नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक सरगर्मी उस समय अचानक तेज हो गई जब कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच में ही जोरदार हंगामा शुरू हो गया। मंच पर पार्टी के प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके और नेहा बोरा मीडिया से बात करने के लिए बैठे ही थे कि कुछ लोग अचानक खड़े हो गए। इन लोगों ने 'बंद करो, दफा हो जाओ' जैसे तीखे नारे लगाने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए और कुछ पलों के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटनास्थल पर मौजूद हमारे संवाददाताओं के मुताबिक, विरोध कर रहे लोगों का गुस्सा इस बात पर था कि पार्टी की हालिया नीतियां और फैसले आम जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। अभिजीत दीपके और नेहा बोरा ने स्थिति को संभालने की कोशिश की लेकिन नारेबाजी कर रहे लोग अपनी बात पर अड़े रहे। सुरक्षा कर्मियों और आयोजकों ने तुरंत बीच-बचात किया और स्थिति को किसी तरह नियंत्रण में लाने की कोशिश की। इस दौरान नेताओं के चेहरे पर तनाव साफ देखा जा सकता था, हालांकि उन्होंने मंच नहीं छोड़ा और विरोध के बीच ही अपनी बात रखने का प्रयास जारी रखा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक क्यों भड़के लोग?
इस हंगामे के पीछे की मुख्य वजह पार्टी के अंदरूनी मामलों और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को लेकर चल रहा असंतोष बताया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से अभिजीत दीपके और नेहा बोरा के काम करने के तरीके को लेकर कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे और संगठन के पदों को लेकर चल रही खींचतान अब मीडिया के सामने सार्वजनिक होने लगी है। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य एजेंडा आगामी चुनावों की तैयारी और जनता के मुद्दों को उठाना था, लेकिन अंदरूनी कलह ने सारा ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
विरोध प्रदर्शन करने वाले युवाओं का आरोप था कि पार्टी के शीर्ष नेता आम कार्यकर्ताओं की आवाज सुनने से कतरा रहे हैं और फैसले सिर्फ बंद कमरों में लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी में लोकतांत्रिक तरीके से काम नहीं हुआ तो यह विरोध और ज्यादा तेज किया जाएगा। नेहा बोरा ने इस विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी के भीतर असहमति होना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन इस तरह से हंगामा करना किसी साजिश का हिस्सा भी हो सकता है जिसकी जांच की जानी चाहिए।
अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान और आगामी दिल्ली प्रदर्शन
हंगामे और नारेबाजी के बीच ही अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत करते हुए एक बड़ा राजनीतिक ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि आगामी 16 अक्टूबर को दिल्ली में एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। उनका कहना था कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात बनते जा रहे हैं और इसके खिलाफ सभी समान विचारधारा वाले दलों और जनता को एकजुट होना पड़ेगा। दीपके ने ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ उनकी लड़ाई और तेज होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभिजीत दीपके और नेहा बोरा की जोड़ी इन दिनों विपक्ष के भीतर अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। हालांकि, पार्टी के भीतर ही हो रहे विरोध और इस तरह के हंगामे उनकी राह को मुश्किल बना सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि 16 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में जनता का कितना समर्थन मिलता है और क्या पार्टी अपने भीतर के असंतोष को शांत कर पाती है या नहीं। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे भी जमीनी अपडेट्स आप तक पहुंचाती रहेगी।




