केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुणे पुलिस ने दाखिल की 5,053 पन्नों की चार्जशीट
महाराष्ट्र के पुणे जिले से सामने आए बेहद सनसनीखेज केतन अग्रवाल हत्याकांड ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुणे पुलिस ने शनिवार को स्थानीय अदालत में 5,053 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में 26 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की खौफनाक साजिश, उसकी पूर्व तैयारी और वारदात को अंजाम दिए जाने के तरीकों का सिलसिलेवार और विस्तार से जिक्र किया गया है। पुलिस की जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद इस पूरे मामले की परतें एक-एक कर खुलने लगी हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल को इसी साल 18 जून को ऐतिहासिक लोहगढ़ किले से नीचे धक्का देकर गिरा दिया गया था, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और एक अन्य सहयोगी रितेश हांगे को गिरफ्तार किया था। केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी के महीने में हुई थी और दोनों का आगामी नवंबर महीने में जयपुर में एक भव्य समारोह के साथ विवाह होना तय हुआ था, लेकिन इस खुशहाल रिश्ते के पीछे रची गई साजिश ने सभी को हैरान कर दिया है।
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शुरुआत में सुपारी देने की बनाई थी योजना, बाद में बदला प्लान
पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने शुरुआत में केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने के लिए महाराष्ट्र से बाहर के किसी पेशेवर व्यक्ति को सुपारी देने पर विचार किया था। इसके लिए उन्होंने कुछ बाहरी लोगों से संपर्क करने की संभावना भी तलाशी थी। हालांकि, बाद में आरोपियों के मन में यह डर बैठ गया कि बाहर से बुलाया गया कोई बाहरी व्यक्ति आगे चलकर इस साजिश का भंडाफोड़ कर सकता है या फिर उनके लिए भविष्य में बड़ी कानूनी परेशानी खड़ी कर सकता है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, जब आरोपियों ने इस दिशा में विचार किया था, तब उन्होंने जिस व्यक्ति से संपर्क साधा था, वह अब पुलिस का मुख्य गवाह बन चुका है। बाहरी व्यक्ति की मदद लेने का विचार त्यागने के बाद आरोपियों ने खुद ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने की ठानी। पुलिस का दावा है कि इसके बाद से ही आरोपियों ने तकनीकी तरीकों और अपराध की दुनिया के तौर-तरीकों का अध्ययन करना शुरू कर दिया था ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके।
क्राइम फिल्मों और ChatGPT का लिया गया सहारा
चार्जशीट के चौंकाने वाले खुलासों में यह बात सामने आई है कि हत्या की इस गहरी साजिश को अमलीजामा पहनाने के लिए आरोपियों ने कई चौंकाने वाले कदम उठाए। पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने अपराध पर आधारित कई फिल्में देखीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट 'ChatGPT' का इस्तेमाल करके तरीके सीखे और पुलिस की नजर से बचने के उपायों पर आधारित पॉडकास्ट भी सुने। इसके अलावा, उन्होंने देश भर के अन्य हाई-प्रोफाइल मामलों का भी अध्ययन किया।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने मेघालय में हुए चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड के बारे में भी इंटरनेट पर गहरी जानकारी जुटाई थी। राजा रघुवंशी की मई 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान कथित रूप से हत्या कर दी गई थी। इन सभी मामलों और तौर-तरीकों का गहराई से अध्ययन करने के बाद ही आरोपियों ने केतन अग्रवाल को ठिकाने लगाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया था, ताकि किसी को भी उन पर शक न हो सके।
लोहगढ़ किले को क्यों चुना गया वारदात की जगह?
पुलिसिया दस्तावेजों के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने लोहगढ़ किले और उसके आसपास के कई अन्य पिकनिक स्पॉटों की पहले से ही पूरी रेकी की थी। उन्होंने टाइगर पॉइंट समेत कई इलाकों का जायजा लिया और ऐसी सुरक्षित जगह की तलाश की जहां मर्डर करना आसान हो और किसी स्थानीय व्यक्ति या पर्यटक को शक न हो। आखिरकार उन्होंने लोहगढ़ किले को चुना, जिसके पीछे एक सोची-समझी रणनीति थी।
"आरोपियों को यह अच्छी तरह पता था कि पिछले साल मार्च के महीने में लोहगढ़ किले पर एक महिला की दुर्घटनावश मौत हो चुकी थी। इसी बात का फायदा उठाकर वे केतन की मौत को भी चट्टान से पैर फिसलने या सेल्फी लेते वक्त हुई दुर्घटना साबित करना चाहते थे ताकि पुलिस इसे हादसा मान ले।"— वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पुणे ग्रामीण
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि 14 जून को भी सिया और केतन लोहगढ़ किले गए थे। उस दिन भी सिया ने केतन को पहाड़ी से नीचे धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन गनीमत रही कि केतन ने समय रहते एक पेड़ की टहनी को कसकर पकड़ लिया और अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। जब केतन ने सिया से पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया, तो शातिर सिया ने वहां एक सांप होने का नाटक किया और जताने की कोशिश की कि वह उसे बचाने के लिए आगे आई थी।
फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट और पासपोर्ट फाड़ने की कहानी
चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने केतन को दोबारा लोहगढ़ किले तक खींच लाने के लिए एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट तैयार किया था। इस फेक अकाउंट का नाम 'माही' रखा गया था और इसमें आरोपियों के ही परिचित एक अन्य महिला की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए केतन को लगातार संदेश भेजे गए और 18 जून को सिया के लिए एक सरप्राइज बर्थडे पार्टी प्लान करने के बहाने उन्हें लोहगढ़ आने के लिए राजी किया गया।
इसके अलावा, बाली की एक प्रस्तावित यात्रा से पहले ही इस हत्या को अंजाम देने की योजना थी। छह जून को प्री-वेडिंग शूट के दौरान यात्रा के समय सिया ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट फाड़कर एक कैफे के वॉशरूम में फेंक दिया था। इस वजह से उनकी बाली यात्रा रद्द हो गई और आरोपियों को अपनी इस साजिश को पूरा करने के लिए और अधिक समय मिल गया। अंततः 18 जून को सुनियोजित तरीके से केतन को किले से नीचे धकेल कर मौत के घाट उतार दिया गया।
100 से अधिक लोगों के बयान और डिजिटल सबूत
पुणे पुलिस ने इस बेहद जटिल और अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए अपनी चार्जशीट में 100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें पांच महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी भी शामिल हैं। इसके साथ ही, आरोपियों के मोबाइल फोन से बरामद किए गए डेटा, डिलीट की गई वॉट्सऐप चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और तकनीकी विश्लेषण को ठोस सबूत के तौर पर अदालत में पेश किया गया है। अब इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और अदालत को इन सबूतों और गवाहों के आधार पर अपना अंतिम फैसला सुनाना बाकी है।







