्राहक दोबारा नकदी यानी कैश की तरफ लौट सकते हैं। सरकार और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी एनपीसीआई ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को कुछ हफ्तों के लिए आगे बढ़ा दिया है।

बाजार के जानकारों का मानना है कि भारत में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए सरकार अभी कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहती जिससे लोग परेशान हों। आज के समय में चाय की छोटी दुकान से लेकर बड़े मॉल तक हर जगह दो-दस रुपये से लेकर लाखों रुपये तक का भुगतान यूपीआई के जरिए ही हो रहा है। देश की अर्थव्यवस्था में डिजिटल कैश का हिस्सा तेजी से बढ़ा है। अगर अचानक से कोई नया शुल्क लगा दिया जाता, तो इससे डिजिटल क्रांति की गति प्रभावित हो सकती थी। यही वजह है कि वित्त मंत्रालय और संबंद्ध विभागों ने इस पर बेहद सावधानी से कदम उठाया है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

व्यापारियों और आम ग्राहकों को आगे क्या उम्मीद रखनी चाहिए

आम ग्राहकों के मन में अब यह सवाल है कि क्या दिवाली के बाद यह चार्ज फिर से लागू हो जाएगा। अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पंद्रह अक्टूबर की समय सीमा के बाद क्या नियम बनेंगे। बैंक और पेमेंट एग्रीगेटर कंपनियां लगातार सरकार के संपर्क में हैं। वे चाहते हैं कि उनके इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च निकालने के लिए मर्चेंट चार्ज जल्द से जल्द लागू किया जाए। दूसरी तरफ छोटे व्यापारी संघ इसका लगातार विरोध कर रहे हैं उनका कहना है कि इससे उनका मुनाफा कम होता है।

द फ्रीलान्स की टीम ने स्थानीय बाजारों के दुकानदारों से बातचीत की। दिल्ली के एक बड़े इलेक्ट्रॉनिक बाजार के दुकानदार ने बताया कि यदि दो हजार से ऊपर के पेमेंट पर चार पैसे प्रति सैकड़ा का चार्ज लगेगा, तो महीने के अंत में बड़ा नुकसान होता है। ग्राहक कभी भी यह अतिरिक्त पैसा देने को तैयार नहीं होता है। व्यापारी को ही अपनी जेब से यह भुगतान करना पड़ता है। हालांकि अभी दिवाली तक के लिए राहत मिल गई है, लेकिन नवंबर के महीने में इस पर फिर से बड़ी बैठक होने की संभावना जताई जा रही है।

डिजिटल पेमेंट का भविष्य और आगे की बड़ी चुनौतियां

भारत में यूपीआई की सफलता पूरी दुनिया में एक मिसाल बन चुकी है। बिना किसी शुल्क के आसानी से पैसे ट्रांसफर होने की सुविधा ने हर वर्ग के नागरिक को डिजिटल बना दिया है। ग्रामीण इलाकों से लेकर महानगरों तक हर कोई आज स्कैन करके भुगतान कर रहा है। ऐसे में इस सिस्टम को चलाने वाली कंपनियों का यह तर्क भी अपनी जगह सही है कि इस विशाल नेटवर्क को मेंटेन करने में भारी लागत आती है। बिना किसी कमाई के सर्वर और सुरक्षा तंत्र को चलाना कंपनियों के लिए भी मुश्किल होता जा रहा है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार ग्राहकों को मुफ्त सुविधा जारी रखने के लिए कंपनियों को किस तरह का वित्तीय प्रोत्साहन देती है। क्या सरकार खुद सब्सिडी देगी या फिर बैंकों को कोई दूसरा विकल्प मिलेगा। फिलहाल दिवाली तक देशवासी बिना किसी चिंता के अपने फोन से धड़ल्ले से खरीदारी कर सकते हैं। किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क आपके खाते से नहीं काटा जाएगा। द फ्रीलान्स इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा और जैसे ही कोई नया आधिकारिक आदेश आएगा, हम सबसे पहले आप तक उसकी सटीक जानकारी पहुंचाएंगे।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगे

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगे

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के बीच सियासत तेज, हर महीने 15 हजार रुपये देने का बड़ा एलान

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के बीच सियासत तेज, हर महीने 15 हजार रुपये देने का बड़ा एलान

पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का इंतजार: क्या दशहरा से पहले खाते में आएंगे दो हजार रुपये?

पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का इंतजार: क्या दशहरा से पहले खाते में आएंगे दो हजार रुपये?

तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषय

तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषय

CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’

CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’

सहकारी समितियों से जुड़कर आम लोगों को मिल रहा सस्ता कर्ज और रोजगार

सहकारी समितियों से जुड़कर आम लोगों को मिल रहा सस्ता कर्ज और रोजगार

भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का नया महासंग्राम, अक्टूबर 2026 में टी-20 सीरीज और ताजा स्क्वाड पर बड़ा अपडेट

भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का नया महासंग्राम, अक्टूबर 2026 में टी-20 सीरीज और ताजा स्क्वाड पर बड़ा अपडेट

Zainab Wedding: नागार्जुन के छोटे बेटे अखिल की जैनब संग शादी की तैयारियां हुई शुरू, जानें-

Zainab Wedding: नागार्जुन के छोटे बेटे अखिल की जैनब संग शादी की तैयारियां हुई शुरू, जानें-

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘upi चार्ज’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगेNATIONAL

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगे

16 अक्टू॰29
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के बीच सियासत तेज, हर महीने 15 हजार रुपये देने का बड़ा एलानNATIONAL

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के बीच सियासत तेज, हर महीने 15 हजार रुपये देने का बड़ा एलान

16 अक्टू॰45
पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का इंतजार: क्या दशहरा से पहले खाते में आएंगे दो हजार रुपये?NATIONAL

पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का इंतजार: क्या दशहरा से पहले खाते में आएंगे दो हजार रुपये?

16 अक्टू॰51
तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषयNATIONAL

तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषय

16 अक्टू॰37
CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’NATIONAL

CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’

16 अक्टू॰46
सहकारी समितियों से जुड़कर आम लोगों को मिल रहा सस्ता कर्ज और रोजगारNATIONAL

सहकारी समितियों से जुड़कर आम लोगों को मिल रहा सस्ता कर्ज और रोजगार

16 अक्टू॰36
भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का नया महासंग्राम, अक्टूबर 2026 में टी-20 सीरीज और ताजा स्क्वाड पर बड़ा अपडेटNATIONAL

भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का नया महासंग्राम, अक्टूबर 2026 में टी-20 सीरीज और ताजा स्क्वाड पर बड़ा अपडेट

16 अक्टू॰24
Zainab Wedding: नागार्जुन के छोटे बेटे अखिल की जैनब संग शादी की तैयारियां हुई शुरू, जानें-NATIONAL

Zainab Wedding: नागार्जुन के छोटे बेटे अखिल की जैनब संग शादी की तैयारियां हुई शुरू, जानें-

16 अक्टू॰36
विज्ञापन • ADVERTISEMENT