तरनतारन में ताबड़तोड़ गोलियों से दहली सड़क
पंजाब के तरनतारन जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देती एक बड़ी वारदात सामने आई है। यहां बदमाशों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए एक पुलिस सहायक उप निरीक्षक (ASI) की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना ऐसे समय में हुई जब पुलिस महकमे के भीतर ही सुरक्षा और सुरक्षाकर्मियों की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हमलावरों ने इस वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस ने इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया है और आसपास के रास्तों पर कड़ी नाकेबंदी कर दी गई है। फॉरेंसिक टीमों ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि हमलावरों तक पहुंचने के लिए कोई अहम सुराग हाथ लग सके। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की हर एंगल से गहनता से जांच की जा रही है।
ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे ASI इकबाल सिंह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक एएसआई इकबाल सिंह (55) पंजाब पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे थे और वर्तमान में फिरोजपुर में काउंटर इंटेलिजेंस विंग में तैनात थे। रविवार की शाम को वह अपनी ड्यूटी समाप्त करने के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने पैतृक गांव नौशहरा पन्नूआ वापस लौट रहे थे। जब वह नौशहरा से लोहका रोड स्थित पटवारखाने के पास पहुंचे, तो पहले से ही घात लगाकर बैठे अज्ञात हमलावरों ने उन्हें घेर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, बाइक सवार हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। सीने और शरीर के अन्य ऊपरी हिस्सों में कई गोलियां लगने के कारण इकबाल सिंह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
महीने भर पहले भतीजे की हत्या से जुड़े हैं तार
इस खूनी संघर्ष और सनसनीखेज वारदात के पीछे पुरानी पारिवारिक रंजिश और आपराधिक पृष्ठभूमि की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि ठीक एक महीने पहले, यानी 11 सितंबर को मृतक ASI इकबाल सिंह के भतीजे अजमीत सिंह की भी इसी तरह बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। उस वक्त अजमीत मर्डर केस काफी चर्चा में आया था, जिसके मुख्य आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद दबोचा था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मृतक अजमीत सिंह का आपराधिक इतिहास रहा था और उसके खिलाफ तरनतारन के सरहाली थाने में रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) हमले सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। जांच एजेंसियां अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही हैं कि क्या चाचा और भतीजे की हत्या के पीछे कोई गहरी साजिश या पुरानी रंजिश काम कर रही थी।
डीआईजी का बयान और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी का दावा
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी संदीप शर्मा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि मृतक ASI को दो गोलियां लगी हैं और पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस सनसनीखेज वारदात में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया जाएगा।
"घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर है। ASI इकबाल सिंह को गोली मारी गई है। हमारी टीमें विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही हैं और हमें कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा और दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।" — संदीप शर्मा, डीआईजी
इस बीच, सोशल मीडिया पर गैंगस्टर डोनी बल द्वारा इस हत्या की जिम्मेदारी लिए जाने का मामला भी सामने आया है। गोपी घनश्याम के नाम से बनी एक सोशल मीडिया आईडी पर हत्या की पोस्ट डाली गई है, जिसके बाद पुलिस इस एंगल की भी तकनीकी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात के पीछे किसी गैंग का हाथ है। हालांकि, पुलिस अभी तक इन सोशल मीडिया दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है और हर एक साक्ष्य को वैज्ञानिक तरीके से परखा जा रहा है।












