नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय रेलवे लगातार अपनी रफ्तार और सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटा है। इसी कड़ी में अब रेलवे राजधानी एक्सप्रेस को सीधी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। रेलवे बोर्ड ने 24 डिब्बों वाली नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इस हाई-स्पीड ट्रेन के आ जाने से लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को हवाई जहाज जैसी आधुनिक और आरामदायक सुविधाएं मिल सकेंगी। रेलवे के इस नए कदम से यात्रियों का सफर न केवल सुहाना होगा, बल्कि समय की भी बड़ी बचत होगी।
इस नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसके डिब्बों की संख्या और बैठने की क्षमता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ट्रेन में कुल 24 कोच होंगे जिनमें एक साथ 1224 यात्री सफर कर सकेंगे। ट्रेन के भीतर यात्रियों के आराम का पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें आधुनिक तकनीक वाले फुल एसी कोच, ऑटोमैटिक दरवाजे और बड़ी खिड़कियां होंगी। इसके अलावा ट्रेन के अंदर ही खाने-पीने की बेहतरीन व्यवस्था के लिए फुल एसी पैंट्री कार भी बनाई गई है, जिससे यात्रियों को सफर के दौरान गर्म और ताजा खाना मिल सके.
दिल्ली और वाराणसी के बीच जल्द दौड़ेगी स्लीपर ट्रेन
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में यात्रियों को बड़ा तोहफा मिल सकता है। रेलवे की योजना इस नई 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को मुख्य रूटों पर उतारने की है। चर्चा है कि दिवाली से पहले इसे देश के सबसे व्यस्त रूटों में से एक दिल्ली और वाराणसी के बीच शुरू किया जा सकता है। इस रूट पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए यह ट्रेन किसी वरदान से कम साबित नहीं होगी। रेलवे के अधिकारी इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहे हैं और पटरियों पर इसके ट्रायल की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं।
आम जनता और नियमित यात्रियों के बीच इस ट्रेन को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। उदयपुर-सूरत रूट पर पहले से चल रही वंदे भारत ट्रेन को यात्रियों का जबरदस्त समर्थन मिला है और वहां 90 प्रतिशत से ज्यादा यात्रीभार दर्ज किया गया है। इसी सफलता को देखते हुए रेलवे अब स्लीपर वर्जन को उतारने का साहस दिखा रहा है। यात्रियों का कहना है कि अगर समय पर ट्रेनें मिलें और किराया जेब के हिसाब से हो, तो यह ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस को पीछे छोड़ देगी। लोग इसकी बुकिंग शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का सफल ट्रायल
सुरक्षा और गति के मामले में भी यह ट्रेन बेहद शानदार साबित हो रही है। हाल ही में 16 कोच वाली नई वंदे भारत ट्रेन ने पटरियों पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़कर अपना सफल ट्रायल पूरा किया है। रेलवे इंजीनियरों और तकनीकी टीम ने इसकी रफ्तार, ब्रेकिंग सिस्टम और पटरियों पर पकड़ की बारीकी से जांच की है। ट्रायल सफल रहने के बाद अब रेलवे अधिकारियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। उनका मानना है कि यह ट्रेन भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगी।
दूसरी ओर, रेलवे के इस कदम से देश के परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। पुरानी ट्रेनों के मुकाबले इन नई वंदे भारत ट्रेनों में रखरखाव का खर्च कम आता है और ये ऊर्जा की बचत भी करती हैं। आने वाले दिनों में देश के अन्य बड़े शहरों को भी इस स्लीपर वंदे भारत ट्रेन से जोड़ा जाएगा। रेलवे की इस योजना से साफ है कि आने वाले समय में भारत का रेल सफर दुनिया के सबसे आधुनिक सफर में गिना जाएगा, जिससे आम आदमी को सीधा फायदा मिलेगा।
किराया और टिकट बुकिंग से जुड़ी जरूरी बातें
यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल इस ट्रेन के किराए को लेकर है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर का किराया राजधानी एक्सप्रेस के आसपास या थोड़ा सा ज्यादा हो सकता है, लेकिन मिलने वाली सुविधाएं उसकी तुलना में बहुत बेहतर होंगी। इसमें यात्रियों को झटके महसूस नहीं होंगे और रात का सफर बेहद आरामदायक रहेगा। टिकट बुकिंग प्रक्रिया पहले की तरह आईआरसीटीसी ऐप और वेबसाइट के जरिए ही होगी, जिससे यात्रियों को लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह एक और बड़ा कदम है। रेलवे ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। त्योहारी सीजन से पहले इस ट्रेन के शुरू होने से न केवल यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि लोगों को त्योहार मनाने अपने घर जाने में भी आसानी होगी। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखेगी और जैसे ही आधिकारिक समय सारणी जारी होगी, सबसे पहले आप तक पहुंचाएगी।












