नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — वेटिकन से आई एक बड़ी खबर ने दुनियाभर के लोगों को चौंका दिया है। पोप लियो को फेफड़ों का कैंसर यानी लंग कैंसर होने की पुष्टि हुई है। इस खबर के सामने आते ही मेडिकल जगत और आम जनता के बीच बहस छिड़ गई है। सबसे बड़ा सवाल यह पूछा जा रहा है कि जो लोग कभी सिगरेट या तंबाकू को हाथ तक नहीं लगाते, उन्हें भी यह घातक बीमारी कैसे हो जाती है। हमारे फील्ड रिपोर्टर ने इस मामले की गहराई से पड़ताल की और देश के बड़े फेफड़ों के डॉक्टरों से बात की।
आम तौर पर लोग यही सोचते हैं कि लंग कैंसर सिर्फ उन्हीं लोगों को होता है जो बहुत ज्यादा धूम्रपान करते हैं। लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि कुल लंग कैंसर के मामलों में से पंद्रह से बीस प्रतिशत मरीज ऐसे होते हैं जिन्होंने कभी जिंदगी में स्मोकिंग नहीं की होती है। पोप लियो का मामला भी इसी श्रेणी में आता है, जिसने एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को पूरी दुनिया के सामने लाकर खड़ा कर दिया है।
स्मोकिंग न करने वालों को भी क्यों घेर लेता है कैंसर?
डॉक्टरों के अनुसार, सिगरेट न पीने वाले लोगों में लंग कैंसर होने के कई अन्य कारण होते हैं। सबसे बड़ा दुश्मन आज के समय में हवा का प्रदूषण यानी एयर पॉल्यूशन है। जो लोग जहरीली हवा में सांस लेते हैं, उनके फेफड़ों की कोशिकाएं धीरे-धीरे खराब होने लगती हैं। इसके अलावा घरों के अंदर खाना बनाते समय निकलने वाला धुआं और रसोई का प्रदूषण भी बहुत खतरनाक होता है। कई बार रसोई में उपयोग होने वाली लकड़ियों या कोयले का धुआं भी महिलाओं और बुजुर्गों के फेफड़ों को अंदर से बीमार कर देता है।
एक और बड़ा कारण पैसिव स्मोकिंग है। अगर आप खुद धूम्रपान नहीं करते हैं लेकिन आपके आस-पास कोई लगातार सिगरेट पी रहा है, तो वह धुआं आपके शरीर के अंदर जा रहा है। इसे पैसिव स्मोकिंग कहते हैं और यह सेहत के लिए उतना ही खतरनाक है जितना खुद स्मोकिंग करना। इसके अलावा कुछ मामलों में यह बीमारी जीन यानी आनुवंशिक कारणों से भी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पहुंच जाती है।
लंग नोड्यूल और सर्जरी को लेकर क्या है डॉक्टरों की राय?
मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, पोप लियो के फेफड़ों में एक लंग नोड्यूल यानी छोटी गांठ जैसी चीज पाई गई थी। लंग नोड्यूल फेफड़ों के अंदर बनने वाले छोटे गोल धब्बे होते हैं। ये कई बार सामान्य संक्रमण के कारण होते हैं और अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन कई बार यही नोड्यूल आगे चलकर कैंसर का रूप ले लेते हैं। समय रहते इनकी जांच कराना बहुत जरूरी होता है ताकि बीमारी के बढ़ने से पहले ही उसका इलाज शुरू किया जा सके।
पोप लियो के मामले में डॉक्टरों ने सर्जरी का फैसला किया है ताकि बीमारी को आगे फैलने से रोका जा सके। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर का मामला भी हमारे सामने है जिन्हें 'स्टेज-जीरो' में ही इस बीमारी का पता चल गया था। समय पर सही इलाज मिलने से वे पूरी तरह ठीक हो गईं। इसलिए डॉक्टरों की सलाह है कि अगर शरीर में कोई भी असामान्य लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
किन लक्षणों के दिखते ही हो जाना चाहिए सतर्क?
लंग कैंसर के शुरुआती लक्षण बहुत सामान्य होते हैं इसलिए लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। अगर किसी को लगातार खांसी आ रही है जो हफ्तों तक ठीक नहीं हो रही है, तो सावधान हो जाएं। खांसी के साथ बलगम में खून आना या सीने में लगातार दर्द रहना भी बहुत बड़ा संकेत है। इसके अलावा सांस लेने में दिक्कत होना, बिना किसी कारण के वजन कम होना और हर समय अत्यधिक थकान महसूस होना भी खतरे की घंटी है।
अगर आपको या आपके किसी जानने वाले को ऐसे लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत किसी अच्छे अस्पताल जाकर छाती का एक्स-रे या सीटी स्कैन करवाएं। समय पर पहचान ही इस बीमारी से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार है। चाहे वह आम इंसान हो या कोई बड़ा नेता, स्वास्थ्य से जुड़ी सावधानियां सभी के लिए एक समान रूप से जरूरी हैं।





