जेरोधा के संस्थापकों का बड़ा कदम, होटल सेक्टर में लगाई बड़ी पूंजी
भारतीय शेयर बाजार और स्टार्टअप जगत में अपनी अलग पहचान बना चुकी ब्रोकरेज फर्म जेरोधा (Zerodha) के संस्थापकों ने अब हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की तरफ बड़ा कदम बढ़ाया है। कंपनी के दोनों प्रमुख चेहरे यानी नितिन कामथ और निखिल कामथ ने मिलकर होटल कारोबार से जुड़ी कंपनी वायसरॉय होटल्स (Viceroy Hotels) में 6.72 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लिया है। बाजार के जानकारों के अनुसार यह रणनीतिक निवेश सितंबर तिमाही के दौरान पूरा किया गया है, जिसके बाद से कॉरपोरेट गलियारों में इस सौदे की चर्चा जोर पकड़ चुकी है।
उपलब्ध शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, इस बड़े निवेश को सीधे तौर पर व्यक्तिगत रूप से नहीं बल्कि उनकी निवेश इकाइयों कामथ एसोसिएट्स और एनकेस्क्वेयर्ड (Nksquared) के माध्यम से अंजाम दिया गया है। जैसे ही बाजार में इस बात की भनक लगी कि देश के जाने-माने निवेशकों ने इस कंपनी पर दांव लगाया है, निवेशकों का भरोसा भी इस शेयर के प्रति मजबूत होता दिखाई दिया। सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान वायसरॉय होटल्स के शेयरों में अच्छी खासी हलचल देखने को मिली और यह करीब 2 फीसदी की तेजी के साथ 130 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
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कर्ज के दलदल से निकलकर पुनरुद्धार की राह पर कैसे पहुंची वायसरॉय होटल्स
किसी समय वायसरॉय होटल्स की वित्तीय स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी और उस पर भारी भरकम कर्ज का बोझ लदा हुआ था। पुराने प्रमोटरों के कार्यकाल के दौरान कंपनी पर कुल देनदारी और कर्ज का आंकड़ा 1,150 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया था। हालात इतने बिगड़ चुके थे कि कंपनी को कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस यानी दिवालिया प्रक्रिया के तहत NCLT के पास ले जाना पड़ा। एक वक्त ऐसा भी आया था जब बाजार में इस बात का डर सताने लगा था कि शायद कंपनी अपना कारोबार हमेशा के लिए बंद कर देगी और इसके शेयरों की ट्रेडिंग पर भी रोक लगा दी गई थी।
हालांकि, अक्टूबर 2023 का महीना इस होटल कंपनी के लिए एक नई सुबह लेकर आया। राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने अनिरुद्ध एग्रो फार्म्स की ओर से पेश किए गए रिजॉल्यूशन प्लान को औपचारिक मंजूरी दे दी। इस फैसले के बाद कंपनी में नई पूंजी डालने का रास्ता साफ हुआ। संकट से उबारने के लिए इसकी सब्सिडियरी कंपनी लोको हॉस्पिटैलिटी के जरिए भी पर्याप्त फंड मुहैया कराया गया। सभी कानूनी और वित्तीय बाधाओं को पार करने के बाद अप्रैल 2024 में वायसरॉय होटल्स के शेयरों की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर दोबारा ट्रेडिंग शुरू हुई।
हैदराबाद में मैरियट जैसे बड़े ब्रांड्स का संचालन कर रही है कंपनी
पुनर्गठन प्रक्रिया से गुजरने के बाद अब वायसरॉय होटल्स अपने कारोबार को मजबूती देने में जुटी हुई है। वर्तमान समय में यह कंपनी मुख्य रूप से हैदराबाद शहर में मैरियट (Marriott) और कोर्टयार्ड बाय मैरियट जैसे प्रतिष्ठित प्रीमियम होटलों का संचालन कर रही है। अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और बाजार में पब्लिक शेयरहोल्डिंग के दायरे को और बढ़ाने के लिए कंपनी ने लगभग 105 करोड़ रुपये जुटाने के उद्देश्य से एक राइट्स इश्यू भी लॉन्च किया है।
कंपनी प्रबंधन का मानना है कि इस फंड का सही उपयोग करके व्यवसाय को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है। इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी में काफी बदलाव आए थे, लेकिन अब बड़े और अनुभवी निवेशकों के आने से कंपनी को एक स्पष्ट दिशा मिलती नजर आ रही है। उद्योग के जानकारों का कहना है कि जेरोधा फाउंडर्स जैसे निवेशकों का जुड़ना कंपनी की बाजार में साख को और अधिक मजबूत करता है।
SLN टर्मिनस के अधिग्रहण से पोर्टफोलियो को मिलेगी नई मजबूती
सिर्फ पुराने होटलों के संचालन तक सीमित न रहते हुए, वायसरॉय होटल्स ने अब अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाने के लिए बड़े अधिग्रहण का फैसला भी किया है। दिसंबर 2025 में हुई शेयरधारकों की महत्वपूर्ण बैठक में एसएलएन टर्मिनस होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के अधिग्रहण को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी। इस पूरे सौदे की कुल वैल्यू करीब 206 करोड़ रुपये आंकी गई है।
खास बात यह है कि यह नई प्रॉपर्टी मैरियट ब्रांड के तहत एग्जीक्यूटिव अपार्टमेंट्स का संचालन करती है। इस अधिग्रहण के पूरा होते ही वायसरॉय होटल्स के पोर्टफोलियो में एक और हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी जुड़ जाएगी। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के रणनीतिक विस्तार से कंपनी को आने वाले समय में अपने रेवेन्यू को बढ़ाने और प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।
"हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रिकवरी के संकेत साफ नजर आ रहे हैं, और अनुभवी निवेशकों का ऐसे प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाना यह साबित करता है कि बुनियादी रूप से मजबूत सुधार प्रक्रियाएं निवेशकों का भरोसा जीतने में कामयाब हो रही हैं।" — बाजार विश्लेषक
निष्कर्ष: निवेशकों के लिए क्या हैं आगे की संभावनाएं
नितिन और निखिल कामथ द्वारा वायसरॉय होटल्स में 6.72 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदा जाना इस बात का संकेत है कि देश के दिग्गज उद्यमी अब टर्नअराउंड स्टोरीज यानी संकट से उबरने वाली कंपनियों में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं। 130 रुपये के इस शेयर पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। जैसे-जैसे कंपनी अपने नए अधिग्रहणों को पूरा करेगी और विस्तार की योजनाओं को अमलीजामा पहनाएगी, वैसे-वैसे शेयर बाजार में इसकी चाल और अधिक रोमांचक हो सकती है। सामान्य निवेशकों के लिए भी यह एक ऐसा उदाहरण है जो यह बताता है कि सही समय पर बुनियादी बदलाव किसी भी कंपनी की किस्मत पूरी तरह बदल सकते हैं।









