नई दिल्ली/वाशिंगटन — पिछले चौबीस घंटों के दौरान अमेरिका से जुड़ी खबरों ने भारत और दुनिया भर के बाजारों में हलचल मचा दी है। एक तरफ जहां अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय आईटी कंपनियों पर शिकंजा कसा है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक समीकरणों और खेल के मैदान से भी बड़े अपडेट सामने आए हैं। इन तमाम घटनाओं का सीधा असर भारतीय पेशेवरों, कारोबारियों और आम जनता पर पड़ रहा है। 'द फ्रीलान्स' की इस ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए अमेरिका से जुड़ी आज की पांच सबसे बड़ी खबरों का पूरा सच और उनका आपकी जिंदगी पर क्या असर होगा।
सबसे पहले बात करते हैं इमिग्रेशन और टेक्नोलॉजी सेक्टर की। अमेरिकी प्रशासन ने टाटा और विप्रो समेत आठ प्रमुख आईटी कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। इस अचानक आए फैसले से अमेरिका में काम कर रहे हजारों भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की चिंता बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि एच-1बी वीजा धारकों और ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे पेशेवर लोगों के लिए यह एक बड़ा झटका है। कंपनियों की तरफ से अभी इस मामले पर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट बताती हैं कि नियमों के पालन को लेकर यह कार्रवाई की गई है।
ईरान के साथ तेल कारोबार पर कड़े प्रतिबंध
केवल टेक्नोलॉजी सेक्टर ही नहीं, बल्कि कारोबार और कूटनीति के मोर्चे पर भी अमेरिका ने कड़े कदम उठाए हैं। अमेरिका ने ईरान से तेल कारोबार करने के आरोप में मुंबई की दो कंपनियों और पांच भारतीय नागरिकों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। वाशिंगटन का यह रुख साफ करता है कि वह ईरान के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाली किसी भी विदेशी कंपनी को बख्शने के मूड में नहीं है। इस पाबंदी के बाद भारतीय व्यापार जगत में हड़कंप मच गया है और प्रभावित कंपनियों के कानूनी सलाहकार इस संकट से निपटने के रास्ते तलाश रहे हैं।
दूसरी ओर, पश्चिम एशिया के युद्ध के मोर्च पर थोड़ी राहत की खबर भी आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि तीन नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिका ईरान पर कोई हमला नहीं करेगा। इस बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में कुछ स्थिरता आने की उम्मीद है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले अमेरिका किसी भी बड़े युद्ध में उलझकर अपनी अर्थव्यवस्था को जोखिम में नहीं डालना चाहता है।
खेल के मैदान में अमेरिका का ऐतिहासिक कमाल
राजनीति और कूटनीति की इन गर्मागर्म खबरों के बीच खेल के गलियारों से एक सुखद और हैरान करने वाली खबर आई है। क्रिकेट की दुनिया में एसोसिएट देशों की गिनती में कमजोर मानी जाने वाली अमेरिकी टीम ने इतिहास रच दिया है। मिलिंद कुमार के धमाकेदार शतक के दम पर यूएसए ने वनडे मैच में पहली बार तीन सौ से ज्यादा रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया है। इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया है कि अमेरिकी क्रिकेट अब वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने लगा है।
इन तमाम खबरों के अलावा भारत और अमेरिका के बीच आपसी रणनीतिक साझेदारियों को लेकर भी नए प्लान पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, कई रक्षा और तकनीकी प्लान्स को लेकर विशेषज्ञों ने सवाल खड़े किए हैं कि क्या इन रणनीतियों से जमीन पर कोई ठोस फायदा मिलेगा या यह केवल कागजी दावे बनकर रह जाएंगे। कुल मिलाकर, पिछले चौबीस घंटों में अमेरिका से जुड़ी हर खबर ने अलग-अलग क्षेत्रों में एक नई बहस छेड़ दी है, जिस पर हमारी पैनी नजर बनी हुई है।





