बॉलीवुड के प्रतिभाशाली और लोकप्रिय अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत का मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब नए और गंभीर राजनीतिक आरोप सामने आए हैं। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने बिहार के पूर्णिया में मीडिया से बात करते हुए शिवसेना (UBT) के कद्दावर नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पन्ना सिंह के इन बयानों के बाद एक बार फिर महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक की सियासत गरमा गई है और इस मामले की नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।
दिशा सालियन की मौत और सुशांत का कनेक्शन
पन्ना सिंह ने दावा किया है कि दिशा सालियन की मौत और सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के बीच सीधा और गहरा संबंध है। उनके अनुसार, दिशा सालियन की मौत सुशांत की मौत से ठीक एक सप्ताह पहले हुई थी। दिशा चूंकि सुशांत की पूर्व मैनेजर रह चुकी थीं, इसलिए दोनों के बीच पेशेवर और व्यक्तिगत संपर्क काफी करीबी था। पन्ना सिंह का कहना है कि दिशा की मौत के बाद सुशांत को इस पूरी घटना से जुड़े कई अहम और पुख्ता सबूत मिल गए थे, जिन्हें वे सार्वजनिक करने की तैयारी कर रहे थे।
परिवार का दावा है कि अभिनेता इन सभी सबूतों को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए देश के सामने रखने वाले थे और वे सच का खुलासा करने को लेकर पूरी तरह तैयार थे। परिवार का मानना है कि इसी बात से घबराकर आरोपियों ने इस तरह की साजिश रची ताकि सुशांत कभी सच्चाई को दुनिया के सामने न ला सकें और सबूत हमेशा के लिए दफन हो जाएं।
संबंधित खबरें
आदित्य ठाकरे पर लगे गंभीर राजनीतिक आरोप
पन्ना सिंह ने सीधे तौर पर आदित्य ठाकरे का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उस समय महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार सत्ता में थी और सरकारी मशीनरी का जमकर दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रभाव और सत्ता की ताकत का इस्तेमाल करके जांच को भटकाने की पूरी कोशिश की गई, ताकि असली चेहरे बेनकाब न हो सकें।
परिवार का आरोप है कि उस समय पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव था और इसी वजह से शुरुआती दौर में कई अहम कड़ियों को नजरअंदाज कर दिया गया। पन्ना सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब तक सत्ता में बैठे लोग जांच को प्रभावित करते रहेंगे, तब तक सच सामने आना मुश्किल होगा, लेकिन अब वक्त बदल चुका है।
"दिशा सुशांत की मैनेजर थीं और उनकी हत्या के बाद सुशांत को इस मामले से जुड़े सभी पक्के सबूत मिल गए थे। वह प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पूरे मामले को सबूत के साथ देश के सामने लाना चाहते थे। ऐसा न हो सके, इसके लिए आदित्य ठाकरे ने इस घटना को अंजाम दिया।" — पन्ना सिंह, सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई
बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद जगी न्याय की उम्मीद
लंबे समय से इस मामले में खामोशी के बाद, बॉम्बे हाई कोर्ट के हालिया आदेश ने पीड़ित परिवार और सुशांत के चाहने वालों में एक नई उम्मीद जगाई है। कोर्ट के निर्देश पर इस पूरे मामले की नए सिरे से सीबीआई जांच की जा रही है। पन्ना सिंह ने कहा कि उनके परिवार का न्यायपालिका पर अटूट भरोसा हमेशा से रहा है और उन्हें पूरा यकीन है कि अदालत के जरिए ही सही सच देश के सामने आएगा।
बिहार के पूर्णिया और पटना से लेकर देश के अन्य हिस्सों में रह रहे सुशांत के फैंस लगातार सीबीआई जांच में तेजी लाने की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि इस नई जांच प्रक्रिया से दोनों ही मामलों (सुशांत और दिशा) के कई अनसुलझे रहस्यों से पर्दा उठेगा और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।
महाराष्ट्र में बदली राजनीतिक परिस्थितियां
वर्षों पहले की राजनीतिक स्थिति और आज के हालात में जमीन-आसमान का फर्क आ चुका है। वर्तमान में महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सरकार के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष माहौल देने की बात कह रहा है। पन्ना सिंह ने उम्मीद जताई है कि मौजूदा सरकार जांच एजेंसियों पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं बनाएगी, बल्कि निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग करेगी ताकि दोषियों को उनके किए की सजा मिल सके।
परिवार का यह भी कहना है कि वे किसी भी निर्दोष को फंसाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन असली गुनहगार चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए। इस मामले की आगे की कड़ियां क्या नया मोड़ लेंगी, यह तो आने वाला वक्त और सीबीआई की रिपोर्ट ही तय करेगी, लेकिन इस ताजा बयान ने एक बार फिर सनसनी फैला दी है।
निष्कर्ष और आगे की कानूनी प्रक्रिया
सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियन की मौत का यह मामला भारतीय सिनेमा जगत के सबसे बड़े और विवादित रहस्यों में से एक बन चुका है। जनता की सहानुभूति आज भी सुशांत के साथ जुड़ी हुई है। परिवार और उनके समर्थकों की नजरें अब पूरी तरह से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की रिपोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट की आगामी सुनवाइयों पर टिकी हैं। हर कोई यही चाहता है कि इस दुखद पहेली का अंत हो और सच पूरी पारदर्शिता के साथ देश के सामने आए।



