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राजनीतिपढ़ने में समय: 6 मिनट

सफर के दौरान रहें सावधान! चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर यात्रियों को लूट रहे जहरखुरान

ट्रेन में सफर कर रहे एक ई-रिक्शा चालक को अनजान शख्स ने मेलजोल बढ़ाकर नशीली चाय पिला दी, जिससे वह बेहोश हो गया। होश आने पर उसे अपनी जेब से पांच हजार रुपये और टिकट गायब मिले, जिसके बाद रेलवे पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
The Freelance ब्यूरो
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20 सितंबर 2026 • अपडेटेड
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सफर के दौरान रहें सावधान! चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर यात्रियों को लूट रहे जहरखुरान
📷 सफर के दौरान रहें सावधान! चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर यात्रियों को लूट रहे जहरखुरान — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • ट्रेन यात्रा के दौरान अनजान लोगों से खाने-पीने की चीजें लेने से बचें, जहरखुरान सक्रिय हैं।
  • पीड़ित ई-रिक्शा चालक को बेहोशी की हालत में झारखंड के कोडरमा सदर अस्पताल में होश आया।
  • जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले को कैंट जीआरपी को ट्रांसफर कर दिया गया है।
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भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन कहा जाता है, जहां रोजाना करोड़ों लोग सफर करते हैं। लंबी और मध्यम दूरी की यात्रा के लिए ट्रेन को सबसे सुरक्षित और सुगम माध्यम माना जाता है। हालांकि, इस सफर के दौरान थोड़ी सी भी लापरवाही यात्रियों पर भारी पड़ सकती है। हाल ही में एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली और सतर्क करने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सक्रिय अपराधियों के तौर-तरीकों को बेनकाब कर दिया है। सफर के दौरान अनजान लोगों पर भरोसा करना किस तरह जी का जंजाल बन सकता है, इसकी बानगी इस ताजा मामले में साफ देखी जा सकती है।

ट्रेन में सफर के दौरान कैसे हुई शातिर ठगी की शुरुआत

यह पूरा मामला एक साधारण से यात्री से जुड़ा है, जो अपनी रोजी-रोटी कमाने वाला ई-रिक्शा चालक है। पीड़ित सत्येंद्र कुमार, जो मूल रूप से झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले हैं, उन्हें किसी जरूरी काम से अनुग्रह नारायण रोड जाना था। अपनी इसी यात्रा को पूरा करने के लिए वे तयशुदा दिन पर कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़भाड़ और चहल-पहल के बीच वे प्लेटफॉर्म नंबर सात पर पहुंचे, जहां आसनसोल पैसेंजर ट्रेन खड़ी हुई थी। सत्येंद्र इस ट्रेन के डिब्बे में चढ़कर अपनी सीट पर बैठ गए, उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनकी यह यात्रा उनके लिए एक भयानक सपना साबित होने वाली है।

प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के भीतर पहले से ही एक शातिर अपराधी मौजूद था, जो मौके की तलाश में था। इस ठग ने बेहद चालाकी से सत्येंद्र के साथ मेलजोल बढ़ाना शुरू कर दिया। आम तौर पर सफर के दौरान लोग अकेलेपन से बचने या समय बिताने के लिए आपस में बातचीत करने लगते हैं, और इसी मानवीय स्वभाव का फायदा ये अपराधी उठाते हैं। बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा और उस शख्स ने बड़ी ही सहजता से सत्येंद्र को चाय पीने का ऑफर दिया। अनजान शख्स के इस दोस्ताना व्यवहार में छिपे खतरे को सत्येंद्र भांप नहीं सके और उन्होंने चाय स्वीकार कर ली।

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चाय में मिला नशीला पदार्थ, चंद मिनटों में हो गया सब कुछ गायब

अपराधी ने पहले से ही सुनियोजित साजिश के तहत उस चाय में भारी मात्रा में कोई खतरनाक नशीला पदार्थ मिला रखा था। जैसे ही सत्येंद्र ने वह नशीली चाय पी, कुछ ही मिनटों में उसका असर उनके दिमाग और शरीर पर होने लगा। धीरे-धीरे उनकी आंखें भारी होने लगीं और वे गहरी बेहोशी की हालत में चले गए। जब इंसान अपनी सुधबुध खो बैठता है, तो अपराधी अपनी असली करतूत को अंजाम देते हैं। मौका पाकर उस शातिर जहरखुरान ने सत्येंद्र की जेब खंगाल ली।

