बेंगलुरु/ग्राउंड ब्यूरो — कन्नड़ सिनेमा के जाने-माने और चहेते अभिनेता पुनीत राजकुमार को राज्य के सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'कर्नाटक रत्न' से सम्मानित किया जाएगा। कर्नाटक सरकार ने इस बात की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस फैसले के बाद से पूरे राज्य में उनके चाहने वालों के बीच गर्व और खुशी का माहौल है। पुनीत राजकुमार का निधन पिछले साल अचानक हो गया था जिसके बाद से उनके फैंस लगातार उन्हें किसी बड़े सम्मान से नवाजे जाने की मांग कर रहे थे। सरकार का यह कदम उनके फैंस की भावनाओं और उनके सामाजिक योगदान को एक बड़ा सम्मान देने वाला है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पुरस्कार को देने का फैसला राज्य सरकार ने पूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद लिया है। पुनीत राजकुमार सिर्फ फिल्मों के ही हीरो नहीं थे, बल्कि वे असल जिंदगी में भी गरीबों और जरूरतमंदों के बड़े मददगार थे। वे चुपचाप कई अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और स्कूलों की मदद किया करते थे। उनके जाने के बाद लोगों को पता चला कि वे समाज के लिए कितना बड़ा काम कर रहे थे। कर्नाटक सरकार ने यह मान लिया है कि कला और समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान ऐसा है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
कन्नड़ सिनेमा और समाज के लिए उनका अमूल्य योगदान
पुनीत राजकुमार को प्यार से लोग 'अप्पु' कहकर बुलाते थे। उन्होंने बाल कलाकार के रूप में ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था और बाद में एक मुख्य अभिनेता के रूप में कई सुपरहिट फिल्में दीं। उनकी फिल्में सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं होती थीं, बल्कि उनमें समाज के लिए कोई न कोई अच्छा संदेश जरूर होता था। उनकी सादगी और हंसमुख स्वभाव ने उन्हें कर्नाटक के घर-घर में एक खास पहचान दिलाई थी। वे हमेशा अपने प्रशंसकों से प्यार से मिलते थे और कभी भी किसी बड़े स्टार होने का घमंड नहीं दिखाते थे।
कर्नाटक रत्न पुरस्कार राज्य का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है जो बहुत ही चुनिंदा लोगों को दिया जाता है। इससे पहले यह सम्मान डॉ. राजकुमार, कुवेम्पु, डॉ. देवीप्रसाद शेट्टी और एस. एम. कृष्णा जैसी महान हस्तियों को मिल चुका है। अब इस सूची में पुनीत राजकुमार का नाम भी जुड़ने जा रहा है। सरकार जल्द ही एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करके इस पुरस्कार को उनके परिवार को सौंपेगी। इस कार्यक्रम में राज्य भर से कई बड़ी फिल्मी हस्तियों और राजनीतिक नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
फैंस की मांग और सरकार का ऐतिहासिक फैसला
जब पिछले साल अक्टूबर के महीने में पुनीत राजकुमार का दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ था, तब पूरा देश शोक में डूब गया था। बेंगलुरु के कांतीरवा स्टेडियम में उनके अंतिम दर्शन के लिए लाखों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। प्रशासन के लिए उस भीड़ को संभालना बहुत बड़ी चुनौती बन गया था क्योंकि लोग अपने चहेते स्टार को एक बार देखना चाहते थे। लोगों की आंखों में आंसू थे और हर कोई इस सच को मानने को तैयार नहीं था कि उनका प्यारा 'अप्पु' अब इस दुनिया में नहीं है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने पाया है कि इस घोषणा के बाद से सोशल मीडिया पर 'कर्नाटक रत्न अप्पु' ट्रेंड कर रहा है। लोग सरकार के इस फैसले की तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यह सम्मान बहुत पहले मिल जाना चाहिए था। उनके फैंस का कहना है कि पुनीत भले ही हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके अच्छे काम हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे। सरकार का यह कदम इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है और यह आने वाली पीढ़ियों को अच्छे काम करने की प्रेरणा देता रहेगा।



