रियाद/ग्राउंड ब्यूरो — मध्य पूर्व के प्रमुख देश से पिछले चौबीस घंटों में कई अहम और बड़े बदलाव सामने आए हैं। एक तरफ धार्मिक यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया गया है, तो दूसरी ओर देश की सुरक्षा और रोजगार बाजार को लेकर भी सख्त फैसले लिए गए हैं। दुनिया भर के लोगों की नजरें इन दिनों खाड़ी के इस देश में हो रहे लगातार बदलावों पर टिकी हुई हैं।
सबसे बड़ी राहत उन लोगों के लिए है जो उमरा करने के लिए जाना चाहते हैं। सरकार ने आधिकारिक तौर पर उमरा वीजा की समय सीमा को बढ़ा दिया है। अब तक यह वीजा केवल एक महीने के लिए वैध होता था, जिसे अब बढ़ाकर पूरे तीन महीने यानी नब्बे दिन कर दिया गया है। इस नए नियम से दुनियाभर से आने वाले लाखों मुसलमानों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में बहुत आसानी होगी और वे बिना किसी हड़बड़ी के अपने धार्मिक अनुष्ठान पूरे कर सकेंगे।
ड्रोन हमलों को नाकाम करने का दावा और क्षेत्रीय सुरक्षा
धार्मिक और वीजा से जुड़ी राहतों के बीच देश की सुरक्षा को लेकर भी तनावपूर्ण खबरें आई हैं। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश की सुरक्षा सेना ने ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा दागे गए कई ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है। इन ड्रोनों का निशाना संवेदनशील इलाके और बुनियादी ढांचा हो सकते थे, जिन्हें चौकस रक्षा प्रणाली ने समय रहते नाकाम कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में कूटनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है।
इस बीच, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि क्या देश ने अमेरिकी नेतृत्व पर कोई दबाव बनाया है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिका पर दबाव डाला गया था, हालांकि रियाद के प्रशासन ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार का रुख साफ है कि वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में है और अनावश्यक युद्ध या तनाव को बढ़ावा नहीं देना चाहती है।
प्राइवेट सेक्टर में स्थानीय लोगों के लिए नौकरियों का विस्तार
भीतरी आर्थिक मोर्चे पर भी ने अपने नागरिकों को प्राथमिकता देने का बड़ा कदम उठाया है। देश के श्रम मंत्रालय ने 'सउदीकरण' यानी Saudization नीति का दायरा और अधिक बढ़ा दिया है। नए आदेश के तहत अब प्राइवेट सेक्टर की 69 अलग-अलग नौकरियों में सौ फीसदी पद सिर्फ देश के स्थानीय नागरिकों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। इसका मतलब है कि इन खास क्षेत्रों में अब विदेशी कामगारों को नौकरी नहीं मिलेगी।
सरकार के इस कदम से देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और बेरोजगारी कम होगी। हालांकि, बाहर से जाकर वहां काम करने वाले प्रवासियों के बीच इसको लेकर चिंता का माहौल भी बन रहा है। खासकर तकनीक और वित्तीय लेन-देन से जुड़ी सेवाओं जैसे STC Pay ऐप के इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें और तकनीकी सवाल तैर रहे हैं, जिन्हें लेकर लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका पैसा सुरक्षित है या नहीं।
वित्तीय सेवाओं और ऐप के इस्तेमाल को लेकर जरूरी सावधानी
हाल के दिनों में STC Pay जैसे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट फ्रीज होने या पाबंदियां लगने की अफवाहों ने भी लोगों की सांसे अटका दी हैं। कई सोशल मीडिया वीडियो और मैसेज में यह डर दिखाया जा रहा है कि लोगों का पैसा डूब सकता है। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि यह नियमित सुरक्षा जांच का हिस्सा है और नियमों का पालन करने वाले वैध खाताधारकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। बैंक और डिजिटल वॉलेट कंपनियां लगातार अपने ग्राहकों को केवाईसी अपडेट रखने की सलाह दे रही हैं।
इन सभी घटनाओं से यह साफ हो जाता है कि अपने समाज, अर्थव्यवस्था और कानूनों में तेजी से बदलाव कर रहा है। एक तरफ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ स्थानीय नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए कड़े प्रशासनिक फैसले भी लिए जा रहे हैं। द फ्रीलान्स की टीम इन सभी पहलुओं पर लगातार नजर बनाए रखेगी ताकि पाठकों तक बिल्कुल सटीक और जमीनी सच पहुंचता रहे।







