[Main Update] उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक चर्चित चाय की दुकान पर खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) की टीम ने अचानक छापेमारी की। यह वही दुकान है जहां करीब दो महीने पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रुककर चाय पी थी। विभाग ने दुकान से चाय पत्ती और अन्य खाद्य सामग्रियों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
[Details] खाद्य निरीक्षक धीरेंद्र दीक्षित के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। विभाग का कहना है कि उन्हें आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर अहमद नामक व्यक्ति द्वारा शिकायत मिली थी कि दुकान में चाय बनाने के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसी आधार पर सैंपलिंग की कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर, दुकान संचालक शेषमन ने आरोप लगाया कि जब से अखिलेश यादव उनकी दुकान पर आए हैं, तब से उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है और यह छापेमारी उसी कड़ी का हिस्सा है।
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[Background] बीते 20 फरवरी को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खागा तहसील के अफोई गांव में पूर्व विधायक मोहम्मद शफीर के आवास पर गए थे। वापसी के दौरान उन्होंने खागा चौकी चौराहे के पास स्थित शेषमन की दुकान पर कुल्हड़ की चाय का आनंद लिया था। अखिलेश यादव ने इस दौरान दुकानदार के साथ फोटो भी खिंचवाई थी, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी। इसी के बाद से यह दुकान चर्चा के केंद्र में आ गई थी।
[Impact] इस छापेमारी को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। दुकानदार ने इसे सीधे तौर पर 'उत्पीड़न' बताया है, जबकि विभाग इसे रूटीन जांच और शिकायत पर आधारित कार्रवाई कह रहा है। अब लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि दुकान पर गुणवत्ता संबंधी कोई कमी थी या नहीं, लेकिन इस घटना ने प्रशासन और विपक्षी दल के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।



