नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — क्रिकेट की पिच पर अपने बल्ले से गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा करने वाले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट एक बार फिर खेल गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं। पिछले चौबीस घंटों के दौरान गूगल ट्रेंड्स पर उनके नाम को लेकर भारी हलचल देखने को मिली है। सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की खेल रिपोर्टिंग तक, हर जगह गिलक्रिस्ट के पुराने और नए रिकॉर्ड्स पर बहस छिड़ गई है। खेल प्रेमी यह जानने में जुटे हैं कि आधुनिक दौर के विकेटकीपर बल्लेबाज दुनिया के इस महान खिलाड़ी के मुकाम के कितने करीब पहुंच पाए हैं।
इस ताजा चर्चा के केंद्र में कई दिलचस्प बातें और बयान सामने आए हैं। एक तरफ जहां पाकिस्तान के एक युवा क्रिकेटर ने अपने खेल के पीछे एडम गिलक्रिस्ट और कुमार संगकारा से प्रेरणा मिलने की बात कही है, वहीं दूसरी तरफ दिग्गज ओपनर डेविड वॉर्नर से जुड़े एक बयान ने इस बहस को और हवा दे दी है। वॉर्नर ने हाल ही में आधुनिक दौर के बेस्ट विकेटकीपर के चुनाव को लेकर अपनी राय रखी है, जिसमें गिलक्रिस्ट का नाम सबसे ऊपर लिया जा रहा है। खेल के जानकारों का मानना है कि गिलक्रिस्ट का प्रभाव आज के दौर के खिलाड़ियों पर भी उतना ही गहरा है जितना उनके खेलने के दिनों में हुआ करता था।
ऋषभ पंत और एडम गिलक्रिस्ट के टेस्ट रिकॉर्ड की तुलना
भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत के साथ एडम गिलक्रिस्ट के आंकड़ों की तुलना इस ट्रेंड का सबसे बड़ा कारण बनी है। हाल ही में आए एक विश्लेषण के मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट में शुरुआती पारियों के लिहाज से दोनों खिलाड़ियों के खेल में काफी समानताएं और अंतर देखे गए हैं। आंकड़े बताते हैं कि टेस्ट मैचों में नब्बे पारियां खेलने के बाद गिलक्रिस्ट का छक्कों और रनों का रिकॉर्ड बेहद आक्रामक रहा है। ऋषभ पंत भी टेस्ट क्रिकेट में उसी अंदाज में रन बना रहे हैं जिसके लिए गिलक्रिस्ट जाने जाते थे, लेकिन गिलक्रिस्ट के नाम दर्ज कई विश्व कीर्तिमान आज भी अटूट बने हुए हैं।
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले दुनिया के चुनिंदा विकेटकीपरों की सूची में एडम गिलक्रिस्ट आज भी शीर्ष के आसपास अपनी जगह बनाए हुए हैं। उनका यह रिकॉर्ड पिछले अठारह साल से कायम है जिसे तोड़ना किसी भी नए खिलाड़ी के लिए लोहे के चने चबाने जैसा साबित हो रहा है। खेल विश्लेषक मानते हैं कि गिलक्रिस्ट ने विकेटकीपिंग की परिभाषा ही बदल दी थी। वह बल्लेबाजी में निचले क्रम पर आकर मैच का रुख पलटने का माद्दा रखते थे और आज के युवा खिलाड़ी उसी आक्रामक सोच को मैदान पर उतारने की कोशिश करते नजर आते हैं।
वनडे क्रिकेट के आंकड़े और डेविड वॉर्नर की पसंद
टेस्ट क्रिकेट के अलावा वनडे फॉर्मेट के आंकड़ों में भी एडम गिलक्रिस्ट के योगदान को याद किया जा रहा है। सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों के साथ जब वनडे के शीर्ष ओपनर्स की बात होती है, तो गिलक्रिस्ट का नाम स्वतः ही उस सूची में शामिल हो जाता है। उन्होंने अपने करियर के दौरान वनडे मैचों में अपनी टीम को तेज शुरुआत दिलाई थी। डेविड वॉर्नर द्वारा बेस्ट विकेटकीपर के चुनाव को लेकर दिए गए बयानों ने इस पुरानी याद को फिर से ताजा कर दिया है, जिससे भारतीय फैंस और क्रिकेट प्रेमियों के बीच भी चर्चा गर्म हो गई है।
मैदान पर आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ स्टंप के पीछे गिलक्रिस्ट की फुर्ती आज भी युवा खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल है। पाकिस्तानी क्रिकेटर द्वारा उन्हें अपना आदर्श बताने की खबर ने यह साबित कर दिया है कि खेल की सरहदें खिलाड़ियों की प्रतिभा को बांध नहीं सकतीं। गिलक्रिस्ट का खेल शैली ऐसा था जिसने दुनिया भर के उभरते क्रिकेटर्स पर अमिट छाप छोड़ी है। यही वजह है कि आज भी जब कोई युवा खिलाड़ी मैदान पर ताबड़तोड़ पारी खेलता है, तो उसकी तुलना सीधे तौर पर एडम गिलक्रिस्ट से की जाने लगती है।
क्रिकेट जगत में लेजेंड्स की विरासत का असर
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल से यह साफ होता है कि खेल जगत में पुराने दिग्गजों की यादें हमेशा किसी न किसी रूप में जिंदा रहती हैं। एडम गिलक्रिस्ट का गूगल ट्रेंड्स पर अचानक छा जाना यह दिखाता है कि खेल प्रेमी आज भी क्लासिक और आक्रामक क्रिकेट को उतना ही पसंद करते हैं। चाहे वह टेस्ट में छक्कों का रिकॉर्ड हो या वनडे में ताबड़तोड़ शुरुआत, गिलक्रिस्ट का खेल हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। आने वाले दिनों में भी जब तक आधुनिक क्रिकेटर्स नए रिकॉर्ड बनाएंगे, तब तक तुलना के लिए एडम गिलक्रिस्ट का नाम बार-बार सामने आता रहेगा।












