चंडीगढ़/ग्राउंड ब्यूरो — हरियाणा में इस समय मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। एक तरफ आसमान में छाए बादलों और बारिश ने अन्नदाताओं की नींद उड़ा दी है, तो दूसरी तरफ आर्थिक गलियारों से राज्य के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। मौसम विभाग ने राज्य के नौ जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पंचकूला में ओले गिरने से मौसम पूरी तरह ठंडा हो गया है। यमुनानगर की अनाज मंडी में खुले में पड़ा धान भी इस अचानक आई बारिश की वजह से भीग गया है। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए पन्नी और तिरपाल की व्यवस्था करते नजर आ रहे हैं। राज्यभर के किसान इस समय आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं क्योंकि धान की कटाई और खरीद का काम अपने चरम पर है।
मौसम विभाग के मुताबिक, यह बदलाव एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से आया है। आज से लेकर 12 अक्टूबर तक राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश होने की संभावना जताई गई है। रात के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है जिससे प्रदेश में हल्की गुलाबी ठंड की शुरुआत हो चुकी है। सोनीपत, पानीपत, और करनाल समेत कई इलाकों में ठंडी हवाएं चल रही हैं। जिन किसानों की फसलें अभी खेतों में खड़ी हैं या मंडियों में बिकने के लिए आई हैं, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान का डर सता रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आने वाले दो दिनों तक और बारिश जारी रही, तो नमी की मात्रा बढ़ जाएगी जिससे धान की सरकारी खरीद में अड़चन आ सकती है।
मौसम की मार के बीच औद्योगिक मोर्चे पर बड़ी राहत
एक तरफ जहां मौसम किसानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक और आर्थिक मोर्चे पर हरियाणा के लिए बहुत बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हालिया सिंगापुर दौरे के बाद वहां से भारी-भरकम निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। गुरुग्राम से लेकर पानीपत तक के शहरी विकास और विनिर्माण क्षेत्र का नक्शा पूरी तरह बदलने वाला है। सिंगापुर के निवेशकों ने हरियाणा में लगभग 5,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। इस बड़े निवेश का मुख्य उद्देश्य हरियाणा को देश का प्रमुख इनोवेशन कैपिटल बनाना है। सरकार का दावा है कि इस निवेश से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार होगा।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सिंगापुर की तर्ज पर गुरुग्राम और पानीपत में आधुनिक औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इसमें स्मार्ट अर्बन प्लानिंग, अत्याधुनिक परिवहन व्यवस्था और पर्यावरण अनुकूल फैक्ट्रियों का निर्माण शामिल होगा। राज्य सरकार इस बात पर जोर दे रही है कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी समान गति दी जाए। निवेशकों ने हरियाणा की भौगोलिक स्थिति और मजबूत सड़क नेटवर्क की जमकर तारीफ की है। दिल्ली के नजदीक होने का फायदा हरियाणा को हमेशा से मिलता रहा है और अब विदेशी निवेशकों का भरोसा इस बात की गवाही दे रहा है कि राज्य का कारोबारी माहौल लगातार बेहतर हो रहा है।
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मंडियों में सुरक्षा के इंतजाम और प्रशासन की सक्रियता
जमीनी हकीकत जानने के लिए जब हमारी टीम ने विभिन्न जिलों की मंडियों का दौरा किया तो हालात चिंताजनक दिखे। यमुनानगर और कुरुक्षेत्र की मंडियों में किसानों का धान खुले आसमान के नीचे बोरियों में भरा हुआ था। अचानक हुई बारिश से बचने के लिए किसानों के पास बहुत सीमित साधन थे। हालांकि, जिला प्रशासन और मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने दावा किया है कि धान को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। कई जगहों पर किसानों ने प्रशासन पर यह भी आरोप लगाया कि समय पर सरकारी खरीद और उठान न होने के कारण उनकी फसलें मंडियों में सड़ने की कगार पर पहुंच गई हैं।
दूसरी तरफ, सरकार और कृषि विभाग ने किसानों को आश्वस्त किया है कि बारिश से हुए नुकसान का पूरा आकलन किया जाएगा। यदि किसी किसान की फसल को भारी नुकसान हुआ है, तो उसे नियमों के तहत मुआवजा भी दिया जाएगा। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही रहने की उम्मीद है इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें। कुल मिलाकर, हरियाणा इस समय एक तरफ कुदरत के बदले तेवर और दूसरी तरफ सुनहरे आर्थिक भविष्य के बीच एक अहम दौर से गुजर रहा है। जनता की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार मंडियों में भीगी फसल को कैसे संभालती है और सिंगापुर के वादे कितनी जल्दी जमीन पर उतरते हैं।




