परिवारिक कलह की खौफनाक दास्तान
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी भी इंसान की रूह कांप जाए। अक्सर पारिवारिक विवादों और संपत्ति को लेकर खूनी संघर्ष की खबरें तो सामने आती रहती हैं, लेकिन एक मां और दादी द्वारा अपने ही घर के चिरागों को इस तरह से खत्म करने की कोशिश करने का यह मामला बेहद हैरान करने वाला है। यह घटना समाज में बढ़ती मानसिक उथल-पुथल और घरेलू कलह के गंभीर परिणामों को आईना दिखाती है।
घटना मेरठ जिले के फलावदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दादूपुर गांव की है। यहां एक हंसता-खेलता परिवार पलक झपकते ही एक भयानक त्रासदी का शिकार हो गया। पेंशन के पैसों के बंटवारे और एक मामूली सी चीज यानी नए मोबाइल फोन की जिद ने इस परिवार को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया। पुलिस और स्थानीय लोगों के मुताबिक, घर के भीतर पनप रहा यह विवाद इतना भयानक रूप ले लेगा, किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।
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पेंशन के पैसे और मोबाइल फोन बना विवाद की जड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दादूपुर गांव की रहने वाली 65 वर्षीय सुमित्रा देवी के घर में पिछले कुछ समय से कलह चल रहा था। विवाद की मुख्य वजह बुजुर्ग महिला की पेंशन के पैसे थे, जिस पर घर में अक्सर खींचतान होती रहती थी। इसके अलावा, आग में घी का काम किया एक नए मोबाइल फोन की मांग ने। सुमित्रा देवी के 14 साल के पोते उदय को एक नया स्मार्टफोन चाहिए था, जिसको लेकर घर में लगातार बहस हो रही थी।
शुरुआत में यह मामला मामूली पारिवारिक बहस लग रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर तनाव इस हद तक बढ़ चुका था कि इसने एक बड़े खूनी संघर्ष की नींव रख दी। बुजुर्ग महिला और उसके परिवार के बीच पैसों को लेकर आपसी मनमुटाव इतना गहरा हो चुका था कि हर छोटी बात पर घर में कलह मच जाती थी। शनिवार की रात भी इसी बात को लेकर घर में तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते खौफनाक अंजाम तक पहुंच गई।
बेटे और पोते पर छिड़का ज्वलनशील पदार्थ
शनिवार की रात जब पेंशन और मोबाइल खरीदने की बात को लेकर बहस अपने चरम पर थी, तब सुमित्रा देवी अपना आपा खो बैठीं। गुस्से में अंधी हो चुकी बुजुर्ग महिला ने घर में रखा कोई ज्वलनशील पदार्थ निकाला और अपने 45 वर्षीय बेटे परमवीर तथा 14 वर्षीय पोते उदय पर उड़ेल दिया। इससे पहले कि दोनों कुछ समझ पाते या बचाव में चीखते-चिल्लाते, महिला ने कथित तौर पर उनमें आग लगा दी।
आग लगते ही घर में चीख-पुकार मच गई। दोनों झुलसते हुए मदद के लिए चिल्लाने लगे। आग की लपटों से घिरे पिता और पुत्र की चीखें सुनकर आसपास के पड़ोसी और परिवार के अन्य सदस्य तुरंत मौके पर दौड़े। किसी तरह बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दोनों बुरी तरह से झुलस चुके थे। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है और डॉक्टरों ने उनकी स्थिति नाजुक बताई है।
"घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि पेंशन के पैसों और पोते के लिए मोबाइल खरीदने की जिद को लेकर परिवार में विवाद हुआ था, जिसके बाद महिला ने यह खौफनाक कदम उठाया। घायलों का इलाज जारी है और फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं।" — स्थानीय पुलिस अधिकारी
पेड़ से लटका मिला बुजुर्ग महिला का शव
इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद सुमित्रा देवी मौके से फरार हो गई थीं। परिजनों और ग्रामीणों का ध्यान पूरी तरह से घायलों को बचाने और अस्पताल पहुंचाने में था, इसी बीच बुजुर्ग महिला गांव से गायब हो गई। कुछ देर बाद जब ग्रामीणों की नजर गांव के ही एक पेड़ पर पड़ी, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। सुमित्रा देवी का शव उसी पेड़ की डाली से फंदे पर लटका हुआ मिला।
इस दोहरे सदमे से पूरा गांव सन्न रह गया। एक तरफ जहां घर के दो सदस्य अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ परिवार की मुखिया की लाश पेड़ से लटकी मिली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे थे कि एक बुजुर्ग महिला अपने ही खून के रिश्तों के साथ इतना खौफनाक सलूक कर सकती है और खुद भी अपनी जीवन लीला समाप्त कर सकती है।
पुलिस जांच और फॉरेंसिक टीम की पड़ताल
घटना की सूचना मिलते ही फलावदा थाने की पुलिस भारी बल के साथ तुरंत दादूपुर गांव पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद मेरठ से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की विशेष टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट, ज्वलनशील पदार्थ के अवशेष और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में उस रात घर के अंदर क्या-क्या हुआ था।
पुलिस ने मृतका सुमित्रा देवी के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रहे हैं। परिवार के अन्य सदस्यों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस खूनी संघर्ष के पीछे कोई और पारिवारिक रंजिश या मानसिक तनाव तो नहीं था। पुलिस की यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।








