गुजरात के अमरेली जिले से एक बेहद झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। यहां एक पिता ने आर्थिक तंगी और भारी कर्ज के दबाव में आकर अपनी ही पांच साल की मासूम बेटी को मौत के सुला दिया। इसके बाद उसने बेटी के शव को एक रेफ्रिजरेटर के अंदर छिपा दिया और खुद भी फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और घर से मिले सुसाइड नोटों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।
घटना का ऐसे हुआ खुलासा
यह दिल दहला देने वाला मामला अमरेली के राजुला इलाके का है। मृतका की पहचान पांच साल की हिमांशी के रूप में हुई है, जबकि उसके पिता 40 वर्षीय किशोर धनक कंस्ट्रक्शन साइट पर सुपरवाइजर का काम करते थे। पुलिस के अनुसार, किशोर की पत्नी मंजुबेन 14 सितंबर को अपने मायके गई हुई थी। बुधवार को जब मंजुबेन ने अपने पति को कई बार फोन किया और कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने अपने भाई को घर का हाल जानने के लिए भेजा।
भाई जब घर पहुंचा तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद किसी तरह दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां किशोर धनक छत के पंखे से लटके हुए मिले। पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को जो कुछ भी मिला, उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।
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कमरे में सजाया गया था अनोखा सेटलमेंट
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घर के अंदर का नजारा बेहद अजीब और चौंकाने वाला था। पुलिस को कमरे में गुब्बारे और मोमबत्तियां जली हुई मिलीं, जिससे ऐसा प्रतीत होता था कि जैसे किसी का जन्मदिन मनाया गया हो। किशोर ने अपनी बेटी हिमांशी को सफेद कपड़ों में तैयार किया था और उसके सिर पर दुपट्टा ओढ़ाया हुआ था। इसके अलावा बच्ची के होंठों पर तुलसी के पत्ते रखे गए थे और फ्रिज के अंदर कुशन व चॉकलेट रखे हुए थे।
"कमरे में कुछ बहुत ही असामान्य था। ऐसा लग रहा था जैसे उसने अपनी बेटी का जन्मदिन आखिरी बार मनाने की पूरी तैयारी की हो। कमरे में गुब्बारों और मोमबत्तियों से सजावट की गई थी और देवताओं की मूर्तियों के साथ पूजा भी की गई थी। फ्रिज पर 'हैप्पी बर्थडे हिमांशी' लिखा हुआ कागज भी चिपकाया गया था।" — पी.एल. चौधरी, पुलिस निरीक्षक
सुसाइड नोट से खुला राज
पुलिस को बिस्तर पर तीन अलग-अलग सुसाइड नोट मिले हैं, जिनमें किशोर ने अपनी तंगी का दर्द बयां किया है। एक नोट में उसने लिखा था कि उसने पर्सनल लोन लेकर कंस्ट्रक्शन के काम में पैसा लगाया था। उसके बिजनेस पार्टनर या दोस्तों पर 7.25 लाख रुपये बाकी थे, जो मांगने पर भी नहीं मिल रहे थे। पैसे न मिलने और कोई रास्ता न सूझने के कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
दूसरे सुसाइड नोट में उसने लिखा कि उसने अपनी बेटी को इसलिए मारा ताकि उसके मरने के बाद बच्ची को किसी प्रकार की तकलीफ न झेलनी पड़े। तीसरे नोट में उसने माफी मांगते हुए यह खुलासा किया था कि उसने अपनी बेटी के शव को फ्रिज के अंदर रखा है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।







