चंडीगढ़/ग्राउंड ब्यूरो — हरियाणा में इस समय मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में अचानक काले बादल छा गए हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने सूबे के नौ जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। पंचकूला के कुछ इलाकों में ओले भी गिरे हैं, जिससे ठंडक का अहसास होने लगा है। इस बेमौसम बदलाव ने किसानों की नींद उड़ा दी है क्योंकि धान कटाई और मंडियों में खुले में पड़ी फसल के भीगने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
यमुनानगर की अनाज मंडी से लेकर कई अन्य जिलों की मंडियों में किसानों की मेहनत पानी में भीगती नजर आ रही है। किसानों का कहना है कि अगर बारिश का यह दौर लंबा चला तो उनकी तैयार फसल खराब हो जाएगी। रात से ही पश्चिमी विक्षोभ बहुत ज्यादा सक्रिय हो गया है। इसके असर से अगले दो से तीन दिनों तक राज्य के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि अक्टूबर के इन दिनों में यह बदलाव गुलाबी ठंड की शुरुआत का संकेत दे रहा है, जो सुबह और शाम के समय साफ महसूस होने लगी है।
मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा धान भीगा
पंचकूला, यमुनानगर, पानीपत और सोनीपत समेत नौ जिलों में बारिश का सीधा असर कृषि उपज पर पड़ा है। यमुनानगर की मुख्य अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी धान की बोरियां भीग गई हैं। किसानों और आढ़तियों ने अपनी फसल को बचाने के लिए तिरपाल तो डाले, लेकिन अचानक हुई तेज बारिश के आगे वह नाकाफी साबित हुए। प्रशासन की तरफ से धान उठान के काम में तेजी लाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि समय पर ढुलाई न होने के कारण किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य के कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण खेतों में खड़ी पकी हुई फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। खेतों में नमी बढ़ने से कटाई का काम कुछ दिनों के लिए रोकना पड़ सकता है। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं क्योंकि धान की फसल उनके पूरे साल की मेहनत का फल होती है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और तिरपाल से अच्छी तरह ढककर रखें ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
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सिंगापुर से मिला साढ़े पांच हजार करोड़ का निवेश
एक तरफ जहां मौसम की मार से किसान परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के शहरी विकास और औद्योगिक मोर्चे पर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हालिया सिंगापुर दौरे के बाद राज्य के लिए 5,500 करोड़ रुपये के बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं। गुरुग्राम से लेकर पानीपत तक के इलाकों में शहरी विकास और आधुनिक विनिर्माण इकाइयों को स्थापित करने के लिए विदेशी निवेशकों ने गहरी रुचि दिखाई है। इन बड़े निवेशों के जरिए हरियाणा को देश का प्रमुख इनोवेशन कैपिटल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सरकार का दावा है कि इन नए निवेश प्रस्तावों से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे। विनिर्माण और तकनीक के क्षेत्र में सिंगापुर के सहयोग से इंफ्रास्ट्रक्चर का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और आधुनिक औद्योगिक कॉरिडोर के विस्तार से गुरुग्राम, फरीदाबाद और पानीपत जैसे बड़े शहरों की आर्थिक रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी। प्रशासनिक अधिकारी इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए लगातार निवेशकों के साथ बैठकों का दौर चला रहे हैं ताकि कागजी समझौतों को जल्द से जल्द धरातल पर लाया जा सके।
गुलाबी ठंड के बीच प्रशासन और किसानों की तैयारी
मौसम के इस यू-टर्न ने राज्य में एक तरफ जहां ठंड की दस्तक दे दी है, वहीं दूसरी तरफ एडमिनिस्ट्रेशन के सामने भी कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का यह सिलसिला बना रहेगा। तापमान में गिरावट आने से लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग सुबह के समय हल्की धुंध और ठंडी हवाओं का अनुभव कर रहे हैं, जो आने वाले सर्दियों के मौसम का स्पष्ट संकेत है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि एक तरफ प्राकृतिक आपदा किसानों की परेशानी बढ़ा रही है, तो दूसरी तरफ औद्योगिक विकास की नई उम्मीदें राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं। सरकार और स्थानीय प्रशासन के सामने इस समय दोहरी जिम्मेदारी है। एक तरफ मंडियों से भीगे हुए धान को सुरक्षित निकालकर उसका तुरंत उठान कराना है, और दूसरी तरफ विदेशी निवेश के जरिए विकास के पहिये को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाना है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इन दोनों मोर्चों पर किस तरह तालमेल बिठाता है।




