भारतीय क्रिकेट के गलियारों में अनुशासन, कड़ी मेहनत और मैदान पर आक्रामकता के लिए पहचान रखने वाले विराट कोहली का एक बेहद दिलचस्प और मजाकिया रूप सामने आया है। खेल प्रेमियों के बीच हमेशा अपनी शतकीय पारियों और रिकॉर्ड्स को लेकर चर्चा में रहने वाले विराट ने इस बार अपने एक ऐसे छुपे हुए हुनर के बारे में बताया है, जिसे जानकर उनके फैंस भी हैरान रह गए हैं। मैदान पर जितने गंभीर और फोकस नजर आते हैं, ड्रेसिंग रूम के बंद दरवाजों के पीछे उनका अंदाज उतना ही जिंदादिल और मस्तीभरा रहता है।
महज तीस मिनट का समय और किसी की भी नकल तैयार
पूर्व भारतीय बल्लेबाज अभिनव मुकुंद के साथ हुई एक खास बातचीत के दौरान विराट कोहली ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा मजेदार पहलू साझा किया, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। बातचीत के दौरान जब उनसे ड्रेसिंग रूम के माहौल और उनकी निजी जिंदगी की मस्ती के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़े ही दिलचस्प अंदाज में अपना यह राज खोला। विराट ने हंसते हुए बताया कि अगर वह किसी भी इंसान के साथ सिर्फ आधा घंटा यानी तीस मिनट बिता लें, तो वह उसकी सटीक नकल उतार सकते हैं।
उनका यह अनूठा टैलेंट कोई नया नहीं है, क्योंकि इससे पहले भी वह कपिल शर्मा के मशहूर कॉमेडी शो में अपनी इस कला की एक झलक दिखा चुके हैं। हालांकि, इस बार उन्होंने बहुत ही सहजता से स्वीकार किया कि लोगों के हाव-भाव और उनके बोलने के तरीके को बहुत बारीकी से नोटिस करना उनकी पुरानी आदत रही है। यही कारण है कि वह किसी भी शख्स के करीब आने के बाद उसकी शैली को आसानी से अपना लेते हैं और उसकी मिमिक्री कर सबको हंसा देते हैं.
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ईशान किशन बनते हैं विराट की मिमिक्री का सबसे ज्यादा शिकार
ड्रेसिंग रूम के अंदर इस मस्ती-मजाक में कौन-कौन शामिल होता है, इस राज से भी विराट ने पर्दा उठाया। उन्होंने बिना किसी झिझक के यह स्वीकार किया कि युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन उनकी इस मिमिक्री का सबसे ज्यादा शिकार बनने वाले खिलाड़ियों में शुमार हैं। टीम के युवा खिलाड़ी अक्सर उनके निशाने पर रहते हैं, लेकिन यह सब केवल हंसी-मजाक और एक-दूसरे के करीब आने का जरिया होता है।
विराट का मानना है कि मैदान के बाहर का यह हल्का-फुल्का माहौल किसी भी ड्रेसिंग रूम की असली जान होता है। जब खिलाड़ी एक-दूसरे की खिंचाई करते हैं और आपस में खुलकर हंसते हैं, तो टीम के भीतर का बॉन्ड और अधिक मजबूत होता है। इससे खिलाड़ियों के बीच की दूरियां मिटती हैं और वे मैदान पर भी एक यूनिट के रूप में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
नए खिलाड़ियों के भीतर से झिझक मिटाने का अनूठा तरीका
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि आने वाली नई पीढ़ी को संभालना भी उनकी बड़ी जिम्मेदारी होती है। विराट कोहली इस बात को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। जब टीम में कोई नया युवा खिलाड़ी प्रवेश करता है, तो वह अक्सर बड़े खिलाड़ियों के सामने थोड़ा असहज या संकोच महसूस करता है। ऐसे में ड्रेसिंग रूम का तनावमुक्त माहौल उस नए खिलाड़ी की झिझक को दूर करने में बहुत मददगार साबित होता है।
विराट का मानना है कि एक सीनियर के तौर पर उनकी यह जिम्मेदारी बनती है कि वह नए चेहरों को सहज महसूस कराएं। मजाक और हल्की-फुल्کی बातचीत के जरिए वह युवाओं के दिल से डर निकालते हैं ताकि वे बिना किसी दबाव के अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। मैदान के बाहर का यह दोस्ताना रवैया ही भारतीय ड्रेसिंग रूम की संस्कृति को औरों से अलग और खास बनाता है।
मस्ती और पेशेवराना रवैये के बीच शानदार संतुलन
हंसी-मजाक और मस्ती के बीच विराट कोहली ने इस बात पर भी जोर दिया कि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि खेल के प्रति उनकी गंभीरता में कोई कमी आती है। ड्रेसिंग रूम के भीतर भले ही कितना भी मजाक चल रहा हो, लेकिन जब खिलाड़ी मैदान पर कदम रखते हैं, तो उनका ध्यान सिर्फ और सिर्फ देश के लिए जीत हासिल करने पर होता है।
"हम मैदान के बाहर चाहे जितनी मस्ती कर लें और एक-दूसरे की नकल उतार लें, लेकिन जब बात देश के लिए खेलने की आती है, तो हमारी प्रतिबद्धता और प्रोफेशनलिज्म हमेशा सौ प्रतिशत होता है। अनुशासन से समझौता कभी नहीं किया जा सकता।" — विराट कोहली, भारतीय क्रिकेटर
क्रिकेट के जानकारों का भी मानना है कि मैदान की कड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए ड्रेसिंग रूम का हल्का-फुल्का माहौल बेहद जरूरी होता है। विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ी जब खुद पहल करके माहौल को खुशनुमा बनाते हैं, तो पूरी टीम मानसिक रूप से तरोताजा महसूस करती है। यही वजह है कि उनकी गिनती दुनिया के सबसे प्रभावशाली और प्रेरणादायक कप्तानों और खिलाड़ियों में की जाती है।








