होम/राजनीति/LPU हिंसा मामले में नया मोड़: छात्रा के वीडियो ने खोले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की करतूतों के राज
राजनीतिपढ़ने में समय: 4 मिनट

LPU हिंसा मामले में नया मोड़: छात्रा के वीडियो ने खोले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की करतूतों के राज

पंजाब की प्रतिष्ठित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुई हिंसा को लेकर एक छात्रा ने सनसनीखेज वीडियो जारी किया है। छात्रा का आरोप है कि एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने भीड़ को उकसाया और कैंपस के बाहर से गुंडों को बुलाकर भारी तोड़फोड़ करवाई। 'द फ्रीलान्स' की ग्राउंड रिपोर्ट।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•30 सितंबर 2026 • अपडेटेड•47
🌐Read in English →
शेयर करें:
LPU हिंसा मामले में नया मोड़: छात्रा के वीडियो ने खोले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की करतूतों के राज
📷 LPU हिंसा मामले में नया मोड़: छात्रा के वीडियो ने खोले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की करतूतों के राज — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • पंजाब की प्रतिष्ठित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुई हिंसा को लेकर एक छात्रा ने सनसनीखेज वीडियो जारी किया है। छात्रा का आरोप है कि एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने भीड़ को उकसाया और कैंपस के बाहर से गुंडों को बुलाकर भारी तोड़फोड़ करवाई। 'द फ्रीलान्स' की ग्राउंड रिपोर्ट।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

पंजाब के जालंधर स्थित प्रतिष्ठित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) का कैंपस इन दिनों एक गंभीर और तनावपूर्ण विवाद के केंद्र में है। विश्वविद्यालय परिसर के भीतर हाल ही में भड़की हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में अब नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। 'द फ्रीलान्स' की टीम ने जब इस पूरे घटनाक्रम की ज़मीनी पड़ताल की, तो पता चला कि मामला महज़ छात्रों के बीच का सामान्य विवाद नहीं है, बल्कि इसके पीछे सोशल मीडिया के प्रभाव और सुनियोजित तरीके से भीड़ जुटाने का खतरनाक खेल खेला गया है।

छात्रा का सनसनीखेज वीडियो और गंभीर आरोप

घटना के बाद से सहमी हुई एक छात्रा ने सामने आकर एक वीडियो जारी किया है, जिसने प्रशासनिक और पुलिस हलकों में हलचल मचा दी है। वीडियो में छात्रा सीधे तौर पर एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर उंगली उठा रही है। उसका दावा है कि इस तथाकथित इन्फ्लुएंसर ने यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर तनाव को और भड़काने में मुख्य भूमिका निभाई। छात्रा का आरोप है कि वीडियो और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भीड़ जुटाई गई और बाकायदा इशारे कर बाहर से असामाजिक तत्वों (गुंडों) को कैंपस के अंदर बुलाया गया, जिन्होंने जमकर तोड़फोड़ और हिंसा को अंजाम दिया।

संबंधित खबरें

LPU हिंसा: पांच दिन पहले रची गई थी खौफनाक साजिश, Reddit पर फर्जी पोस्ट से सुलग उठा कैंपस

LPU हिंसा: पांच दिन पहले रची गई थी खौफनाक साजिश, Reddit पर फर्जी पोस्ट से सुलग उठा कैंपस

क्रिएटिविटी और उम्र का अनूठा मेल: इवान पेरिसिच की मैदान पर गूंजती कहानी

क्रिएटिविटी और उम्र का अनूठा मेल: इवान पेरिसिच की मैदान पर गूंजती कहानी

प्रवेश वर्मा पर एनसीआर दर्ज: जानिए क्या है एफआईआर से इसका कानूनी फर्क

प्रवेश वर्मा पर एनसीआर दर्ज: जानिए क्या है एफआईआर से इसका कानूनी फर्क

भारत-पाक सीमा पर सामरिक हलचल: हाईवे बने रनवे, अंतरिक्ष से लेकर ड्रोन तस्करी तक सुरक्षा घेरा सख्त

भारत-पाक सीमा पर सामरिक हलचल: हाईवे बने रनवे, अंतरिक्ष से लेकर ड्रोन तस्करी तक सुरक्षा घेरा सख्त

गेरेन-5 ड्रोन से बदला यूक्रेन में हवाई युद्ध, ब्रिटेन की सियासी हलचल और अजीबोगरीब मेडिकल खुलासे

गेरेन-5 ड्रोन से बदला यूक्रेन में हवाई युद्ध, ब्रिटेन की सियासी हलचल और अजीबोगरीब मेडिकल खुलासे

फीफा वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा सियासी और खेल महासंग्राम: इंग्लैंड और अर्जेंटीना की टक्कर पर एफबीआई की कड़ी नजर

फीफा वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा सियासी और खेल महासंग्राम: इंग्लैंड और अर्जेंटीना की टक्कर पर एफबीआई की कड़ी नजर

यूरोपीय फुटबॉल में स्पेन और क्रोएशिया का दबदबा: नेशंस लीग से वर्ल्ड कप तक नए समीकरण

यूरोपीय फुटबॉल में स्पेन और क्रोएशिया का दबदबा: नेशंस लीग से वर्ल्ड कप तक नए समीकरण

मानसून का आक्रामक दौर: 10 घंटे में 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश और 70 किमी की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट

मानसून का आक्रामक दौर: 10 घंटे में 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश और 70 किमी की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट

सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर उठ रहे बड़े सवाल

हजारों छात्रों की आवासीय क्षमता वाले इस विशाल यूनिवर्सिटी कैंपस में इस तरह की हिंसा होना सीधे तौर पर लूपु (LPU) की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। हमारी फील्ड इन्वेस्टिगेशन टीम ने पाया कि जब बाहर से लोग कैंपस के भीतर दाखिल हुए और हिंसा फैलाई, तब सुरक्षा गार्ड्स और प्रशासनिक अमला मूकदर्शक बना रहा। क्या सोशल मीडिया की चमक-धमक और फॉलोअर्स के अहंकार ने इन युवाओं को कानून से ऊपर समझने की छूट दे दी है? यह सवाल आज हर उस अभिभावक के मन में है जो अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए ऐसे संस्थानों में भेजते हैं।

क्षेत्रीय तनाव और अन्य घटनाओं से जुड़ते तार

दिलचस्प बात यह है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पंजाब और चंडीगढ़ के इलाके में पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार हलचल बनी हुई है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से ठीक पहले खालिस्तानी नारे लिखे जाने और विभिन्न धार्मिक-सामाजिक मुद्दों पर बयानों के चलते माहौल पहले से ही संवेदनशील था। ऐसे में, LPU के भीतर हुई इस हिंसा को महज़ एक अचानक हुआ हंगामा नहीं माना जा सकता, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश की बू आ रही है जिसकी निष्पक्ष जांच बेहद ज़रूरी है।

प्रशासनिक कार्रवाई और आगे की सुगबुगाहट

फिलहाल, स्थानीय पुलिस और प्रशासन वीडियो के आधार पर साक्ष्य जुटाने में लग गया है। आरोपी इन्फ्लुएंसर और उसके सहयोगियों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। 'द फ्रीलान्स' को सूत्रों से पता चला है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भी आंतरिक स्तर पर अनुशासनहीनता के खिलाफ कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं। हालांकि, छात्रों और उनके परिजनों में अभी भी भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

निष्कर्ष: डिजिटल युग की अराजकता

यह घटना इस बात का प्रमाण है कि कैसे सोशल मीडिया का बेजा इस्तेमाल और वर्चुअल दुनिया की लोकप्रियता का नशा वास्तविक दुनिया में हिंसा और अराजकता का रूप ले सकता है। जब तक फर्जी इन्फ्लुएंसर संस्कृति पर नकेल नहीं कसी जाएगी और शिक्षण संस्थानों को राजनीति व उपद्रव से दूर नहीं रखा जाएगा, तब तक परिसरों की पवित्रता खतरे में रहेगी। 'द फ्रीलान्स' इस मामले की हर एक परत पर अपनी पैनी नज़र बनाए रखेगा।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

LPU हिंसा: पांच दिन पहले रची गई थी खौफनाक साजिश, Reddit पर फर्जी पोस्ट से सुलग उठा कैंपसTECH-AUTO

LPU हिंसा: पांच दिन पहले रची गई थी खौफनाक साजिश, Reddit पर फर्जी पोस्ट से सुलग उठा कैंपस

30 सित॰25
क्रिएटिविटी और उम्र का अनूठा मेल: इवान पेरिसिच की मैदान पर गूंजती कहानीSPORTS

क्रिएटिविटी और उम्र का अनूठा मेल: इवान पेरिसिच की मैदान पर गूंजती कहानी

30 सित॰39
प्रवेश वर्मा पर एनसीआर दर्ज: जानिए क्या है एफआईआर से इसका कानूनी फर्कPOLITICS

प्रवेश वर्मा पर एनसीआर दर्ज: जानिए क्या है एफआईआर से इसका कानूनी फर्क

30 सित॰49
भारत-पाक सीमा पर सामरिक हलचल: हाईवे बने रनवे, अंतरिक्ष से लेकर ड्रोन तस्करी तक सुरक्षा घेरा सख्तNATIONAL

भारत-पाक सीमा पर सामरिक हलचल: हाईवे बने रनवे, अंतरिक्ष से लेकर ड्रोन तस्करी तक सुरक्षा घेरा सख्त

30 सित॰24
गेरेन-5 ड्रोन से बदला यूक्रेन में हवाई युद्ध, ब्रिटेन की सियासी हलचल और अजीबोगरीब मेडिकल खुलासेNATIONAL

गेरेन-5 ड्रोन से बदला यूक्रेन में हवाई युद्ध, ब्रिटेन की सियासी हलचल और अजीबोगरीब मेडिकल खुलासे

30 सित॰40
फीफा वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा सियासी और खेल महासंग्राम: इंग्लैंड और अर्जेंटीना की टक्कर पर एफबीआई की कड़ी नजरNATIONAL

फीफा वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा सियासी और खेल महासंग्राम: इंग्लैंड और अर्जेंटीना की टक्कर पर एफबीआई की कड़ी नजर

30 सित॰38
यूरोपीय फुटबॉल में स्पेन और क्रोएशिया का दबदबा: नेशंस लीग से वर्ल्ड कप तक नए समीकरणSPORTS

यूरोपीय फुटबॉल में स्पेन और क्रोएशिया का दबदबा: नेशंस लीग से वर्ल्ड कप तक नए समीकरण

30 सित॰49
मानसून का आक्रामक दौर: 10 घंटे में 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश और 70 किमी की रफ्तार से हवाओं का अलर्टNATIONAL

मानसून का आक्रामक दौर: 10 घंटे में 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश और 70 किमी की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट

30 सित॰32