पीड़ित के पास यात्रा के लिए रखे गए पांच हजार नकद रुपये और उनका जनरल टिकट उस शातिर चोर ने बड़ी सफाई से चुरा लिया। इसके बाद अपराधी मौके से फरार हो गया। ट्रेन में सफर कर रहे अन्य यात्रियों को भी इस घटना की भनक तक नहीं लगी, क्योंकि अपराधी इस तरह की वारदातों को अंजाम देने में माहिर होते हैं और वे बेहद शातिराना अंदाज में यात्रियों को चकमा देकर निकल जाते हैं।

अस्पताल में खुला पीड़ित की आंखों का पर्दा, डॉक्टरों ने दी जानकारी

इस खौफनाक वारदात के बाद पीड़ित सत्येंद्र कुमार को जब होश आया, तो वे खुद को एक अस्पताल के बिस्तर पर पाया। झारखंड के कोडरमा सदर अस्पताल में जब उनकी आंखें खुलीं, तो उनके होश उड़ गए। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वे कैंट स्टेशन से झारखंड कैसे पहुंच गए और उनके साथ क्या हुआ है। अस्पताल के डॉक्टरों और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि उन्हें बेहोशी की हालत में रेलवे परिसर से यहां लाया गया था।

जब सत्येंद्र ने अपनी जेब टटोली, तो उनकी जेब से नकदी और टिकट गायब मिले। तब जाकर उन्हें अहसास हुआ कि उस अनजान शख्स द्वारा पिलाई गई चाय कोई साधारण चाय नहीं थी, बल्कि वह जहरखुरानों का एक शातिर जाल था, जिसमें वे बुरी तरह फंस चुके थे। इस घटना के बाद से पीड़ित सदमे में है और उसकी मेहनत की गाढ़ी कमाई लूट चुकी है।

"सफर के दौरान यात्रियों को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई खाने-पीने की वस्तु का सेवन बिल्कुल न करें। रेलवे पुलिस ऐसे अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार अभियान चला रही है।"

— रेलवे सुरक्षा अधिकारी

जीरो एफआईआर से कैंट जीआरपी तक पहुंचा मामला

घटना की गंभीरता को देखते हुए कोडरमा रेलवे पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और पीड़ित के बयान के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज की। चूंकि यह घटना वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन के भीतर हुई थी, इसलिए नियमानुसार इस मामले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कैंट जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) को स्थानांतरित कर दिया गया है। अब कैंट जीआरपी इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।

पुलिस स्टेशन के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि उस शातिर जहरखुरान की पहचान की जा सके जिसने इस वारदात को अंजाम दिया है। रेलवे पुलिस का कहना है कि इस तरह के गिरोह अक्सर त्योहारी सीजन या छुट्टियों के दिनों में ज्यादा सक्रिय होते हैं, जो यात्रियों को अपना निशाना बनाते हैं। पुलिस जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का दावा कर रही है।

रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी सीख और सुरक्षा के उपाय

यह घटना देश भर के उन लाखों यात्रियों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो अक्सर ट्रेन यात्रा के दौरान लापरवाही बरतते हैं। यात्रा के दौरान थोड़ी सी भी असावधानी भारी पड़ सकती है। रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लगातार यह अपील की जाती है कि सफर के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाए:

  • किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती करने या उसकी दी हुई खाने-पीने की कोई भी चीज (चाय, बिस्कुट, फल आदि) खाने से बचें।
  • यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति बहुत ज्यादा मेलजोल बढ़ाने की कोशिश करे, तो तुरंत ट्रेन के टीटीई (TTE) या रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को इसकी सूचना दें।
  • अपने कीमती सामान और नकदी को हमेशा अपने पास सुरक्षित रखें और सोते समय विशेष सावधानी बरतें।

रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की मांग यात्रियों द्वारा लगातार की जा रही है, ताकि इस तरह के जहरखुरानों के हौसले पस्त किए जा सकें और आम जनता सुरक्षित सफर का आनंद ले सके।

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