लखनऊ/मिर्जापुर — उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर सुगबुगाहट तेज हो गई है। मिर्जापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा चल रहा है और इसी बीच पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जानकारी दी है कि वह आगामी 15 अक्टूबर को अपने जीवन के अगले अध्याय का खुलासा करेंगी। इस घोषणा के बाद से स्थानीय राजनीति से लेकर प्रशासनिक अमले तक में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वह अब सक्रिय राजनीति में उतरने जा रही हैं।
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश की एक जानी-मानी और तेजतर्रार पूर्व आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में काम किया और अपनी सख्त कार्यशैली के लिए पहचानी जाती थीं। सेवा से अलग होने के बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था। अब मुख्यमंत्री के दौरे के ठीक बीच इस तरह के ऐलान ने इस चर्चा को और अधिक हवा दे दी है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर 15 अक्टूबर को वह कौन सा बड़ा फैसला लेने वाली हैं।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई अटकलें
जैसे ही दिव्या मित्तल ने 15 अक्टूबर को अपने पत्ते खोलने की बात कही, राजनीतिक विश्लेषकों ने इसके कई मायने निकालने शुरू कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश में आगामी उपचुनावों और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए इस घोषणा को बेहद अहम माना जा रहा है। क्या वह किसी राजनीतिक दल का दामन थामेंगी या फिर किसी सामाजिक अभियान की शुरुआत करेंगी, इन सवालों के जवाब के लिए लोगों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा। लेकिन इस एक ट्वीट या पोस्ट ने उत्तर प्रदेश की खबरों में हलचल जरूर पैदा कर दी है।
स्थानीय स्तर पर आम जनता और उनके समर्थकों के बीच भी इस बात की खासी चर्चा है कि एक अधिकारी के रूप में उनका कार्यकाल काफी सराहनीय रहा है। यदि वह राजनीति में कदम रखती हैं, तो इसका सीधा असर स्थानीय चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। प्रशासन और पुलिस महकमे में भी इस बात की चर्चा है कि एक पूर्व नौकरशाह का यह अगला कदम किस दिशा में जाएगा। मीडिया की नजरें भी लगातार इस घटनाक्रम पर बनी हुई हैं और हर कोई 15 अक्टूबर की तारीख का इंतजार कर रहा है।
मुख्यमंत्री के दौरे के समय पर उठे सवाल
दिलचस्प बात यह है कि दिव्या मित्तल का यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिर्जापुर के दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री विकास कार्यों की समीक्षा और कानून व्यवस्था का जायजा लेने के लिए वहां मौजूद हैं। ऐसे समय में एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस तरह की घोषणा किए जाने को टाइमिंग के लिहाज से बहुत बड़ा माना जा रहा है। विरोधी दल भी इस पर अपनी नजरें गड़ाए बैठे हैं ताकि यह देख सकें कि ऊंट किस करवट बैठता है।
द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। हम यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस फैसले के पीछे की असली रूपरेखा क्या है। क्या यह कोई राजनीतिक कदम है या फिर किसी नई पहल की शुरुआत, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल मिर्जापुर से लेकर लखनऊ तक हर जुबान पर बस यही सवाल है कि 15 अक्टूबर को दिव्या मित्तल क्या बड़ा खुलासा करने वाली हैं।
आम जनता और समर्थकों की प्रतिक्रियाएं
दिव्या मित्तल के इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों के लगातार रिएक्शन आ रहे हैं। कई लोग उन्हें नई पारी के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं तो कुछ लोग जानना चाहते हैं कि क्या वह चुनाव लड़ेंगी। एक अधिकारी के रूप में उनकी छवि जनता के बीच काफी लोकप्रिय रही है, जिसका फायदा उन्हें भविष्य में मिल सकता है। लोग अब बस उस तारीख का इंतजार कर रहे हैं जब पर्दा उठेगा और स्थिति पूरी तरह साफ होगी।
हमारी ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, मिर्जापुर के स्थानीय बाजारों और चौपालों पर भी इसी बात की चर्चा चल रही है। लोग कयास लगा रहे हैं कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया चेहरा या एक नया समीकरण देखने को मिल सकता है। द फ्रीलान्स अपनी अगली रिपोर्ट में 15 अक्टूबर को होने वाले इस खुलासे के बाद के हालातों पर से भी पर्दा उठाएगा और आपको पल-पल की सटीक जानकारी देता रहेगा।







