नई दिल्ली/लखनऊ ग्राउंड ब्यूरो — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक कद लगातार बड़ा होता जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में उनके द्वारा लिए गए प्रशासनिक फैसलों ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। चाहे कानून व्यवस्था का मामला हो या फिर राज्य में निवेश बढ़ाने की बात हो, उनकी शैली को एक अलग मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। देश के दूसरे राज्यों में भी अब लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि विकास और सुरक्षा को कैसे एक साथ आगे बढ़ाया जाए।
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान जब हमने लखनऊ और आसपास के जिलों में लोगों से बात की, तो सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा बदलाव देखने को मिला। आम नागरिकों का कहना है कि पुलिस का डर अपराधियों में साफ नजर आता है। महिलाओं के लिए रात के समय भी बाहर निकलना अब पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस होता है। हालांकि, विपक्ष का यह भी कहना है कि इस सख्ती के अपने कुछ दूसरे पहलू हैं, जिन पर बहस की जरूरत है। लेकिन आम आदमी के स्तर पर कानून व्यवस्था में सुधार को सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।
राज्य में कानून व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से ही योगी आदित्यनाथ ने अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अपराधियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई ने पूरे देश में एक नई बहस छेड़ दी है। समर्थकों का मानना है कि इससे न्याय जल्दी मिलता है और अपराधियों के मन में कानून का डर बैठता है। वहीं, कानून के जानकारों का एक वर्ग मानता है कि हर मामले में प्रशासनिक कार्रवाई से पहले न्यायिक प्रक्रिया का पूरा पालन होना चाहिए।
राज्य में सिर्फ कानून का राज ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास भी तेजी से हो रहा है। एक्सप्रेसवे का जाल बिछ रहा है और नए एयरपोर्ट बन रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए राज्य में लाखों करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आए हैं। सरकार का दावा है कि इससे आने वाले समय में युवाओं के लिए नौकरियों के नए रास्ते खुलेंगे। जमीन पर काम कितनी तेजी से हो रहा है, यह देखने के लिए अधिकारी खुद जिलों का दौरा कर रहे हैं।
धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का असर
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और उसके उद्घाटन के बाद से उत्तर प्रदेश धार्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और मथुरा के विकास कार्यों ने भी तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी इजाफा किया है। इससे न सिर्फ धार्मिक महत्व बढ़ा है, बल्कि स्थानीय होटल, टैक्सी और दुकानदारों की कमाई भी कई गुना बढ़ गई है। अर्थव्यवस्था को गति देने में धार्मिक पर्यटन इस समय एक बड़ा इंजन साबित हो रहा है।
इन तमाम कदमों के कारण योगी आदित्यनाथ अब केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नेता नहीं रहे हैं। देश के दूसरे राज्यों में होने वाले चुनावों में भी उनकी भारी मांग रहती है। पार्टी के स्टार प्रचारक के रूप में उनकी रैलियों में जबरदस्त भीड़ जुटती है। उनके बोलने का तरीका और हिंदुत्व की स्पष्ट छवि उन्हें पार्टी के भीतर एक अलग पहचान दिलाती है। राष्ट्रीय स्तर पर उनके समर्थकों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
आगामी राजनीतिक भविष्य और जनता की राय
द फ्रीलान्स की पड़ताल बताती है कि आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है। युवा मतदाता और पार्टी का कैडर उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखता है जो कड़े फैसले लेने से नहीं डरता है। हालांकि, बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश करता है। जनता इन दोनों ही पक्षों को ध्यान में रखकर अपने वोट की ताकत का इस्तेमाल करती है।






