वाराणसी में मंगलवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया और पिछले कई दिनों से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से लोगों को आखिरकार राहत मिल गई। दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल छाए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस अचानक हुए बदलाव से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो पहले 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास था वह लुढ़क कर सीधे 26 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। बारिश की शुरुआत होते ही शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी भर गया और जलजमाव की स्थिति बन गई।
तेज हवा और बिजली की गड़गड़ाहट इतनी तेज थी कि एक बार तो लोग सहम गए और सुरक्षित स्थानों की तलाश करने लगे। मौसम में आए इस अचानक बदलाव का असर शहर की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी साफ दिखाई दिया। कई इलाकों में तेज हवा के कारण बिजली की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग के कर्मचारी फॉल्ट ठीक करने में जुटे रहे, लेकिन तब तक लोगों को अंधेरे और उमस का सामना करना पड़ा।
हरहुआ में गिरे ओले और तापमान में भारी गिरावट
शहर के बाहरी इलाकों में मौसम का रूप और भी ज्यादा तीखा देखने को मिला। हरहुआ क्षेत्र में बारिश के साथ-साथ ओले भी गिरे, जिससे वहां का तापमान तेजी से नीचे चला गया। खेतों में काम कर रहे किसानों और राहगीरों को अचानक हुए इस बदलाव से बचने के लिए पेड़ों या दुकानों के नीचे शरण लेनी पड़ी। मौसम विभाग ने पहले ही उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया था, जो वाराणसी में बिल्कुल सटीक साबित हुआ। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार बनी चिपचिपी गर्मी से परेशान शहरवासियों के लिए यह बारिश अपने साथ ठंडक का अहसास लेकर आई है।
राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के ठीक बाद मौसम के बदलने से शहर में लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। कई जगह सार्वजनिक सभाएं और कार्यक्रम समाप्त होने के तुरंत बाद तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे आयोजकों और मेहमानों को भी अपनी तैयारियां समेटनी पड़ीं। हालांकि इस बारिश से किसानों को धान और अन्य फसलों के लिहाज से मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है, लेकिन आम शहरवासियों के चेहरे पर इस सुहावने मौसम ने खुशी ला दी है।
मौसम विभाग की चेतावनी और आगे का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवात और मानसूनी गतिविधियों के चलते यह बदलाव देखने को मिला है। विभाग का कहना है कि आने वाले अगले कुछ घंटों तक राज्य के कई अन्य जिलों में भी बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले में खड़े होने से बचें और बिजली के खंभों से दूर रहें ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम ने पाया कि शहर के मुख्य चौराहों और बाजारों में बारिश रुकने के बाद मौसम काफी सुहाना हो गया है और लोग शाम के वक्त ठंडी हवा का आनंद लेते नजर आए। हालांकि जलजमाव और ट्रैफिक जाम जैसी छोटी-मोटी समस्याओं से प्रशासन को अभी भी निपटना बाकी है, लेकिन कुल मिलाकर इस पहली अच्छी बरसात ने वाराणसी की आबोहवा में ठंडक घोल दी है।
प्रशासनिक तैयारियां और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पिछले कई दिनों से उमस इतनी ज्यादा थी कि जीना मुहाल हो गया था, लेकिन इस अचानक हुई बारिश ने सब कुछ खुशनुमा कर दिया। नगर निगम की टीमें जलजमाव वाले इलाकों से पानी की निकासी के लिए मैदान में उतर चुकी हैं ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके। आने वाले दिनों में यदि तापमान ऐसा ही बना रहता है, तो लोगों को आने वाली सर्दियों की हल्की आहट का अहसास भी जल्द होने लगेगा।



