नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — क्रिकेट जगत में इस वक्त वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के स्पिनर गुडाकेश मोती का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। गुडाकेश मोती ने हाल ही में खेल के मैदान पर अपनी फिरकी का ऐसा जादू दिखाया कि हर कोई हैरान रह गया। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप के मुकाबले में अपनी शानदार गेंदबाजी से टीम को तीस रन से जीत दिलाई थी। मैदान पर उनके इस जादुई प्रदर्शन के बाद से ही दुनिया भर की लीग टीमों की नजर उन पर टिकी हुई है।
लेकिन अब गुडाकेश मोती को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है जो खेल प्रेमियों को चौंका रही है। मोती ने आगामी पाकिस्तान सुपर लीग यानी पीएसएल से अपना नाम वापस लेने का मन बना लिया है। खेल गलियारों से मिल रही खबरों के मुताबिक मध्य पूर्व के देशों में चल रहा तनाव इस फैसले की मुख्य वजह बताया जा रहा है। खिलाड़ी अपनी सुरक्षा को सबसे पहले रख रहे हैं और इसी कारण से कई बड़े नाम इन लीग से दूरी बना रहे हैं।
लाहौर कलंदर्स की टीम में हो सकता है बड़ा बदलाव
लाहौर कलंदर्स की टीम ने पीएसएल के लिए गुडाकेश मोती को अपने पाले में जोड़ने की पूरी तैयारी कर ली थी। लेकिन उनके नाम वापस लेने के बाद अब टीम प्रबंधन नए विकल्पों की तलाश में जुट गया है। चर्चा है कि लाहौर की टीम अब श्रीलंका के युवा ऑलराउंडर दुनिथ वेल्लालगे को अपने साथ जोड़ सकती है। मोती के हटने से टीम के संयोजन पर असर पड़ा है और कप्तान को अपनी रणनीति नए सिरे से बनानी पड़ रही है।
दूसरी तरफ सोशल मीडिया और खेल समाचारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि गुडाकेश मोती आने वाले समय में इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल का हिस्सा बन सकते हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि लखनऊ सुपर जायंट्स या अन्य कोई बड़ी फ्रेंचाइजी उन पर दांव लगा सकती है। वेस्टइंडीज के इन खिलाड़ियों का टी20 फॉर्मेट में प्रदर्शन बेहद आक्रामक रहा है और हर टीम ऐसे मैच विनर खिलाड़ी को अपने खेमे में देखना चाहती है।
गेंदबाजी में कहर बरपा रहा है यह कैरेबियाई स्पिनर
गुडाकेश मोती की गेंदबाजी की धार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे जब मैदान पर उतरते हैं तो विरोधी बल्लेबाजों के लिए टिकना मुश्किल हो जाता है। हाल ही में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने मात्र सात रन देकर पांच बल्लेबाजों को बोल्ड कर दिया था। उनकी इस खतरनाक गेंदबाजी ने पूरी विरोधी टीम को तहस-नहस कर दिया था। इस तरह के प्रदर्शन के बाद से ही उनका कद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी बढ़ गया है।
आम क्रिकेट फैंस के बीच भी इस बात की चर्चा है कि मोती जैसे खिलाड़ी जब बड़ी लीग से हटते हैं तो इससे टूर्नामेंट के रोमांच पर असर पड़ता है। हालांकि खिलाड़ी की निजी सुरक्षा और मानसिक शांति सबसे अहम होती है। पाकिस्तान सुपर लीग के आगामी सीजन से पहले इस तरह के बड़े खिलाड़ियों का हटना आयोजकों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
आईपीएल और वैश्विक टी20 लीग का बदलता समीकरण
द फ्रीलान्स की पड़ताल बताती है कि वैश्विक क्रिकेट कैलेंडर में खिलाड़ियों की उपलब्धता अब भू-राजनीतिक हालातों पर भी निर्भर करने लगी है। मध्य पूर्व के तनाव ने खेल आयोजनों के समीकरण को बदल कर रख दिया है। खिलाड़ी अब अनिश्चितता वाले क्षेत्रों में जाने से बच रहे हैं और सुरक्षित ठिकानों या बड़ी लीग्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि गुडाकेश मोती का अगला बड़ा कदम क्या होता है और कौन सी फ्रेंचाइजी उन्हें अपने पाले में खींचने में कामयाब होती है।




