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राजनीतिपढ़ने में समय: 5 मिनट

दिशा सालियान केस में नया मोड़: वकील निलेश ओझा पहुंचे आदित्य ठाकरे के घर, 500 करोड़ के नोटिस पर तनातनी

दिशा सालियान मौत मामले में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। मामले में वकील निलेश ओझा सीधे ठाकरे के आवास पहुंचे और 500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस से जुड़े घटनाक्रम को आगे बढ़ाया।
The Freelance ब्यूरो
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19 सितंबर 2026 • अपडेटेड
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दिशा सालियान केस में नया मोड़: वकील निलेश ओझा पहुंचे आदित्य ठाकरे के घर, 500 करोड़ के नोटिस पर तनातनी
📷 दिशा सालियान केस में नया मोड़: वकील निलेश ओझा पहुंचे आदित्य ठाकरे के घर, 500 करोड़ के नोटिस पर तनातनी — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भेजा है।
  • वकील निलेश ओझा ने स्पष्ट किया कि कानून की नजर में हर नागरिक बराबर है और इसी सिलसिले में नोटिस तामील कराया जा रहा है।
  • आदित्य ठाकरे ने पहले ही दिशा सालियान से किसी भी तरह के संबंध या पहचान के दावों को सिरे से खारिज किया है।
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दिशा सालियान केस: कानूनी जंग में आया नया और बड़ा भूचाल

मुंबई पुलिस और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र रहे दिशा सालियान मौत मामले में एक बार फिर से गर्माहट आ गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और विधायक आदित्य ठाकरे की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। हालिया घटनाक्रम के तहत, जाने-माने वकील निलेश ओझा सीधे आदित्य ठाकरे के आधिकारिक आवास के बाहर पहुंचे। इस दौरान मीडिया और सुरक्षाबलों के बीच भारी हलचल देखने को मिली। वकीलों के दल द्वारा यह कदम तब उठाया गया जब दिशा सालियान के परिवार की ओर से एक भारी-भरकम कानूनी नोटिस तैयार किया गया।

इस पूरे मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से उबाल ला दिया है। विपक्षी दलों और पीड़ित परिवार के वकीलों का साफ कहना है कि न्याय की इस लड़ाई में किसी भी रसूखदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वकील निलेश ओझा के इस कदम से राजनीतिक गलियारों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में यह कानूनी लड़ाई और अधिक गंभीर रूप ले सकती है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ अदालत और जनता के बीच डटे हुए हैं।

दिशा सालियान केस में नया मोड़: वकील निलेश ओझा पहुंचे आदित्य ठाकरे के घर, 500 करोड़ के नोटिस पर तनातनी
📷 आदित्य ठाकरे के आवास के बाहर मीडिया से बात करते हुए वकील निलेश ओझा।
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500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम मानहानि नोटिस और माफी की मांग

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कानूनी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में साफ तौर पर मांग की गई है कि सार्वजनिक रूप से मानहानि करने और गलत बयानबाजी के लिए संबंधित नेताओं को माफी मांगनी होगी। इसके साथ ही 500 करोड़ रुपये के हर्जाने का डिमांड ड्राफ्ट (DD) देने की भी बात कही गई है। परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी के नाम को राजनीतिक लाभ के लिए अनावश्यक रूप से उछाला गया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भारी ठेस पहुंची है।

वकील निलेश ओझा ने मीडिया से बात करते हुए इस बात पर जोर दिया कि देश का कानून हर नागरिक के लिए एक समान है, चाहे वह आम आदमी हो या फिर सत्ता के गलियारों में बैठने वाला कोई बड़ा राजनेता। उन्होंने कहा कि नोटिस भेजने की प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी दायरे में हो रही है और वे अपने मुवक्किल को न्याय दिलाने के लिए आखिरी दम तक कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। इस नोटिस के मिलने के बाद राजनीतिक खेमों में खलबली मच गई है और कानूनी सलाहकारों की फौज इस मामले के हर एक पहलू का बारीकी से अध्ययन कर रही है।

"हमारा एक जूनियर वकील इस समय नोटिस सर्व कर रहा है। इस नोटिस में स्पष्ट रूप से माफी मांगने और 500 करोड़ रुपये के हर्जाने का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने की मांग की गई है। कानून सबके लिए बराबर है और हम पीछे नहीं हटेंगे।" — निलेश ओझा, वकील

आदित्य ठाकरे का कड़ा रुख, सभी आरोपों को बताया बेबुनियाद

दूसरी तरफ, आदित्य ठाकरे और उनकी पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आदित्य ठाकरे ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनका दिशा सालियान मामले से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका मृतका से कभी कोई परिचय नहीं रहा और उनके खिलाफ लगाए जा रहे तमाम आरोप पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित हैं। ठाकरे खेमे का यह भी कहना है कि महाविकास आघाडी के नेताओं को बदनाम करने के लिए यह एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र है, जिसका मकसद केवल विपक्षी नेताओं की छवि खराब करना है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे महाराष्ट्र में चुनावी माहौल या राजनीतिक गतिविधियां तेज होती हैं, वैसे-वैसे पुराने और संवेदनशील मामले दोबारा सतह पर आ जाते हैं। दिशा सालियान का यह मामला पिछले कुछ सालों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। कभी सोशल मीडिया पर तो कभी अदालतों में इस मामले को लेकर बहस छिड़ती रही है। अब इस ताजा कानूनी नोटिस और वकीलों के सीधे घर पहुंचने की घटना ने इस केस में आग में घी डालने का काम किया है।

मामले की पृष्ठभूमि और जनता की प्रतिक्रिया

गौरतलब है कि दिशा सालियान दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं, जिनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले की जांच मुंबई पुलिस द्वारा विभिन्न कोणों से की गई थी, लेकिन समय-समय पर इस पर राजनीतिक बयानबाजी होती रही है। आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स भी इस घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर इस 500 करोड़ रुपये के नोटिस के बाद राजनीतिक दिग्गजों की क्या प्रतिक्रिया होगी और क्या अदालत का दरवाजा खटखटाने से इस मामले में कोई नया सच सामने आ पाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानहानि के इतने बड़े मामलों में अदालती प्रक्रिया काफी लंबी चल सकती है। सबूतों और बयानों के आधार पर ही तय होगा कि किस पक्ष का दावा कितना मजबूत है। फिलहाल, वकील निलेश ओझा के इस साहसिक कदम ने इस ठंडे पड़े मामले को फिर से राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। आने वाले हफ्तों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख इस कानूनी नोटिस का क्या और किस प्रकार जवाब देते हैं।

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