नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश से धीरे-धीरे विदा हो रहा मॉनसून अचानक लौट आया है और एक बार फिर पूरे उत्तर भारत में अपनी ताकत दिखाने लगा है। बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में बने चक्रवाती सिस्टम के असर से मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत देश के 14 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मॉनसून की इस वापसी ने सितंबर के आखिरी हफ़्ते में गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है, लेकिन लगातार चार दिनों तक मूसलाधार बारिश होने से आम जनजीवन के प्रभावित होने की भी पूरी आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार चक्रवात के कारण हवाओं का रुख बदला है, जिससे नमी भरी हवाएं सीधे मैदानी इलाकों की तरफ आ रही हैं और आसमान में काले घने बादलों का डेरा जम गया है।
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में कल सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। आसमान में छाए बादलों के साथ हल्की फुहारों ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराई है, जिससे लोगों को पिछले कई दिनों से सता रही उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट बताती है कि आने वाले चौबीस घंटों में दिल्ली और नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद जैसे एनसीआर के इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन और यातायात पुलिस ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं ताकि सुबह और शाम के दफ़्तर जाने वाले समय में लोगों को किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।
उत्तर प्रदेश और बिहार में मॉनसून का यूटर्न
उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में पिछले कुछ हफ़्तों से बारिश न होने के कारण सूखा जैसी स्थिति बन रही थी और धान की फसल को बचाने के लिए किसान परेशान थे। लेकिन इस नए चक्रवाती असर ने इन दोनों राज्यों में मॉनसून को मानो फिर से जिंदा कर दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों तक यूपी के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के साथ-साथ बिहार और झारखंड के तमाम जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा। कई जगहों पर बिजली कड़कने और तेज आंधी चलने की भी चेतावनी दी गई है, जिसके चलते किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।
मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों यानी उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी इस चक्रवात का साफ असर दिखाई दे रहा है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आने लगी हैं, जिससे चारधाम यात्रा और स्थानीय रास्तों पर आवाजाही बाधित हो रही है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है। पहाड़ी नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने बांधों के अधिकारियों को भी लगातार नजर रखने को कहा है ताकि किसी भी अचानक आने वाली बाढ़ जैसी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
अठारह राज्यों में बदला मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के राष्ट्रीय बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश के करीब 18 राज्यों में मॉनसून की गतिविधियां फिर से सक्रिय हो गई हैं। दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु से लेकर मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि सामान्य तौर पर सितंबर के आखिरी हफ्ते में मॉनसून की विदाई तय मानी जाती है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बनने वाले ऐसे चक्रवाती तूफान अक्सर लौटते मॉनसून को रोक देते हैं और देश के बड़े हिस्से में कुछ दिनों के लिए बारिश का एक नया दौर शुरू कर देते हैं। इस साल भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिल रहा है जहां ऐन वक्त पर चक्रवात ने मौसम का पूरा समीकरण बदल दिया है।
हमारी ग्राउंड टीम ने दिल्ली और यूपी के कई इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया जहां लोग अचानक सुहाने हुए मौसम का लुत्फ उठाते नजर आए। हालांकि, लगातार बारिश से जल निकासी की पुरानी समस्याएं भी फिर से उभरने लगी हैं और कई कॉलोनियों में पानी भरने की शुरुआती शिकायतें मिलने लगी हैं। नगर निगम और स्थानीय निकाय के अधिकारी अब फील्ड में उतरकर नालों की सफाई और पंप सेट लगाने के काम में जुट गए हैं ताकि बारिश का पानी ज्यादा देर तक सड़कों पर न रुके। अगले चार दिनों तक यह बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहने की उम्मीद है, इसलिए मौसम विभाग की सलाह है कि लोग घर से निकलने से पहले ताजा मौसम अपडेट जरूर देख लें और जरूरी एहतियात बरतें।
प्रशासन की तैयारियां और एहतियाती कदम
आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों ने किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए अपनी टीमों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रख दिया है। खासकर पहाड़ी इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टुकड़ियों को संवेदनशील जगहों पर तैनात कर दिया गया है ताकि आपात स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जा सके। बिजली विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि आंधी-तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति में होने वाली बाधाओं को तुरंत ठीक किया जाए ताकि आम जनता को ज्यादा देर तक अंधेरे और परेशानी का सामना न करना पड़े। द फ्रीलान्स की यह टीम इस पूरे मौसमी घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखेगी और पल-पल की जमीनी अपडेट आप तक पहुंचाती रहेगी।








