मानसा/चंडीगढ़ — पंजाब के मानसा में सामाजिक कार्यकर्ता और नशे के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी राजस्थान के धार्मिक स्थल सालासर से की गई है, जहां मुख्य शूटर छिपा हुआ था। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। लोग सड़कों पर उतर आए हैं और पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हत्या के इस मामले ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के सामने आने के बाद से ही मानसा में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। स्थानीय लोगों और समर्थकों का कहना है कि परविंदर सिंह झोटा निडर होकर नशे के सौदागरों के खिलाफ लड़ रहे थे। उनकी हत्या सोची-समझी साजिश के तहत की गई है। इस बीच, राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर विपक्षी दलों ने तीखा हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि राज्य में अपराधियों के हौसला बुलंद हैं और आम लोग तथा सामाजिक कार्यकर्ता सुरक्षित नहीं हैं।
मुख्य शूटर की गिरफ्तारी और राजस्थान कनेक्शन
जांच में जुटी पुलिस टीमों ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से मुख्य आरोपी की तलाश शुरू की थी। पंजाब पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान के सालासर में दबिश देकर मुख्य शूटर को धर दबोचा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकें। इस गिरफ्तारी को मामले के खुलासे की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
शूटर की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही मानसा में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों की मांग है कि मुख्य आरोपी के साथ-साथ इस साजिश के पीछे के सभी चेहरों बेनकाब किया जाए। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि क्या प्रशासन हत्यारे की संपत्ति पर बुलडोजर चलाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मान सरकार इस मामले में सख्त रुख अपनाने पर विचार कर रही है। आरोपी की अवैध संपत्तियों और दुकान पर बुलडोजर चलाने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर मंथन जारी है।
विपक्ष का भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला
परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी काफी तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार को आड़े हाथों लिया है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि पंजाब में जंगल राज कायम हो चुका है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। सरकार विरोधी बयानों में कहा जा रहा है कि पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। विपक्षी दलों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सभी आरोपियों को कड़ी सजा नहीं मिली तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
दूसरी ओर, सत्ता पक्ष का कहना है कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को कम समय में गिरफ्तार कर लिया है। सरकार के नुमाइंदों का दावा है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून अपना काम पूरी सख्ती से करेगा। बुलडोजर कार्रवाई की सुगबुगाहट के बीच प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। मानसा और आसपास के जिलों में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
नशे के खिलाफ लड़ाई और आगे की राह
परविंदर सिंह झोटा की मौत से पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे सामाजिक अभियानों को एक बड़ा झटका लगा है। वे लंबे समय से युवाओं को नशे से बचाने के लिए अभियान चला रहे थे और ड्रग्स तस्करों के खिलाफ खुलकर बोलते थे। उनकी इस हत्या ने राज्य के उन तमाम युवाओं और कार्यकर्ताओं को झकझोर कर रख दिया है जो जमीनी स्तर पर नशा मुक्ति का काम कर रहे हैं। आम लोग अब यह मांग कर रहे हैं कि कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए जाने चाहिए।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल के मुताबिक, पुलिस अब मुख्य आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है। रिमांड के दौरान हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य सहयोगियों के बारे में अहम खुलासे हो सकते हैं। मानसा के लोग इस पूरे मामले में त्वरित न्याय की आस लगाए बैठे हैं। पुलिस की यह जिम्मेदारी होगी कि वह इस सनसनीखेज हत्याकांड के हर पहलू की निष्पक्ष जांच करे और दोषियों को सख्त सजा दिलाए।



